मेट्रो से पहले बनेगी यूनिफाइड मेट्रोपोलिटन ट्रांसपोर्ट ऑथोरिटी

Updated at : 14 Oct 2018 8:55 AM (IST)
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मेट्रो से पहले बनेगी यूनिफाइड मेट्रोपोलिटन ट्रांसपोर्ट ऑथोरिटी

मेट्रो से पहले उमटा संभालेगी शहर के व्यवस्थित ट्रैफिक की जिम्मेदारी पटना : पटना मेट्रो का परिचालन शुरू होने पर शहर में बढ़ने वाले ट्रैफिक के संभावित दबाव को ध्यान में रखते हुए नगर विकास एवं आवास विभाग ने यूनिफाईड मेट्रोपोलिटन ट्रांसपोर्ट ऑथोरिटी (उमटा) के गठन की कवायद शुरू कर दी है. इसको लेकर विभाग […]

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मेट्रो से पहले उमटा संभालेगी शहर के व्यवस्थित ट्रैफिक की जिम्मेदारी
पटना : पटना मेट्रो का परिचालन शुरू होने पर शहर में बढ़ने वाले ट्रैफिक के संभावित दबाव को ध्यान में रखते हुए नगर विकास एवं आवास विभाग ने यूनिफाईड मेट्रोपोलिटन ट्रांसपोर्ट ऑथोरिटी (उमटा) के गठन की कवायद शुरू कर दी है. इसको लेकर विभाग ने एनआईयूए (नेशनल इंस्टीच्युट ऑफ अर्बन अफेयर्स) और आईयूटी (इंस्टीट्यूट ऑफ अर्बन ट्रांसपोर्टेशन) को चिट्ठी लिख कर तकनीकी सहयोग मांग है. केंद्रीय मेट्रो पॉलिसी 2017 के मुताबिक मेट्रो की मंजूरी वाले शहरों में एक साल के भीतर इस प्राधिकार का गठन किया जाना अनिवार्य है. वर्तमान में सिर्फ भोपाल ही इसके गठन की तैयारी में जुटी है.
परिवहन प्रबंधन से लेकर किराया तय करने का अधिकार : भविष्य में पटना शहर में परिवहन प्रबंधन की पूरी जिम्मेदारी उमटा पर होगी. इसमें राज्य सरकार द्वारा नामित अध्यक्ष के अलावा विकास प्राधिकार, नगर विकास, पटना नगर निगम, परिवहन विभाग, वित्त विभाग, परिवहन निगम, बिहार पुलिस, पटना मेट्रो, प्रदूषण नियंत्रण पर्षद व बिजली कंपनी के नामित पदाधिकारी सदस्य होंगे. विशेष आमंत्रित
सदस्य के तौर पर केंद्रीय एजेंसियों एयरपोर्ट अथॉरिटी, एनएच, जलमार्ग प्राधिकरण तथा ट्रैफिक व परिवहन के विशेषज्ञ भी इसमें शामिल रहेंगे. यह प्राधिकार मेट्रो के अलावा शहर के अंदर सभी तरह के आधारभूत परिवहन व्यवस्था के संचालन का काम करेगी. यह शहरी आधारभूत परिवहन में निवेश, फंड मैनेजमेंट एवं विभिन्न शहरी परिवहन एजेंसियों के साथ संयोजन का काम करेगी. प्राधिकार शहर के व्यवस्थित विकास को लेकर भी अपने सुझाव देगा.
ये होंगी जिम्मेदारियां
मेट्रो की शुरुआत होने पर परिवहन व्यवस्था को मैनेज करना चुनौती होगी. ऐसे में उमटा यह सुनिश्चित करेगा कि यात्रियों को एंड-टू-एंड कनेक्टिविटी मिले. मतलब प्रत्येक मेट्रो स्टेशन या सार्वजनिक स्थल से शहर के दूसरे हिस्सों के लिए ऑटो, बस आदि सार्वजनिक परिवहन की सुगम व्यवस्था हो. यही प्राधिकार किराया तय करेगा. गठन के बाद उमटा सबसे पहले शहर का कम्प्रिहेंसिव मोबलिटी प्लान तैयार करेगी. इसमें सड़कों पर वर्तमान दबाव के साथ ही मेट्रो शुरू होने पर पड़ने वाले दबाव का अध्ययन करते हुए उसके हिसाब से नीति तैयार की जायेगी.
फिलहाल नगर विकास विभाग उमटा का संलेख तैयार करने में जुटा है. इसके बाद उसे कैबिनेट से मंजूर करा कर जल्द से जल्द अस्तित्व में लाने का प्रयास किया जायेगा.
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