ePaper

सीएम नीतीश कुमार ने पुलिस को दिया आदेश- सांप्रदायिक तनाव की घटनाओं का हो विश्लेषण, डीएम-एसपी रखें नजर

Updated at : 13 Sep 2018 7:35 AM (IST)
विज्ञापन
सीएम नीतीश कुमार ने पुलिस को दिया आदेश- सांप्रदायिक तनाव की घटनाओं का हो विश्लेषण, डीएम-एसपी रखें नजर

पटना : कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए राज्य में पुलिस थानों के बीच अब सीमा विवाद नहीं होगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पुलिस को आदेश दिया है कि वह किसी भी मामले में फरियादी को वापस नहीं भेजेगी. पुलिस मुकदमा दर्ज करेगी और जिस थाना क्षेत्र की घटना है उस थाने को केस […]

विज्ञापन

पटना : कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए राज्य में पुलिस थानों के बीच अब सीमा विवाद नहीं होगा. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पुलिस को आदेश दिया है कि वह किसी भी मामले में फरियादी को वापस नहीं भेजेगी. पुलिस मुकदमा दर्ज करेगी और जिस थाना क्षेत्र की घटना है उस थाने को केस ट्रांसफर कर देगी. एफआईआर नहीं करने वाले थानेदारों पर कार्रवाई होगी. साथ ही मुख्यमंत्री ने आला अधिकारियों को निर्देश दिया कि वह राज्य में सांप्रदायिक तनाव की घटनाओं का विश्लेषण करें. आखिर क्या कारण है कि जिन स्थानों पर पहले तनाव की घटनाएं घटित होती थीं वहां काफी कमी आयी.

नयी जगहों पर इस तरह की घटनाएं हो रही हैं. उन्होंने कहा कि जो संवेदनशील इलाके हैं, उन पर विशेष तौर पर निगरानी बनाये रखने की जरूरत है. ऐसी जगहों का डीएम और एसपी विजिट कर शांति समिति के लोगों के साथ संवाद करें. दशहरा और मुहर्रम का त्योहार करीब है. इसको देखते हुए अभी से ही क्षेत्रीय अधिकारियों को संवेदनशील किया जाना चाहिए. सीएम ने कहा कि भूमि विवादों को खत्म करने के लिए प्रत्येक शनिवार को सीओ और एसएचओ संयुक्त बैठक कर क्षेत्र के भूमि विवाद निबटायेंगे. यदि कोई जटिल मामला है तो जिला स्तर के पदाधिकारियों को इससे अवगत करायेंगे.उन्होंने मुख्य सचिव, प्रधान सचिव गृह और डीजीपी को सभी जिलाधिकारियों से इस दिशा में संवाद करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक घटनाओं का त्वरित ट्रायल कराकर दोषियों को सजा दिलाने की दिशा में तेजी से काम करने की आवश्यकता है. इससे कोई समझौता नहीं होगा. चाहे वह कोई भी क्यों न हो.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को 1 अणे मार्ग स्थित नेक संवाद में विधि व्यवस्था से संबंधित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. समीक्षा बैठक में अपराध नियंत्रण, विधि व्यवस्था में सुधार, पेशेवर अपराधियों की गतिविधियां, पुलिस की गश्ती, पुलिस प्रशिक्षण, सांप्रदायिक तत्वों के विरुद्ध कार्रवाई, महिला एवं छात्रावासों की सुरक्षा, साइबर क्राइम, आर्थिक अपराध, नक्सली गतिविधियों पर रोक, लूट, हत्या, अपराध, बलात्कार, रेल एवं बैंक डकैती, वाहन चोरी, वायरल वीडियो कांड, एससी/एसटी के विरुद्ध आपराधिक घटनाओं सहित अनेक ज्वलंत मुद्दों पर विस्तृत समीक्षा की गयी. बैठक में सभी प्रमंडलीय आयुक्त, डीआईजी, जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक भी वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़े हुए थे.

रूल ऑफ लॉ को दुरुस्त रखें
सरकार का संवैधानिक दायित्व है कि वह रूल ऑफ लॉ को दुरुस्त रखें. सीएम ने कहा कि वर्ष 2006 में जनता का दरबार कार्यक्रम के बाद वर्ष 2016 में लोक शिकायत निवारण अधिकार कानून लागू किया गया, जिसमें यह देखा गया कि बिहार में 60 प्रतिशत से अधिक भूमि विवाद से जुड़े मामले हैं. इसका समाधान हर हाल में सुनिश्चित करना होगा. उन्होंने कहा कि इंटेलिजेंस के काम में लगे लोगों द्वारा सही जानकारी दिये जाने पर उन्हें पुरस्कृत किया जायेगा. इससे अन्य लोग भी प्रेरित होंगे और अच्छा काम करेंगे. उन्होंने कहा कि तकनीक का दुरुपयोग कर वाहनों के फर्जी कागजात बनाने वाले रैकेटियर को चिह्नित कर उन पर पुलिस प्रशासन सख्त कार्रवाई करे.

हर थाने में वाहन की व्यवस्था
पुलिस अधिकारियों को निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि थाने से लेकर आईजी कार्यालय तक कितने वाहनों की आवश्यकता है, इसे तत्काल चिह्नित कर इस दिशा में सकारात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए. मुख्य सचिव दीपक कुमार ने कहा कि प्रत्येक थाने में दूरभाष की सुविधा, थाने की कार्य कुशलता का अनुश्रवण, वारंटों का न्यायालय से मिलान कर मॉनिटरिंग, प्रत्येक थाने में एक कम्प्यूटर ऑपरेटर और आईटी सेटअप की सुविधा, प्रत्येक थाने में दो वाहन की व्यवस्था, थाने में आगंतुकों के बैठने की व्यवस्था, थाना प्रभारी को सहयोग करने के लिए हर थाने में एक थाना मैनेजर, थाने में ऑनलाइन प्रविष्टियां करने की सुविधा उपलब्ध कराने हेतु आवश्यक कार्रवाई अविलंब सुनिश्चित की जाये. इसके अतिरिक्त किसी भी पीड़ित व्यक्ति को दूसरे थाने का मामला बताकर उसे लौटाने की बजाय उसे थाने में मामला दर्ज कर उस मामले को संबंधित थाने मे रेफर करने की व्यवस्था सुनिश्चित होगी. समीक्षा बैठक में पुलिस मुख्यालय द्वारा अपराध नियंत्रण एवं विधि व्यवस्था संधारण के संबंध में पावर प्वाइंट प्रजेंटेंशन के माध्यम से विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया. समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक केएस दिवेदी, प्रधान सचिव गृह आमिर सुबाहानी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अतीश चंद्रा, मुख्यमंत्री के सचिव मनीष कुमार वर्मा, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार सहित राज्य पुलिस मुख्यालय के सभी वरीय अधिकारी तथा सभी प्रक्षेत्रों के आईजी उपस्थिति थे.

हर थाने में प्रत्येक कार्य के लिए होगी अलग- टीम
थानों में अब बजट की कमी नहीं रहेगी. अपराध, विधि व्यवस्था और अनुसंधान के लिए अलग- अलग टीम गठित की जायेगी. इसके लिए जल्दी ही रिक्त पदों को भर लिया जायेगा. थानों के कार्यालय व्यय और अन्य संसाधनों के लिए पर्याप्त धन और दो अच्छे वाहन उपलब्ध कराये जायेंगे. फरियादियों का थाने में स्वागत होगा. उनकी सहूलियत के लिए हर थाने में कुर्सी , टेबिल, अखबार आदि का इंतजाम होगा. जिन मामलों में चार्जशीट दाखिल हो गयी है उनमें स्पीडी ट्रायल और अभियोजन की स्वीकृत में तेजी लायी जायेगी. गृह विभाग के प्रधान सचिव आमिर सुबहानी ने बुधवार की शाम को मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक में कानून व्यवस्था को बनाये रखने को लेकर लिये गये निर्णयों से मीडिया काे अवगत कराया. उन्होंने कहा कि पिछली समीक्षा बैठक के बाद 353 थाना प्रभारियों पर कार्रवाई की गयी है . इससे अपराध रुका है. मॉब लिचिंग को लेकर प्रधान सचिव ने बताया कि प्रत्येक मामले में सरकार ने शपथ पत्र के साथ अपना पक्ष दाखिल कर दिया है. इसे रोकने को क्या- क्या किया है इससे भी सुप्रीम कोर्ट को अवगत करा दिया गया है. राज्य में विधि व्यवस्था पूरी तरह से नियंत्रण में है.

मॉब लिचिंग को लेकर सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किया जवाब

मॉब लिचिंग को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश से बिहार सरकार ने कदम उठाये हैं. गृह विभाग के प्रधान सचिव आमिर सुबहानी ने बताया कि बुधवार की मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक से पहले ही सरकार की ओर से माॅब लिचिंग को लेकर विस्तृत निर्देश दिये गये थे. उचित कदम उठाये गये थे. सभी मामलों पर शपथ पत्र के साथ सुप्रीम कोर्ट में जवाब भी दाखिल किया गया है. पिछले हफ्ते जो सुनवाई हुई है उसमें बिहार भी जवाब दाखिल करने वाले राज्यों में शामिल था. बिहार ने कोर्ट के निर्देशों का अनुपालन करते हुए जवाब दाखिल किया है. आगे भी सरकार इस पर तत्पर रहेगी.

समीक्षा बैठक के खास बिंदु

रंगे हाथ घूस लेते पकड़े जाने वाले पुलिस कर्मियों पर आपराधिक मुकदमा भी दर्ज होगा

हर शनिवार को अंचल अधिकारी और थानाध्यक्ष संयुक्त रूप से भूमि विवाद निबटायेंगे

अपराध के मामलों में थानों की मॉनीटरिंग की जायेगी.

पुराने मामलों का अनुसंधान पहले किया जायेगा.

सबसे खराब काम करने वाले 100 थानों के 353 अधिकारियों पर कार्रवाई

प्रत्येक थाने में अपराध की, अनुसंधान और विधि व्यवस्था के लिए अलग- अलग टीम रहेगी.

स्पीडी ट्रायल के लिए न्यायपालिका से अनुरोध

हर थाने में एक टेलीफोन लाइन (लैंडलाइन नंबर) होगी

बालू माफिया का पुलिस पर हमला असहनीय
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बालू माफिया, भू माफिया और अन्य असामाजिक तत्वों द्वारा पुलिस पर किये जा रहे हमले चिंताजनक हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस पर हमला करने वालों तत्वों के खिलाफ सख्त एवं त्वरित कार्रवाई की जाये. यह इनटोलेरेबल है. उन्होंने कहा कि वर्ष 2006 में बिहार में तीन तरह के थाने चिह्नित कर प्रत्येक थानों में रेवोल्विंग फंड की व्यवस्था निश्चित की गयी थी. यह हर हाल में उपलब्ध होना चाहिए ताकि समय और जरूरत की चीजों को खरीदा जा सके. उन्होंने कहा कि नंबर ऑफ क्राइम के साथ ही नेचर ऑफ क्राइम का विश्लेषण किया जाना चाहिए. नेशनल लेवल पर जो नयी तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है, उसे भी देख लीजिये. तय समय सीमा के अंदर एफएसएल जांच का काम पूरा हो, यह हर हाल में सुनिश्चित होना चाहिए. उन्होंने निर्देश दिया कि लॉ एंड आर्डर और इन्वेस्टीगेशन को अलग करने का प्रावधान सुनिश्चित किया जाये. इसे अविलंब लागू किया जाये.

ये भी जानें

अब किसी भी थाने में दर्ज करा सकेंगे एफआईआर

मुख्यमंत्री ने विधि व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा की

त्योहारों को लेकर शांति व्यवस्था करें सुनिश्चित

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन