विकास के नए मानक गढ़ रहा बिहार, 20 साल में 13 गुना बढ़ी आय, गरीबी घटाने में देश में बना नंबर-1
Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 12 Jun 2026 6:18 PM
सीएम सम्राट चौधरी की फाइल फोटो
Bihar Government: पिछले दो दशकों में बिहार ने विकास के कई अहम मानकों पर बड़ी छलांग लगाई है. योजना एवं विकास विभाग की रिपोर्ट के अनुसार राज्य में प्रति व्यक्ति आय 13 गुना बढ़ी है, बहुआयामी गरीबी में देश में सबसे तेज कमी आई है और मानव विकास सूचकांक (HDI) में भी बिहार का सुधार राष्ट्रीय औसत से बेहतर रहा है.
Bihar Government: बिहार सरकार के योजना एवं विकास विभाग ने राज्य की विकास यात्रा को लेकर महत्वपूर्ण आंकड़े जारी किए हैं. विभाग का दावा है कि पिछले 20 वर्षों में बिहार ने मानव विकास, गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है. रिपोर्ट के अनुसार, बिहार अब सामाजिक और आर्थिक विकास के कई मानकों पर तेजी से आगे बढ़ रहा है.
मानव विकास सूचकांक में बड़ा सुधार
मानव विकास सूचकांक (HDI) में बिहार ने राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है. वर्ष 2006 में बिहार का HDI 0.485 था, जो 2023 में बढ़कर 0.614 हो गया. इस दौरान राज्य में लगभग 27 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह वृद्धि 23 प्रतिशत रही.
गरीबी कम करने में बिहार देश में सबसे आगे
नीति आयोग के बहुआयामी गरीबी सूचकांक (MPI) के अनुसार बिहार ने गरीबी कम करने में देश में सबसे बेहतर प्रदर्शन किया है. वर्ष 2015-16 में राज्य की बहुआयामी गरीबी दर 51.89 प्रतिशत थी, जो 2019-21 में घटकर 33.76 प्रतिशत रह गई. यानी करीब 18.13 प्रतिशत अंक की कमी आई. राष्ट्रीय स्तर पर इसी अवधि में गरीबी में 9.89 प्रतिशत अंक की कमी दर्ज की गई थी. इस तरह बिहार का प्रदर्शन राष्ट्रीय औसत से लगभग दोगुना रहा.
20 साल में 13 गुना बढ़ी प्रति व्यक्ति आय
राज्य की आर्थिक स्थिति में भी बड़ा सुधार देखने को मिला है. वर्ष 2004 में बिहार की प्रति व्यक्ति आय केवल 5,780 रुपये थी. यह 2024-25 में बढ़कर 76,490 रुपये हो गई है. यानी पिछले 20 वर्षों में प्रति व्यक्ति आय में लगभग 13 गुना वृद्धि हुई है.
विकास कार्यों पर बढ़ा खर्च
बिहार सरकार ने विकास योजनाओं पर खर्च में लगातार बढ़ोतरी की है. प्रति व्यक्ति विकास व्यय 2005-06 में 1,463 रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 13,279 रुपये हो गया. इसी अवधि में स्वास्थ्य पर खर्च 14.8 गुना और शिक्षा पर खर्च 13.2 गुना बढ़ा है.
स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा सुधार
राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हुआ है. संस्थागत प्रसव का प्रतिशत 2005-06 में 19.9 प्रतिशत था, जो 2023-24 में बढ़कर 81.1 प्रतिशत हो गया है. जन्म के समय औसत जीवन प्रतिशत भी 64.2 वर्ष से बढ़कर 69.5 वर्ष हो गई है.
बच्चों के पोषण स्तर में सुधार
बच्चों के पोषण से जुड़े आंकड़ों में भी सकारात्मक बदलाव आया है. ठिगनापन (Stunting) में 20 प्रतिशत अंक की कमी दर्ज की गई है. वहीं कम वजन वाले बच्चों की संख्या में 20.2 प्रतिशत अंक और क्षीणता (Wasting) में 8.1 प्रतिशत अंक की कमी आई है. यह सुधार राष्ट्रीय औसत से बेहतर बताया गया है.
बेरोजगारी दर राष्ट्रीय औसत से कम
पीरियॉडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) 2024 के अनुसार बिहार की बेरोजगारी दर 3 प्रतिशत है. यह राष्ट्रीय औसत 3.2 प्रतिशत से कम है. सरकार का दावा है कि राज्य में रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं.
SDG रैंकिंग में भी बिहार की छलांग
सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के मामले में भी बिहार ने प्रगति की है. स्वच्छ जल और स्वच्छता (SDG-6) के क्षेत्र में बिहार 98 अंकों के साथ देश में तीसरे स्थान पर रहा. अच्छे स्वास्थ्य और कल्याण (SDG-3) में राज्य का स्कोर 2018-19 के 44 से बढ़कर 2023-24 में 67 हो गया है. इसके साथ ही बिहार ‘Aspirant’ श्रेणी से निकलकर ‘Front Runner’ श्रेणी में पहुंच गया है. सरकार का दावा है कि आने वाले वर्षों में बिहार विकास के नए मानक स्थापित करेगा.
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By Abhinandan Pandey
अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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