जदयू का विपक्षी दलों को चुनौती : नीतीश नहीं देंगे इस्तीफा, विधानसभा में अपदस्थ करके दिखाएं

Updated at : 05 Aug 2018 5:25 PM (IST)
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जदयू का विपक्षी दलों को चुनौती : नीतीश नहीं देंगे इस्तीफा, विधानसभा में अपदस्थ करके दिखाएं

नयी दिल्ली : मुजफ्फरपुर बालिका आश्रय गृह बलात्कार मामले को लेकर विपक्ष की ओर से तीखे हमलों का सामना कर रहे जनता दल (यूनाइटेड) ने आज कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे और पार्टी उच्चतम न्यायालय की निगरानी में मामले की जांच को तैयार है.नीतीश कुमार के इस्तीफे की मांग को खारिज करते […]

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नयी दिल्ली : मुजफ्फरपुर बालिका आश्रय गृह बलात्कार मामले को लेकर विपक्ष की ओर से तीखे हमलों का सामना कर रहे जनता दल (यूनाइटेड) ने आज कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे और पार्टी उच्चतम न्यायालय की निगरानी में मामले की जांच को तैयार है.नीतीश कुमार के इस्तीफे की मांग को खारिज करते हुए वरिष्ठ जदयू नेता केसी त्यागी ने यहां जंतर-मंतर पर कल राजद द्वारा आयोजित प्रदर्शन में शामिल होने पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी सहित विपक्षी नेताओं की निंदा की.

केसी त्यागी ने कहा कि बिहार में हुई ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक” घटना से ‘‘राजनीतिक लाभ” उठाने के लिए यह संबंधित दलों का एक ‘‘मित्रता दिवस” था. उन्होंने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘बच्चियों से बलात्कार राजग सरकार और नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार के खिलाफ विपक्षी दलों के लिए एकता तथा उनका (कुमार) इस्तीफा मांगने का मुद्दा कैसे हो सकता है. बिहार में असहाय पीड़िताओं को लेकर यह राजनीति अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण चीज है.”

जदयू के वरिष्ठ नेता ने कहा कि विपक्ष की मांग के बावजूद नीतीश बिहार के मुख्यमंत्री पद से कभी इस्तीफा नहीं देंगे. त्यागी ने विपक्षी दलों को चुनौती दी कि वे नीतीश कुमार को विधानसभा में अपदस्थ करके दिखाएं. उन्होंने कहा, ‘‘नीतीश एक संवेदनशील व्यक्ति हैं और घटना को लेकर लज्जित महसूस कर रहे हैं जिसे विपक्षी दल उनकी अंतरात्मा पर चोट करने के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं. लेकिन, वह कभी भी इस्तीफा नहीं देंगे, हम उन्हें ऐसा नहीं करने देंगे.”

केसीत्यागी ने कहा कि नीतीश के इस्तीफे की मांग बालू माफिया और शराब माफिया की ‘‘मदद” पर केंद्रित है जिन पर राज्य सरकार ने प्रभावी तरीके से रोक लगायी है. त्यागी ने राहुल गांधी की आलोचना की और कहा कि जंतर मंतर पर राजद के विरोध प्रदर्शन में उनका शामिल होना ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण” है. उन्होंने कहा, ‘‘मैं सीताराम येचुरी और डी राजा की भी निंदा करता हूं जिन्होंने जेएनयू अध्यक्ष चंद्रशेखर और पूर्णिया के विधायक अजीत सरकार की हत्याओं को भुला दिया और राजद के प्रदर्शन में शामिल हो गये.”

जदयू के राज्यसभा सदस्य और पार्टी प्रवक्ता त्यागी ने कहा कि नीतीश कुमार ने मामले की जांच की निगरानी के लिए पटना उच्च न्यायालय को लिखा था और जोर दिया कि पार्टी यहां तक कि उच्चतम न्यायालय की निगरानी में भी जांच को तैयार है. उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने आरोपी के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की और राजद तथा विपक्षी दलों की इच्छा के अनुरूप घटना की सीबीआई जांच की सिफारिश की.

केसी त्यागी ने कहा कि तब भी विपक्षी दल घटना का इस्तेमाल झूठ फैलाने के लिए कर रहे हैं तथा राजनीतिक उद्देश्यों और बालू एवं शराब माफिया, जिन पर राज्य की नीतीश सरकार ने प्रभावी रोक लगायी है, की मदद के लिए षड्यंत्र की कहानियां गढ़ रहे हैं. जदयू नेता ने आरोप लगाया कि विपक्षी दल जदयू तथा नीतीश कुमार को हटाकर राज्य में ‘‘अराजकता” तथा ‘‘जंगल राज” की वापसी चाहते हैं. त्यागी ने यह मांग भी की कि देश में बच्चों से संबंधित सभी आश्रय गृहों की जांच उच्चतम न्यायालय की समिति की निगरानी में करायी जानी चाहिए.

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