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दर्जन भर कॉलेजों के संबंधन प्रस्ताव पर यूनिवर्सिटी ने लगाई रोक

Updated at : 19 Nov 2025 8:01 PM (IST)
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दर्जन भर कॉलेजों के संबंधन प्रस्ताव पर यूनिवर्सिटी ने लगाई रोक

University put a stay on the affiliation proposal

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वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुर

विश्वविद्यालय स्तर पर दर्जन भर से अधिक कॉलेजों के संबंधन प्रस्तावों को रोक दिया गया है, भले ही ये प्रस्ताव सीनेट से स्वीकृत हो चुके थे. इन प्रस्तावों को रोकने का मुख्य कारण दस्तावेजों में कमी और जांच मानकों का पूरा न होना है. इंस्पेक्टर ऑफ कॉलेज डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि कुछ कॉलेजों के प्रस्ताव में जमीन संबंधी जरूरी डॉक्यूमेंट्स की कमी पाई गई, जबकि कुछ अन्य प्रस्तावों में मानक के अनुसार तीन के बजाय केवल दो सदस्यों की ही जांच रिपोर्ट संलग्न थी. मानक पूरा करने वाले कॉलेजों के प्रस्ताव ही विभाग को भेजे गए हैं. विश्वविद्यालय ने स्पष्ट किया है कि केवल पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने वाले कॉलेजों के संबंधन पर ही निर्णय लिया जाएगा. यह निर्देश इसलिए दिया गया है क्योंकि पिछले साल कई कॉलेजों ने नये कोर्स या विषय की मान्यता के लिए सीधे प्रस्ताव भेज दिए थे, लेकिन पोर्टल पर आवेदन न होने के कारण उन पर विचार नहीं हो सका था.

संबंधन विस्तार, स्थायी मान्यता नहीं

कुल 18 कॉलेजों के नये संबंधन और 13 कॉलेजों के स्थायी संबंधन के लिए आवेदन प्राप्त हुए थे. हालांकि, इंफ्रास्ट्रक्चर, भवन और भूमि की विस्तृत जांच के बाद कई कॉलेजों को स्थायी संबंधन के बजाय केवल संबंधन विस्तार दिया गया है, क्योंकि वे निर्धारित मानकों को पूरा नहीं कर पाए. इसके अतिरिक्त, वोकेशनल कोर्सेस के लिए दिए गए दस प्रस्तावों में से दो विभाग के स्तर पर अभी भी लंबित हैं.

नये सत्र के लिए आवेदन शुरू, दिशा-निर्देश नहीं

इस बीच, विभाग ने शैक्षणिक सत्र 2026-30 के लिए कॉलेजों के संबंधन के लिए पोर्टल खोल दिया है. करीब एक सप्ताह से आवेदन की प्रक्रिया चल रही है. हालांकि, विडंबना यह है कि विश्वविद्यालय की ओर से अब तक आवेदन संबंधी कोई आधिकारिक गाइडलाइन जारी नहीं की गई है, जिससे कॉलेजों में असमंजस की स्थिति है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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