महिला और बाल सुरक्षा को लेकर नगर थाने का औचक निरीक्षण, निदेशक ने दिये अहम निर्देश
Published by : CHANDAN Updated At : 18 Jul 2025 8:38 PM
Surprise inspection of city police station
: भारत सरकार के महिला एवं बाल सुरक्षा विभाग के निदेशक पहुंचे शहर : महिला हेल्प डेस्क, डायल 112, व बाल कल्याण यूनिट का किया निरीक्षण संवाददाता, मुजफ्फरपुर भारत सरकार के महिला एवं बाल सुरक्षा विभाग के निदेशक दयाशंकर कुमार ने शुक्रवार को नगर थाने का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने थाने में महिलाओं से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई को लेकर बनायी गयी महिला हेल्प डेस्क और बच्चों से जुड़े मामलों में पुलिस की ओर से की स्थिति का जायजा लिया. थानेदार इंस्पेक्टर शरत कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मियों को कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए. निरीक्षण के दौरान निदेशक ने विशेष रूप से महिला हेल्प डेस्क और बाल कल्याण पुलिस अधिकारी की भूमिका पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि महिला और बच्चों से संबंधित शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और उन पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. उन्होंने पीड़ितों को संवेदनशीलता के साथ सुनने और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया. डायल 112 सेवा की कार्यप्रणाली पर भी निदेशक ने विशेष ध्यान दिया. उन्होंने थानेदार को निर्देश दिया कि डायल 112 पर आने वाली हर कॉल की सघन मॉनिटरिंग की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि इमरजेंसी सेवाओं तक पहुंचने में कोई देरी न हो. उन्होंने कहा कि इस सेवा का मुख्य उद्देश्य संकट में फंसे लोगों को त्वरित सहायता पहुंचाना है और इसमें किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. थाना में महिला हेल्प डेस्क के लिए अलग से कमरा आवंटित करने का आदेश दिया है. वहां उनके बैठने की समुचित व्यवस्था करने को कहा है ताकि महिलाएं निर्भीक होकर अपनी पीड़ा पुलिस पदाधिकारियों को सुना सके. वन स्टॉप सेंटर से आवश्यकतानुसार सहायता प्राप्त करने को कहा है. साथ ही एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की मदद से ट्रैफिकिंग, बाल श्रम रोकने को लेकर अभियान चलाने को कहा है. निदेशक ने पुलिसकर्मियों को बच्चों के साथ होने वाले अपराधों, विशेषकर यौन शोषण और बाल श्रम जैसे मामलों में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिये. उन्होंने जागरूकता अभियानों के माध्यम से भी लोगों को इन मुद्दों के प्रति संवेदनशील बनाने की आवश्यकता पर बल दिया. इस निरीक्षण का उद्देश्य महिला और बच्चों के प्रति पुलिस की संवेदनशीलता और जवाबदेही को बढ़ाना था.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










