हॉस्टलों में रहनेवालों का बनेगा रिकॉर्ड

A record will be made of those living in hostels.
विवि में हॉस्टल कमेटी के सदस्यों के साथ हुई बैठक
वरीय संवाददाता, मुजफ्फरपुरबीआरएबीयू छात्रावासों में रहनेवाले सभी छात्र-छात्राओं का विस्तृत रिकॉर्ड तैयार करने का फैसला किया है. कुलपति के निर्देश पर यह कदम हॉस्टल प्रबंधन को व्यवस्थित करने व सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है. इस नयी व्यवस्था के तहत हॉस्टल में रहने वाले प्रत्येक विद्यार्थी से जुड़ी पूरी जानकारी संकलित करेगा. इस रिकॉर्ड में विद्यार्थी का मोबाइल नंबर, इ-मेल आइडी, हॉस्टल में आवंटित कमरा नंबर व उनके अभिभावक (पिता) का मोबाइल नंबर शामिल होगा. इसके अलावा, आधार नंबर सहित अन्य जानकारी भी जुटायी जायेगी. डीएसडब्ल्यू प्रो आलोक प्रताप सिंह ने इस कार्य के लिए गर्ल्स व ब्वाॅयज हॉस्टल के लिए अलग-अलग कमेटियां बनायी हैं. गुरुवार को उन्होंने गर्ल्स हॉस्टल कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक की और जानकारी जुटाने के लिए तैयार किये गये एक्सल शीट फॉर्मेट को अंतिम रूप दिया.
कमेटी हॉस्टलों का निरीक्षण करेगी
चूंकि विवि में हॉस्टल का आवंटन नामांकन के आधार पर होता है और छात्रों की पूरी जानकारी अक्सर रिकॉर्ड में अपडेट नहीं होती, इसलिए कमेटी के सदस्य हॉस्टलों में जाकर छात्र-छात्राओं से व्यक्तिगत रूप से जानकारी एकत्र करेंगे. इस दौरान यह भी जांच की जायेगी कि कोई छात्र या छात्रा अनाधिकृत रूप से तो नहीं रह रहा है या उन्हें आवंटित कमरे में ही रह रहा है या नहीं, प्रो. सिंह ने बताया कि गर्ल्स हॉस्टल के लिए बनी कमेटी (जिसमें प्रो रंजना, प्रो कुसुम व प्रो पुष्पा शामिल हैं. वार्डन डॉ अर्चना की उपस्थिति में) जल्द ही यह प्रक्रिया शुरू करेगी. इसके बाद ब्वॉयज हॉस्टल कमेटी के साथ बैठक कर लड़कों के हॉस्टल में भी यह प्रक्रिया शुरू की जायेगी. यह विस्तृत रिकॉर्ड विवि के आधिकारिक डेटाबेस में सुरक्षित रखा जायेगा.
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