मुजफ्फरपुर में हड्डियां और नरमुंड मिलने से सनसनी, जानें पूरा मामला

Updated at : 23 Jun 2019 7:10 AM (IST)
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मुजफ्फरपुर में हड्डियां और नरमुंड मिलने से सनसनी, जानें पूरा मामला

मुजफ्फरपुर : एसकेएमसीएच परिसर के वन विभाग के जंगल में शनिवार काे शव की जली हुई हड्डियां व नरमुंड मिलने से सनसनी फैल गयी. छानबीन में पता चला कि 19 अज्ञात शवों का वन विभाग के परिसर में ही 17 जून को अंतिम संस्कार कर दिया गया था. ये अज्ञात शव अलग-अलग थाना क्षेत्रों से […]

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मुजफ्फरपुर : एसकेएमसीएच परिसर के वन विभाग के जंगल में शनिवार काे शव की जली हुई हड्डियां व नरमुंड मिलने से सनसनी फैल गयी. छानबीन में पता चला कि 19 अज्ञात शवों का वन विभाग के परिसर में ही 17 जून को अंतिम संस्कार कर दिया गया था. ये अज्ञात शव अलग-अलग थाना क्षेत्रों से अप्रैल से लेकर अब तक बरामद किये गये थे. इस मामले की जांच का आदेश दिया गया है.
दोपहर में जैसे ही बड़ी संख्या में हड्डियां मिलने की सूचना मिली, महकमे में हड़कंप मच गया. तरह-तरह की चर्चा होने लगी. एसकेएमसीएच में चमकी बुखार से पीड़ित बच्चों के इलाज को लेकर कैंप कर रहे स्वास्थ्य विभाग के अपर सचिव कौशल किशोर ने अस्पताल अधीक्षक व प्राचार्य से मामले की जानकारी ली. प्राचार्य विकास कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर मौके पर भेजा.
इधर, डीएम अालाेक रंजन घाेष ने एसडीअाे पूर्वी कुंदन कुमार, सिटी एसपी नीरज कुमार सिंह व टाउन डीएसपी मुकुल रंजन काे माैके पर भेजते हुए जांच का निर्देश दिया. एसडीअाे पूर्वी कुंदन कुमार ने जांच के बाद बताया कि एफएमटी विभाग से मिले शवाें का ही दाह-संस्कार किया गया है. उन्हाेंने अहियापुर थानाध्यक्ष से एफएमटी विभाग द्वारा दी गयी सूची का भी अवलाेकन किया.
ओपी पुलिस की लापरवाही, मिले थे 38 हजार
एफएमटी विभाग के प्रभारी विपिन कुमार ने बताया कि उनका विभाग लावारिस शवों का सिर्फ कस्टाेडियन है. पाेस्टमार्टम के बाद शवाें काे पहचान के लिए 72 घंटे तक शवदाह गृह में नियमानुसार रखा जाता है.
इसके बाद जब किसी की पहचान नहीं होती या कोई दावेदार सामने नहीं आता है, तो शव के दाह संस्कार करने का नियम है. निकटवर्ती थाने की जिम्मेवारी होती है कि शव का अंतिम संस्कार कराये. 17 जून को अहियापुर पुलिस ने एक साथ एफएमटी विभाग से 19 अज्ञात शवों को रिसिव किया था. अहियापुर पुलिस के कहे जाने पर अस्पताल अधीक्षक ने दाह-संस्कार के लिए राेगी कल्याण समिति मद से प्रति शव दाे हजार रुपये के हिसाब से राशि निर्गत की थी. प्रथम दृष्टया इसे पुलिस की लापरवाही माना गया है.
अब दादर पुल के पास होगा अंतिम संस्कार
देर शाम डीएम आलोक रंजन घोष और एसएसपी मनोज कुमार ने पूरे मामले की जांच का आदेश देते हुए कहा कि अब दादर पुल के पास शवों का अंतिम संस्कार किया जायेगा
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