मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण का सर्वदलीय संगठन ने किया विरोध
Updated at : 04 Jul 2025 12:19 AM (IST)
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कहा कि यह पुनरीक्षण कार्य समाज के दलित, शोषित, अल्पसंख्यक, वंचित एवं दबे-कुचले लोगों के मताधिकार को छीनने की गहरी साजिश
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मुंगेर. भारत निर्वाचन आयोग द्वारा प्रारंभ मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का सर्वदलीय संगठन के नेताओं ने विरोध किया है. कहा कि यह पुनरीक्षण कार्य समाज के दलित, शोषित, अल्पसंख्यक, वंचित एवं दबे-कुचले लोगों के मताधिकार को छीनने की गहरी साजिश है. इसका सड़क पर उतरकर विरोध किया जाएगा.
शहर के बेलन बाजार में वीआईपी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष जफर अहमद के आवास पर गुरुवार को आयोजित सर्वदलीय संगठन की प्रेस वार्ता में जाप पार्टी के प्रदेश महासचिव फैसल अहमद रूमी, सर्वदलीय संगठन के अध्यक्ष संजय केसरी, जमीयत उलेमा-ए-हिंद मुंगेर इकाई के अध्यक्ष मौलाना अब्दुल्लाह बुखारी, राजद जिला अधिवक्ता प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष अनिल भूषण एवं जफर अहमद ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण भाजपा प्रायोजित तुगलकी फरमान है. इसका हर हाल में विरोध होगा. नेताओं ने कहा कि क्या चुनाव आयोग इस बात को स्वीकार करेगा कि इतने अल्प समय में मतदाता पुनरीक्षण का कार्य संपन्न हो पाएगा और फर्जी वोटरों की पहचान हो पायेगी. अगर इन सब गंभीर मुद्दों पर लोकसभा चुनाव के पूर्व ही विचार किया जाता तो आम जनमानस को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता. चुनाव आयोग के फरमान ने मतदाताओं के बीच में बेचैनी पैदा कर दी है. यह पुनरीक्षण कार्य समाज के दलित, शोषित, अल्पसंख्यक, वंचित एवं दबे कुचले लोगों के मताधिकार को छीनने की गहरी साजिश है. पूरा बिहार का अधिकांश क्षेत्र बाढ़ से ग्रसित क्षेत्र है. इसमें अधिकांश लोगों ने अपने कागजात को खो दिया है. इतने कम समय में जो लोग राज्य से बाहर रह रहे हैं, वे अपने कागज को कैसे प्रस्तुत करेंगे. क्या इन सब बातों का जवाब चुनाव आयोग के पास है. अगर नहीं तो अविलंब इस फरमान को वापस किया जाये, नहीं तो सड़क पर उतरकर विरोध किया जाएगा.वोट के अधिकार से वंचित करने की साजिश
मुंगेर. राजद के प्रदेश महासचिव प्रमोद कुमार यादव, मंटू शर्मा, शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश महासचिव नवीन कुमार यादव एवं सनोज यादव ने संयुक्त रूप से कहा है कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण गरीबों के मतदान के अधिकार को समाप्त करने की साजिश है. इसमें गरीबों, दलितों, अतिपिछड़ों, पिछड़ों एवं अकलियतों को चिन्हित कर वोट के संवैधानिक अधिकार से वंचित करने के लिए वोटर लिस्ट से नाम हटाने की योजना बनायी गयी है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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