लॉटरी का खेल परवान पर, रोज 25 लाख का कारोबार

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 08 Sep 2016 5:18 AM

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मुंगेर : मुंगेर में प्रतिबंधित लॉटरी का खेल परवान पर है. इस खेल के नशे में फंस चुके गरीब व मजदूर वर्ग के लोग लूट रहे है. जबकि कारोबारी मालोमाल हो रहे है. इस प्रतिबंधित खेल को रोकने की दिशा में कोई खास पहल भी पुलिस द्वारा नहीं की जा रही है. जबकि मुंगेर में […]

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मुंगेर : मुंगेर में प्रतिबंधित लॉटरी का खेल परवान पर है. इस खेल के नशे में फंस चुके गरीब व मजदूर वर्ग के लोग लूट रहे है. जबकि कारोबारी मालोमाल हो रहे है. इस प्रतिबंधित खेल को रोकने की दिशा में कोई खास पहल भी पुलिस द्वारा नहीं की जा रही है. जबकि मुंगेर में प्रतिदिन लगभग 25 लाख का कारोबार इस खेल के माध्यम से हो रहा.

इन जगहों पर होता है लॉटरी का खेल : यू तो मुंगेर के अलावे हवेली खड़गपुर व जमालपुर में भी प्रतिबंधित लॉटरी का खेल होता है. लेकिन मुंगेर में यह खेल बड़े पैमाने पर हो रहा. शहर के आजाद चौक, गुलजार पोखर, दो नंबर गुमटी, माधोपुर गर्ल्स स्कूल के पास, रिफ्यूजी कॉलोनी, नीलम चौक, श्रवण बाजार, इंदिरा चौक, सुभाष चौक, कटघर दारू गोदाम, बेकापुर मयूर चौक, बाटा चौक, दीन दयाल चौक, कोड़ा मैदान, अड़गरा रोड़, पूरबसराय ब्रह्मस्थान, पूरबसराय लाइन के इस पार, मकससपुर, साइकिल पट्टी में लॉटरी का खेल होता है.
भेंडर के माध्यम से होती है बिक्री : कारोबारी लॉटरी के टिकट का बिक्री जहां अस्थायी तौर पर पान की गुमटी, छोटे-मोटे कटरे के दुकान एवं चलते-फिरते किया जाता है. वहीं कारोबारी कमीशन पर भेंडर को बहाल कर रखा है. जो साइकिल में झोला टांग कर अपने ग्राहकों को लॉटरी का टिकट मुहैया कराता है. साथ ही शाम में लॉटरी का रिजल्ट भी उनके पास लेकर जाता है. उन्हें बताया जाता कि आज कितने नंबर के लॉटरी खरीदने वालों को ड्रा फंसा है.
दो तरह के लॉटरी की हो रही बिक्री : मुंगेर में दो तरह के लॉटरी टिकट का खेल होता है. एक लॉटरी का टिकट है जो नागालैंड स्टेट लॉटरी, सिक्किम, मिजोरम के नाम से बेचा जाता है. जिसमें 18 टिकट का दाम 180 रुपये होता है. जिसमें भेंडर को 16 रुपया दिया जाता है. जबकि दूसरा लॉटरी का टिकट जाली है. जिसे बिहार के लॉटरी माफिया खुद तैयार करता है और उसका भी नाम सिक्किम, मिजोरम, नागालैंड दे दिया जाता है और नंबर भी वही रहता है जो उन राज्यों के टिकट पर अंकित है. उसी खेल पर यहां विजेता को राशि दिया जाता है. क्योंकि यह जाली होता है. जाली टिकट अगर कोई भेंडर 30 रुपये का बेचता है तो उस पर तीन रुपये कमीशन मिलता है.
खड़गपुर का है लॉटरी का डिस्टीब्यूटर : पूरे बिहार में प्रतिबंधित लॉटरी के खेल को जो अंजाम दे रहा है वह बिहार शरीफ का रहने वाला है. जिसने सभी जिलों में अपना डिस्टब्यूटर रखा है. मुंगेर में जो डिस्टीब्यूटर है वह हवेली खड़गपुर का रहने वाला है. वह खुद जहां लॉटरी टिकट बेचने के लिए कई काउंटर को संचालित कर रहा है. वहीं मुंगेर व जमालपुर के दो लोगों को सब डिस्टब्यूटर बना रखा है. जो इस खेल को अंजाम दिला रहा है.
लुट रहे गरीब व मजदूर : लॉटरी के इस खेल तो हर तबके के लोग खेलते है. लेकिन इसका नशा सबसे अधिक गरीब व मजदूरों पर छाया हुआ है. अपनी गरीबी दूर करने का उनके सामने यही रास्ता सबसे सुलभ लगता है. रिक्शा चालक, ठेला चालक, ऑटो व वाहन चालक इस खेल से जुड़े हुए है. जो रोजाना अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा इस खेल में लुटाते हैं.
क्या कहते हैं एसपी
एसपी आशीष भारती ने बताया कि लॉटरी बेचने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाता है. हाल के दिनों में कुछ गिरफ्तारियां भी हुई है. वैसे सभी थानाध्यक्षों को निर्देश दिया गया है कि वे इस कारोबार पर विराम लगाये. अगर कहीं से भी पुलिस की सहभागिता हुई तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जायेगी.
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