श्रीमद्भागवत कथा श्रवण से परम पद की प्राप्ति होती है : लक्ष्मीकांत दाधीच

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 30 Apr 2016 8:20 AM

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मुंगेर : सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा पुराण का समापन शुक्रवार को पूरे भक्तिभाव के साथ किया गया. श्रीमद् भागवत कथा के समापन पर राजस्थान के पंडित लक्ष्मीकांत दाघीच ने अपने कथा से किया. उन्होंने भक्तों को बताया कि श्रीमद् भागवत पुराण का सौभाग्य सिर्फ मृत्यु लोक के प्राणियों को ही प्राप्त हुई है. इसके […]

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मुंगेर : सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा पुराण का समापन शुक्रवार को पूरे भक्तिभाव के साथ किया गया. श्रीमद् भागवत कथा के समापन पर राजस्थान के पंडित लक्ष्मीकांत दाघीच ने अपने कथा से किया. उन्होंने भक्तों को बताया कि श्रीमद् भागवत पुराण का सौभाग्य सिर्फ मृत्यु लोक के प्राणियों को ही प्राप्त हुई है. इसके मनन पूर्वक श्रवण से परम पद की प्राप्ति होती है.
धर्म प्रेमी शिवनंदन पोद्दार की ओर से आयोजित इस कथावाचन में पंडित लक्ष्मीकांत ने सृष्टि उत्पत्ति से कृष्ण के अवतरण एवं महाप्रयाण के बीच के घटनाक्रम का सार बताया. उन्होंने बताया कि योगेश्वर कृष्ण एक मात्र ऐसे अवतार हुए जो संपूर्ण कथाओं में पारंगत थे. वृंदावन की गोपियों के बीच अपूर्व रासलीला करते हुए भी काम वासना उसका स्पर्श नहीं कर सकी. उनके जीवन में जन्म से जो चमत्कार प्रारंभ हुआ वह हर घटनाक्रम में होते रहा. श्रीकृष्ण ने अपने दिव्य व परम शक्ति स्वरूप को दो बार विराट रूप से प्रदर्शित किया.
उन्होंने कहा कि बांके बिहारी ने सिर्फ पुण्य आत्मा जीव को ही नहीं बल्कि पानी और दुष्टों को भी मुक्ति प्रदान किया. उन्होंने कहा कि यज्ञ मानव जीवन में कीर्तन की गरिमा नारी के आगे अवगुणों तथा पुरुषों की मर्यादा एवं अहंकार, पुतना जैसी राक्षसी को मातृत्व प्रदान करना श्रीकृष्ण के लीलाओं में रहा. इस मौके पर अरुण गोयनका, विजय मधुलिका, निर्मल जालान, कृष्ण कुमार अग्रवाल, शिव कुमार रुंगटा, अरूण मोदी, अशोक सितारिया, मधुसूदन आत्मीय सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे.
योगाभ्यास से मानव हो जाता है नर से नारायण
असरगंज. सान्याल साधन धाम का स्थापना दिवस शुक्रवार को धाम के प्रांगण में धूमधाम से मनाया गया. गुरुदेव भूपेंद्रनाथ सान्याल की विशेष पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम प्रारंभ हुआ. तत्पश्चात श्रद्धालुओं ने सामूहिक गीता पाठ एवं योगीराज श्यामाचरण लाहड़ी के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित की गयी.
साधन धाम के संरक्षक डॉ मंगलनाथ पाठक ने कहा कि सान्याल साधन धाम की भूमि एवं आश्रम कि स्वीकृति जीवन काल में योगीराज भूपेंद्र नाथ ने दी थी. इस आश्रम में योग दीक्षा दी जाती है. अनेक लोग नित्य सुबह-शाम योगाभ्यास करते है. योगाभ्यास से मानव नर से नारायण हो जाता है. संसार के संयोग से वियोग का नाम योग है. शांत समरथ निज आनंद का बोध योग कि पूर्णता है. मौके पर अधिक लाल यादव, पवन केजरीवाल, सुनील केजरीवाल, विक्की जायसवाल सहित अन्य मौजूद थे.
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