Madhubani News. असफल रहा ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट का सातवां मॉकड्रिल

जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में लगाए गए ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट का सातवां मॉकड्रिल शनिवार को किया गया. लेकिन किसी भी ऑक्सीजन प्लांट का संचालन नहीं हो सका.
Madhubani News. मधुबनी. जिले के स्वास्थ्य संस्थानों में लगाए गए ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट का सातवां मॉकड्रिल शनिवार को किया गया. लेकिन किसी भी ऑक्सीजन प्लांट का संचालन नहीं हो सका. या यूं कहें कि स्वास्थ्य संस्थानों में लगा ऑक्सीजन प्लांट का मॉकड्रिल असफल रहा. इसमें विभाग की नाकामी भी सामने आयी. हालत यह रहा कि सदर अस्पताल सहित स्वास्थ्य संस्थानों में लगा ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट में मॉकड्रिल कारगर नहीं हो सका. कहीं प्योरिटी लेवल तो कहीं शॉर्ट सर्किट से नहीं हो पाया माकड्रिल सदर अस्पताल में स्थापित एक हजार एलपीएम क्षमता वाला पीएसए ऑक्सीजन प्लांट एवं अनुमंडलीय अस्पताल झंझारपुर में 400 एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट तकनीकी खराबी के कारण संचालित नहीं हो सका. वहीं अनुमंडलीय अस्पताल जयनगर का ऑक्सीजन प्लांट शार्ट सर्किट के कारण संचालित नहीं हो पाया. जबकि अनुमंडलीय अस्पताल फुलपरास में प्योरिटी लेवल का डिस्प्ले ही काम नहीं किया. विदित हो कि राज्य स्वास्थ्य समिति के प्रशासनिक पदाधिकारी सह प्रभारी प्रोक्योरमेंट राजेश कुमार ने सदर अस्पताल सहित जिले के पांच स्वास्थ्य संस्थानों में लगाए गए ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट को दुरुस्त रखने के लिए मॉकड्रिल से संबंधित सभी आवश्यक तैयारी करने का निर्देश सिविल सर्जन को दिया था. ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में बिना किसी व्यवधान के स्वास्थ्य संस्थानों में भर्ती मरीजों को ऑक्सीजन की आपूर्ति बेड पर हो सके. लेकिन विडंबना यह है की जिला सहित सभी स्वास्थ्य संस्थानों में ऑक्सीजन कंसंट्रेटर व सिलिंडर की सहायता से भर्ती मरीजों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा रही है. 2021 में लगा था प्लांट कोरोना महामारी के समय सदर अस्पताल सहित जिले के पांच संस्थानों में वर्ष 2021 में ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट लगाया गया था, ताकि कोरोना से प्रभावित मरीजों के अलावे अस्पताल में भर्ती मरीजों को ऑक्सीजन की आपूर्ति निर्बाध रूप से हो सके. लेकिन सदर अस्पताल को छोड़कर अन्य किसी भी प्लांट में टेक्नीशियन पदस्थापित नहीं होने के कारण ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट का संचालन 24 घंटे नहीं हो पा रहा है. सदर अस्पताल में भी महज एक टेक्नीशियन रहने रहने के कारण केवल एक शिफ्ट में ही ऑक्सीजन प्लांट का संचालन होता है. जिसके करण एसएनसीयू में भर्ती नवजात शिशुओं को भी जंबो सिलिंडर से ही ऑक्सीजन की आपूर्ति की जाती है. इन संस्थानों स्थापित है ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट सदर अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल जयनगर, अनुमंडलीय अस्पताल फुलपरास, अनुमंडलीय अस्पताल झंझारपुर एवं अररिया संग्राम स्थित ट्रामा सेंटर में पीएसए ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट लगाया गया है. सदर अस्पताल में 1000 एवं अनुमंडलीय अस्पताल जयनगर में पीएम केयर फंड द्वारा 500 एलपीएम क्षमता वाले ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है. इसके अलावा अनुमंडलीय अस्पताल फुलपरास में डॉक्टर फॉर यू संस्था द्वारा 500 एलपीएम, अनुमंडलीय अस्पताल झंझारपुर में मिथिला सहकारी दुग्ध समिति द्वारा 400 एलपीएम एवं अररिया संग्राम स्थित ट्रामा सेंटर में मेधा इंटरप्राइजेज द्वारा 300 एलपीएम क्षमता वाला ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है.
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By Prabhat Khabar News Desk
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