गृहरक्षकों के प्रति सरकार व प्रशासन का नजरिया है उदासीन

Updated at : 05 Aug 2024 9:36 PM (IST)
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गृहरक्षकों के प्रति सरकार व प्रशासन का नजरिया है उदासीन

गृहरक्षकों के प्रति सरकार व प्रशासन का नजरिया है उदासीन

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प्रतिनिधि, मधेपुरा

बिहार गृह रक्षा वाहिनी स्वयंसेवक संघ के जिला इकाई ने मांगों को लेकर सोमवार को कला भवन परिसर में सोमवार को धरना दिया. इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. इससे पूर्व 19 से 23 जुलाई तक इन लोगों ने काला बिल्ला लगाकर कार्य किया था. संघ के जिलाध्यक्ष सत्तो मंडल ने कहा कि 21 सूत्रीय मांगों को लेकर वे लोग आंदोलन कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि अनेकों बार संघ के द्वारा राज्य के गृहरक्षकों के समस्याओं के समाधान को लेकर लिखित व मौखिक अनुरोध किया गया है, फिर भी गृहरक्षकों के प्रति सरकार व प्रशासन का नजरिया उदासीन है.

24 घंटे जान की बाजी लगाकर ड्यूटी करते हैं गृहरक्षक

जिलाध्यक्ष सत्तो मंडल ने कहा कि बिहार सरकार के सभी विभागों के कार्यालय, थाना, यातायात संचालन, मद्य निषेध, बैंक, बिजली विभाग, नगर निगम, पीएचसी, डाकघर, टेलिफोन ऑफिस इत्यादि स्थानों पर गृहरक्षक 24 घंटे अपनी जान की बाजी लगाकर ड्यूटी करते हैं. बदले में मात्र 774 रुपया भत्ते के रूप में प्रतिदिन भुगतान किया जा रहा है, जो बढ़ती हुई महंगाई में कम है. उन्होंने कहा कि राज्य के गृहरक्षकों के भत्ते में 2017 में बढ़ोतरी हुआ था. उसके बाद इन आठ वर्षों में सरकार के अन्य कर्मचारियों के वेतन इत्यादि सुविधाओं में काफी बढ़ोतरी किया गया है, लेकिन गृहरक्षकों के लिए कोई सुविधा नहीं बढ़ाया गया है.

गृहरक्षकों को दी जाय पुलिस को मिलने वाली अन्य सुविधा

जिलाध्यक्ष ने कहा कि देश के अन्य प्रदेशों में होमगार्ड जवानों को अधिक सुविधा दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि मुख्य मांगों में सर्वोच्च न्यायालय व उच्च न्यायालय पटना के आदेश के आलोक में राज्य के गृहरक्षकों का कर्तव्य भत्ता, महंगाई भत्ता के साथ ही पुलिस को मिलने वाली अन्य सुविधा दी जाय. राज्य के होमगार्ड जवानों के वर्षों से कर्तव्य पर लगातार रहने के कारण मानवीय विचार करते हुए माह में पांच दिन मात्र भत्ता सहित छुट्टी प्रदान की जाय. सेवानिवृत्त गृहरक्षकों की सेवानिवृत्ति लाभ डेढ़ लाख रुपये प्रदान करने में 20 वर्ष 10 वर्ष की शर्तों को हटाकर सभी सेवानिवृत्ति गृहरक्षकों को सेवानिवृत्ति के समय ही भुगतान की जाय. बढ़ती महंगाई को देखते हुए डेढ़ लाख रुपए मिलने वाली राशि को पांच लाख रुपये तक की बढ़ोतरी की जाय.

गृहरक्षकों के आश्रितों को दिया जाय अनुकंपा का लाभ

जिलाध्यक्ष ने कहा कि बढ़ती महंगाई को देखते हुये अनुग्रह अनुदान की राशि चार लाख रुपये से बढ़ाकर काम से कम 10 लख रुपये किया जाय. कर्तव्य पर प्रतिनियुक्ति के दौरान मृत अथवा पूर्णत: अपाहिज होने पर गृहरक्षकों के आश्रितों को अनुकंपा का लाभ दिया जाय. गृहरक्षकों को कर्तव्य के दौरान बीमारी या दुर्घटनाग्रस्त होने पर इलाजरत अवधि तक कर्तव्य मानते हुए भत्ते का भुगतान किया जाय. प्रदर्शन में संघ के सचिव इंद्रनारायण यादव, उपाध्यक्ष रमेश कुमार, कोषाध्यक्ष अनिल कुमार, उपसचिव सदानंद यादव, कार्यालय सचिव हरिबल्लभ पासवान, सुबोध कुमारज़ सदानंद कुमार, संगठन सचिव रामाधीन साह, क्रांति कुमार, अर्जुन कुमार, दिनेश यादव, सतीश कुमार उर्फ संजीव, केशव कुमार, मिथुन कुमार, सुधीर कुमार, निर्मल कुमार, रिंकू कुमारी, रीता कुमारी, डेजी भारती, आभा कुमारी आदि उपस्थित थे.

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