शक्षिति समाज के निमार्ण में महावीर बाबू का योगदान स्मरणीय: मंत्री

Published at :02 Jan 2016 8:10 PM (IST)
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शक्षिति समाज के निमार्ण में महावीर बाबू का योगदान स्मरणीय: मंत्री

शिक्षित समाज के निमार्ण में महावीर बाबू का योगदान स्मरणीय: मंत्री फोटो- मधेपुरा 25 से 30प्रतिनिधि.मधेपुरा. महान शिक्षाविद् एवं बीएनएमयू के पूर्व कुलपति सह राजनेता डा महावीर प्रसाद यादव की 90 वीं जयंती समारोह पूर्वक मनायी गयी. इस मौके पर शनिवार को टीपी कॉलेज परिसर स्थित सभागार में भव्य जयंती समारोह का आयोजन किया गया […]

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शिक्षित समाज के निमार्ण में महावीर बाबू का योगदान स्मरणीय: मंत्री फोटो- मधेपुरा 25 से 30प्रतिनिधि.मधेपुरा. महान शिक्षाविद् एवं बीएनएमयू के पूर्व कुलपति सह राजनेता डा महावीर प्रसाद यादव की 90 वीं जयंती समारोह पूर्वक मनायी गयी. इस मौके पर शनिवार को टीपी कॉलेज परिसर स्थित सभागार में भव्य जयंती समारोह का आयोजन किया गया है. डा महावीर प्रसाद सामाजिक-सांस्कृतिक शोध संस्थान के तत्वाधान में आयोजित जयंती समारोह का उद्घाटन सूबे के उर्जा एवं वाणिज्य मंत्री सह मधेपुरा सहरसा एवं अररिया जिला के प्रभारी मंत्री डा विजेंद्र प्रसाद यादव सहित अन्य ने दीप प्रज्वलित कर किया. मौके पर महावीर बाबू के पत्र डाॅ अरूण कुमार द्वारा मंत्री को बुके व चादर ओढ़ा कर सम्मानित किया गया. इस दौरान समारोह के मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि सहित अन्य को आयोजन समिति के सदस्यों ने सम्मानित किया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार सरकार के मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि महावीर बाबू के जीवन की चर्चा का अर्थ व्यक्ति पूजा नहीं है. वह तो व्यक्ति और व्यक्तित्व के संकरे दायरे से अपने जीवन काल में ही बहुत उपर उठ गये थे, ऐसे व्यक्ति की चर्चा कर इंसान धन्य हो जाता है. मंत्री ने कहा कि शिक्षित समाज के निर्माण में महावीर बाबू का योगदान स्मरणीय रहा. वे समाज को शिक्षित करने में अपनी सारी शक्ति लगा दीउन्होंने कहा कि महावीर बाबू का जीवन पारसमणि है, जिसका स्पर्श पाकर किसी का भी जीवन सोने जैसा खरा हो सकता है. मंत्री ने कहा कि महावीर बाबू का योगदान शैक्षणिक एवं रचनात्मक दोनों दृष्टिकोणों से अविस्मरणीय है. वे विवि के चतुर्दिक विकास की दिशा में उत्साह पूर्वक अति सक्रिय थे. महावीर समाज में सामाजिक समरसता के पक्षधर थे. मंत्री ने कहा कि महावीर बाबू अपने अथक परिश्रम, लगन और चारित्रिक गुणों के कारण जीवन यात्रा के तमाम अवरोधों को पार करते हुए शिक्षा जगत के गरिमामय एवं सर्वोच्च कुलपति पद को सुशोभित करते हुए उन्होंने अपने जीवन यात्रा को विराम दिया था. महावीर बाबू ने यह सिद्ध कर दिया कि व्यक्ति अपने भाग्य का स्वयं विधाता होता है. मंत्री ने कहा कि महावीर बाबू को सामाजिक समरसता में अटूट विश्वास था. यहीं कारण है कि सभी जाति और धर्म के लोगों को उनके प्रति अगाध श्रद्धा है. कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए टीपी कॉलेज के प्राचार्य डाॅ एचएलएस जौहरी ने महावीर बाबू के द्वारा किये गये शैक्षणिक कार्यों पर विस्तृत रूप से प्रकाश डालाकार्यक्रम का मंच संचालन बीएनएमयू के क्रीड़ा सह परि संपदा पदाधिकारी सह कार्यक्रम के संयोजक डा शैलेंद्र कुमार ने किया. वहीं कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का स्वागत पूर्व प्रधानाचार्य डा शिवनारायण कर रहे थे. इससे पहले मंत्री सहित अतिथियों ने महावीर बाबू के चित्र पर माल्यापर्ण कर पुष्प अर्पित किया. समारोह के मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व कुलपति जय कृष्ण प्रसाद यादव, पूर्व प्रतिकुलपति डा के के मंडल, डा के एन ठाकुर, पूर्व विधायक राधाकांत यादव, जिला परिषद अध्यक्ष मंजू देवी, विधायक अनिररूद्ध प्रसाद यादव, निरंजन मेहता, पूर्व विधायक परमेश्वरी प्रसाद निराला, संजीव झा, पूर्व प्राचार्य डा सुरेश प्रसाद यादव, सत्यजीत यादव, डा नरेश कुमार, डा जवाहर पासवान सहित अन्य मौजूद थे. . ————————कार्यक्रम में नैनिहलों ने बांधी समां प्रतिनिधि.मधेपुरा.जयंती समारोह के मौके पर आयोजित गीत संगीत कार्यक्रम में नैनिहालों ने समां बांध दिया सदा शिव नॉलेज टेंपल के छोटे-छोटे बच्चों ने सबसे पहले अतिथियों के स्वागत में स्वागतगाण की प्रस्तुति दी. छोटे-छोटे बच्चों ने जब स्वागत गीत की प्रस्तुति दी तो लगा कि सरस्वती उनके मुख में वास कर रही हो. इस दौरान बच्चों ने महावीर बाबू के जीवनी पर लोग गीत की प्रस्तुति से अतिथियों को मंत्र मुग्ध कर दिया. गीत संगीत की प्रस्तुति माया विद्या की छात्रा शांति, साक्षी, सुशांत, प्रियांशु, प्रिंस, सोना, संध्या ने दी. इस दौरान हारमाेनियम पर अभिषेक कुमार, तबला पर अनुपम अलबेला एवं नाल पर आलोक कुमार हाथ अजमा रहे थे. मौके पर अनुपम अलबेला, अभिषेक एवं आलोक ने योगेंद्र झा के निर्देशन पर लोक गीत की प्रस्तुति दी. वहीं माया विद्या निकेतन की छात्रा संगीत शिक्षिका शशि प्रभा के निर्देशन में अभिनंदन गीत की प्रस्तुति दी.—————————— छात्रों को सही दिशा देना ही होगा सच्ची श्रद्धांजलि मधेपुरा. जयंती समारोह को संबोधित करते हुए डा शैलेद्र कुमार ने कहा कि महावीर बाबू के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि इस क्षेत्र के गरीब व कमजोर तबके के छात्रों को सही शिक्षा व दिशा प्रदान की जाये. डा शिवनारायण यादव ने कहा कि आज महावीर बाबू हमारे बीच नहीं है, लेकिन उनके उच्च और सात्विक विचार, उनकी सेवा भावना और कर्तव्य बोध हमेशा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा. पूर्व विधायक राधाकांत यादव ने कहा कि महावीर बाबू आध्यात्मवादी थे. ईश्वर में उनकी पूर्ण आस्था थी. यही कारण है कि वे अपने वक्तृता में सदैव वेद, उपनिषद् एवं गीता का उदाहरण देते थे. जीवन के अंतिम चरण में भी वे आध्यात्मिक पुस्तकों के अनुशीलन में निरत रहते थे. पूर्व प्रतिकुलपति डा के के मंडल ने कहा कि टीपी कॉलेज के प्राचार्य के रूप में उन्होंने साबित कर दिया कि वे एक सफल शिक्षक, कठोर एवं न्यायप्रिय प्रशासक है और वे कॉलेज के विश्वकर्मा थे. उन्होंने कहा था कि जब कच्चे मकान थे तो पक्के छात्र कॉलेज से निकलते थे. लेकिन पक्के मकान होने पर कॉलेज से कच्चे छात्र निकल रहे है. कुलपति के निजी सचिव शंभु यादव ने कहा कि महावीर बाबू सांसद रहते हुए भी प्रधानाचार्य के कर्तव्य के प्रति किंचित उदासीनता कभी नहीं दिखाई दिये. पूर्व कुलपति जय कृष्ण यादव ने कहा कि एक आदर्श शिक्षक, उप प्राचार्य, विधायक, मंत्री, प्राचार्य , प्रति कुलपति , सांसद एवं कुलपति के रूप में महावीर बाबू सदा याद रहेंगे. कार्यक्रम के स्वागताध्यक्ष डा शिवनारायण यादव ने कहा कि कोसीवासियों ने महावीर बाबू के व्यक्तित्व से बहुत कुछ सीखा.

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