मधेपुरा संस्कृति व साहित्य की धरती : डॉ अशोक

Published at :01 Jan 2015 7:03 PM (IST)
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मधेपुरा संस्कृति व साहित्य की धरती : डॉ अशोक

फोटो- मधेपुरा 14कैप्शन- गजल संध्या में उपस्थित अतिथि – मधेपुरा की सृजन शीलता को राष्ट्रीय फलक एवं पहचान देने को वे प्रतिबद्ध व कृतसंकल्पित प्रतिनिधि, मधेपुरामधेपुरा कॉलेज मधेपुरा में नव वर्ष की पूर्व संध्या पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ अशोक कुमार ने की. मौके पर आयोजित काव्य गोष्ठी […]

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फोटो- मधेपुरा 14कैप्शन- गजल संध्या में उपस्थित अतिथि – मधेपुरा की सृजन शीलता को राष्ट्रीय फलक एवं पहचान देने को वे प्रतिबद्ध व कृतसंकल्पित प्रतिनिधि, मधेपुरामधेपुरा कॉलेज मधेपुरा में नव वर्ष की पूर्व संध्या पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ अशोक कुमार ने की. मौके पर आयोजित काव्य गोष्ठी व गजल संध्या कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए प्राचार्य ने कहा कि मधेपुरा मात्र राजनीतिक धरती नहीं बल्कि शिक्षा, संस्कृति व साहित्य की धरती भी है. मधेपुरा की सृजनशीलता को राष्ट्रीय फलक एवं पहचान देने को वे प्रतिबद्ध व कृतसंकल्पित है. मौके पर प्राचार्य ने साहित्यकारों, कवियों के साथ साथ कलाकार व शिक्षाविदों नव वर्ष की शुभकामनाएं दी. गोष्ठी का आगाज करते हुए मो हारूण रसीद गालिफ ने आधुनिक समाज की विसंगति का उदघाटन किया. इस दौरान पूर्णिया से आयी मंजुला उपाध्याय ने युवाओं की धड़कन को गति दिया. इस मौके पर जमालपुर के शायर अंजनी सुमन ने शैरो व शायरी से कार्यक्रम में शमा बांध दिया. इस अवसर पर सियाराम, मयंक, एम के मशाल, डॉ आलोक कुमार, डॉ विनय कुमार चौधरी सहित अन्य मौजूद थे.

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