नीतीश कुमार से बंधी है लोगों की आस
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :20 Dec 2014 3:46 AM (IST)
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उदाकिशनुगंज : पूर्व मुख्यमंत्री व जदयू के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार के आगमन को लेकर तैयारी अंतिम चरण में है. संपर्क के सिलसिले में शनिवार को मुख्यालय स्थित एचएस कॉलेज के मैदान में कार्यकर्ताओं की सभा को संबोधित करेंगे. कार्यकर्ताओं का मानना है कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का उदाकिशुनगंज पुराना वास्ता रहा है. समता […]
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उदाकिशनुगंज : पूर्व मुख्यमंत्री व जदयू के वरिष्ठ नेता नीतीश कुमार के आगमन को लेकर तैयारी अंतिम चरण में है. संपर्क के सिलसिले में शनिवार को मुख्यालय स्थित एचएस कॉलेज के मैदान में कार्यकर्ताओं की सभा को संबोधित करेंगे. कार्यकर्ताओं का मानना है कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का उदाकिशुनगंज पुराना वास्ता रहा है. समता पार्टी के गठन से पूर्व जनता दल के समय से ही वे यहां आते रहे हैं.
मुख्मंत्री बनने के बाद भी कई बार पूर्व सीएम उदाकिशुनगंज आ चुके हैं. विकास के कई वायदे भी कर गये थे, कुछ पूरा तो हुआ, कुछ दिवा स्वप्न बन कर रह गया. नीतीश के कुशल नेतृत्व के कारण ही अनुमंडल के दोनों विधानसभा क्षेत्र में जदयू प्रत्याशियों की जीत होती रही. अपनी मुख्यमंत्री के काल में जब सात जून 2012 को यहां आये थे. अनुमंडल कार्यालय भवन निर्माण और अनुमंडल व्यवहार न्यायालय तो खुल गया, लेकिन एसडीओ कार्यालय भवन का निर्माण कार्य अधर में लटका रह गया.
हालांकि इसके निर्माण के लिए राशि आवंटित कर दी गयी. लेकिन तकनीकी कारण से टेंडर अभी तक नहीं हो सका है. उस समय में मंचासीन ऊर्जा मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव की स्वीकृति के बाद नीतीश कुमार ने मंच से घोषणा की थी कि उदाकिशुनगंज में खराब ट्रांसफारमर की मरम्मती करने का वर्कशॉप की स्थापना जल्द की जायेगी, लेकिन अब तक ऐसा कुछ भी नहीं हो सका.
अनुमंडल के ग्वालपाड़ा प्रखंड अंतर्गत अरार घाट कोसी में पन बिजली परियोजना भूमि विवाद के कारण निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका. जहां से सात मेगावाट बिजली का उत्पादन होता. हालांकि भूमि विवाद सुलझाने में न तो प्रशासन ने दिलचस्पी ली और न ही जनप्रतिनिधि ने. अगर थोड़ी भी दिलचस्पी लिया जाता तो मामला कब सुलझ गया होता. इसी तरह 206 में नीतीश कुमार ने यहां चीनी मिल स्थापित करने की घोषणा की थी. धामपुर चीनी मिल के मालिक विजय गोयल खुद यहां आये थे.
कर्मचारी भी पद स्थापित कर गये. भूमि अधिग्रहण कार्य भी शुरू हो गया, लेकिन चंद लोगों ने इस विकास कार्य में बाधक बना भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामला कार्य में बाधक बन भूमि अधिग्रहण से संबंधित मामला हाइकोर्ट में दर्ज करा कर निर्माण कार्य पर ग्रहण लगा दिया. 2008 की कुशहा त्रासदी की घटना के बाद 14 जनवरी 2009 ई को इसी एचएस कॉलेज के मैदान में आमसभा में नीतीश कुमार ने सुंदर कोसी बनाने का सपना लोगों को दिखाये थे. जनता पुनर्वास की बाट जोहते रह गयी.
उदाकिशुनगंज जदिया तक एसएच का तोहफा जरूर मिला, जो निर्माणाधीन है. इस तरह पुन: नीतीश कुमार 20 दिसंबर को यहां आ रहे हैं. मुख्यमंत्री पद पर नहीं रहने के बाद भी लोगों को अभी भी आस उन्हीं से है. खास कर वे जिस कॉलेज के मैदान पर आ रहे है कम से कम उस कॉलेज की बदहाली को दूर करने के लिए तो पहल अभी कर सकते हैं. शिक्षा से उनका लगाव भी रहा है. इस अनुमंडल का एक मात्र अंगीभूत कॉलेज है जो आदेशपाल के सहारे चल रहा है.
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