कई सरकारी स्कूलों में धूल फांक रहा अग्निशमन यंत्र
Updated at : 10 Dec 2019 9:06 AM (IST)
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किशनगंज : सरकारी विद्यालयों में आग से बचाव के लिए अग्निशमन यंत्र तो लगाये गये हैं, लेकिन सालों से उनकी रिफलिंग नहीं करायी गयी. ऐसे में इन स्कूलों में अगर कोई घटना घट जाये तो बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता. इसके बावजूद शिक्षा महकमा इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है. […]
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किशनगंज : सरकारी विद्यालयों में आग से बचाव के लिए अग्निशमन यंत्र तो लगाये गये हैं, लेकिन सालों से उनकी रिफलिंग नहीं करायी गयी. ऐसे में इन स्कूलों में अगर कोई घटना घट जाये तो बड़े हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता. इसके बावजूद शिक्षा महकमा इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है.
सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से आग की घटनाओं पर काबू पाने को लेकर कई साल पहले अग्निशमन यंत्र लगवाये गये थे. इसके बाद आज तक उनकी रिफलिंग नहीं करवायी गयी, इस तरह से वह स्कूलों के कमरों में धूल फांक रहे हैं. अधिकांश में तो जंग लग चुकी हैं. स्कूलों में ही बने रसोई घरों में मिड डे मील बनाया जाता है. और स्कूलों में विद्युतीकरण भी हुआ है.
ऐसे में कभी भी यहां आग लगने की घटना हो जाये तो मासूमों की जान पर आ सकती है. ऐसा नहीं है कि रिफलिंग आदि के लिए धन की कमी हो, स्कूलों के रखरखाव के लिए हर साल विद्यालय अनुदान निधि दी जाती है, लेकिन इस निधि का ज्यादातर इस्तेमाल कागजों में ही दिखा दिया जाता है और इन अग्निशमन यंत्रों की रिफलिंग नहीं करवायी जाती है.
और ना ही इसके उपयोग को लेकर ही कोई जानकारी है, मरम्मत के अभाव में कई स्कूलों में रखे अग्निशमन यंत्र जंग लगकर गलने भी लगे हैं. मौजूदा सत्र में भी विद्यालय अनुदान निधि के तहत स्कूलों को रुपये दिये गये हैं. इसके बाद भी स्कूलों में अग्निशमन यंत्रों का कोई रखरखाव नहीं हो रहा है.
आगजनी से निपटने के लिए विगत वर्षों में लाखों रुपये खर्च कर अग्निशमन यंत्र स्थापित तो किये, मगर विभाग की अनदेखी के चलते आज ये धूल फांक रहे हैं. ऐसे में स्कूल में पढ़ रहे बच्चों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है. स्कूलों में लगाये गये ये यंत्र लगाने के कुछ दिनों के बाद से ही धूल फांक रहे हैं. जिले के अधिकांश सरकारी स्कूलों में अग्निशमन यंत्रों की स्थिति अत्यंत खराब है.
सूत्र बताते हैं कि करीब एक दशक पूर्व विद्यालयों को अग्नि शमन यंत्र दिया गया फिर उसके बाद विभाग ने इसकी सुध तक नहीं ली, जिसके बाद ये बेकार की वस्तु बनकर रह गयी और बाद में कचड़े में तब्दील हो गयी. बच्चों की सुरक्षा के लिए लगाये गये अग्निशमन यंत्र की दुर्दशा पर स्कूल प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है. इस संबंध में पूछने पर जब स्कूल प्रशासन से जुड़े कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है.
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