अमनी गांव के पास हो रहा है कटाव
* विभाग ने अब तक शुरू नहीं कराया है कटाव निरोधी कामखगड़िया : सदर प्रखंड के अमनी गांव के समीप बागमती नदी का कटाव जारी है. बागमती नदी से अमनी गांव की दूरी महज 50 मीटर रह गयी है. इस गांव की आबादी लगभग 16 हजार है. लेकिन फ्लड कंट्रोल, आपदा विभाग की ओर से […]
* विभाग ने अब तक शुरू नहीं कराया है कटाव निरोधी काम
खगड़िया : सदर प्रखंड के अमनी गांव के समीप बागमती नदी का कटाव जारी है. बागमती नदी से अमनी गांव की दूरी महज 50 मीटर रह गयी है. इस गांव की आबादी लगभग 16 हजार है. लेकिन फ्लड कंट्रोल, आपदा विभाग की ओर से अब तक कटाव रोकने को लेकर कोई पहल नहीं की जा रही है.
मालूम हो कि कटाव को रोकने के लिए गत दस वर्षो से अमनी, रसौंक, सैदपुर व खिरनियां के ग्रामीणों ने कई बार धरना-प्रदर्शन किया. इन ग्रामीणों को प्रशासन द्वारा कटाव रोधी कार्य कराने का आश्वासन दिया गया. कटाव से विस्थापित हुए ग्रामीण तुरंती सिंह, पूर्व सरपंच विजय कुमार सिंह, महेश शर्मा, उदय सिंह, चलितर यादव, एतवारी यादव ने बताया कि अप्रैल, मई में नदी में पानी की गहराई कम रहती है.
उस समय लेयर से ऊपर तक सीमेंट बैग, बोल्डर व बांस का बंडल लगाया जाना आसान व हितकर रहता है. लेकिन विभाग द्वारा जुलाई-अगस्त में कटाव से बचाव का कार्य करवाया जाता है. विभाग उस ओर ध्यान नहीं देकर नदी की तेज धार को रोकने का प्रयास करती है. लेकिन विभाग का प्रयास व सरकारी राशि बागमती नदी के तेज धार में विलीन हो जाती है.
इधर, दर्जनों स्थानीय मजदूरों ने बताया कि फ्लड विभाग के जेइ व एसडीओ द्वारा उक्त नदी में सीमेंट की बोरी लाने लगाने के लिए महज चार रुपये प्रति बैग के हिसाब से मजदूरी दी जाती है.
ग्रामीणों ने बताया कि जिला प्रशासन के नामित कोई भी अधिकारी स्वयं उक्त कटाव का निरीक्षण करते तो पता चल जाता कि कटाव स्थल पर कितनी बोरी सीमेंट, कितना बोल्डर व बांस के बंडल से कार्य कराया गया है और विभाग ने कितनी राशि उस बचाव कार्य में खर्च किया है. डीएम सैयद परवेज आलम ने बताया कि जल्द ही कटाव रोधी कार्य कराया जायेगा.
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