मुजफ्फरपुर: सरकारी स्कूल से निकले शिक्षक के बेटे बने खगड़िया के नए डीएम, जानिए आईएएस विक्रम विरकर का सफर
आइएएस विक्रम विरकर, माता-पिता के साथ विक्रम विरकर
IAS Vikram Virkar: बिहार कैडर के 2019 बैच के आईएएस अधिकारी विक्रम विरकर खगड़िया के नए डीएम बनाए गए हैं.सरकारी स्कूल से पढ़े और प्राथमिक शिक्षा निदेशक रह चुके आईएएस विरकर अपनी बेदाग और संवेदनशील कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं. जानिए पूरी खबर…
मुजफ्फरपुर से सीनियर रिपोर्टर देवेश कुमार की रिपोर्ट
IAS Vikram Virkar: हौसलों में उड़ान हो तो संसाधनों की कमी कभी मंजिल की राह नहीं रोक सकती.इस कहावत को सच कर दिखाया है वर्ष 2019 बैच के बिहार कैडर के तेज-तर्रार आईएएस अधिकारी विक्रम जगन्नाथ विरकर ने.महाराष्ट्र के सतारा जिले के एक छोटे से गांव वीरकरवाड़ी से निकलकर देश की सबसे प्रतिष्ठित प्रशासनिक सेवा तक पहुंचने वाले विक्रम विरकर को बिहार सरकार ने खगड़िया का नया जिलाधिकारी (डीएम) नियुक्त किया है.
मुख्यमंत्री का राजनीतिक गढ़ है खगड़िया
प्रभावी,संवेदनशील और बेदाग प्रशासनिक छवि वाले आईएएस विरकर अब खगड़िया जिले की कमान संभालेंगे.खगड़िया को राज्य के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का शुरुआती राजनीतिक गढ़ माना जाता है, जहां से उन्होंने लगातार चुनावी हैट्रिक लगाई थी. ऐसे महत्वपूर्ण जिले की जिम्मेदारी अब एक ऐसे अधिकारी को सौंपी गई है, जिनकी प्रशासनिक छवि प्रभावी, संवेदनशील और बेदाग मानी जाती है.
सरकारी स्कूल से शुरू हुआ देश सेवा का सफर
विक्रम विरकर की प्रारंभिक शिक्षा गांव के मराठी माध्यम के जिला परिषद विद्यालय में हुई.उनके पिता जगन्नाथ विरकर इसी स्कूल में प्राथमिक शिक्षक थे,जो वर्ष 2019 में सेवानिवृत्त हुए.पिता के रिटायर होने वाले साल ही बेटे ने यूपीएससी परीक्षा पास कर आईएएस बनने का गौरव हासिल किया.उनकी माता एक कुशल कृषक हैं.विक्रम ने कंप्यूटर इंजीनियरिंग के बाद प्रतिष्ठित आईआईएम कोझिकोड से एमबीए किया.करियर की शुरुआत आरबीआई अधिकारी के रूप में करने और आईआरएस में चयन के बाद भी उनका लक्ष्य आईएएस था.चौथे प्रयास में ऑल इंडिया 227वीं रैंक के साथ उन्होंने अपना सपना पूरा किया.आईएएस बनने के बाद उन्होंने अपने गांव में एक आधुनिक पुस्तकालय की स्थापना भी कराई,ताकि ग्रामीण युवा आगे बढ़ सकें.
बिहार में रहा है प्रभावशाली प्रशासनिक रिकॉर्ड

बिहार कैडर में आने के बाद विक्रम विरकर ने अपनी कार्यकुशलता की गहरी छाप छोड़ी है.उन्होंने दानापुर में एसडीएम और भोजपुर में डीडीसी के रूप में विकास योजनाओं को गति दी.इसके बाद मुजफ्फरपुर के नगर आयुक्त के रूप में उन्होंने शहरी प्रबंधन और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने की दिशा में कई अहम कार्य किए.इस दौरान उन्होंने कई बार प्रभारी डीएम के रूप में भी कानून-व्यवस्था को बखूबी संभाला.
जिस व्यवस्था में पढ़े,उसी के बने नीति निर्धारक
विक्रम विरकर के करियर का सबसे प्रेरणादायक अध्याय तब सामने आया,जब उन्हें बिहार के प्राथमिक शिक्षा विभाग का निदेशक बनाया गया.जिस सरकारी प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था से उन्होंने खुद पढ़ाई की और जहां उनके पिता ने शिक्षक के रूप में जीवन बिताया,उसी व्यवस्था के शीर्ष पद पर पहुंचकर उन्होंने शिक्षा सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णय लिए.शांत और परिणामोन्मुख कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले आईएएस विक्रम विरकर अब खगड़िया के डीएम के रूप में अपनी नई पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं.
सफलता के बाद गांव को लौटाया ज्ञान का उपहार
विक्रम विरकर के दादा स्वतंत्रता सेनानी थे. देश सेवा का वही संस्कार उन्हें परिवार से विरासत में मिला. आईएएस बनने के बाद उन्होंने अपने गांव वीरकरवाड़ी में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं और स्कूली छात्रों के लिए एक आधुनिक पुस्तकालय की स्थापना कराई. इस पुस्तकालय का सकारात्मक प्रभाव यह हुआ कि गांव के कई युवा प्रतियोगी परीक्षाओं और विभिन्न सरकारी सेवाओं में चयनित होने लगे. ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी इस पहल की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
बिहार में प्रशासनिक सेवाओं का प्रभावशाली सफर
बिहार कैडर मिलने के बाद विक्रम विरकर ने विभिन्न पदों पर अपनी कार्यकुशलता की छाप छोड़ी. शुरुआत दानापुर (2022-23) से अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) के रूप में उल्लेखनीय कार्य किया. इसके बाद भोजपुर/आरा (2023-24) में उप विकास आयुक्त (डीडीसी) रहते हुए विकास योजनाओं के क्रियान्वयन को गति दी. 2024 में उनका तबादला स्मार्ट सिटी मुजफ्फरपुर के नगर आयुक्त के रूप में हुई. वहां उन्होंने शहर के बुनियादी ढांचे और शहरी प्रबंधन को बेहतर बनाने की दिशा में कई पहल की. इस दौरान जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में उन्होंने कई बार प्रभारी डीएम के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली और कानून-व्यवस्था सहित महत्वपूर्ण प्रशासनिक मामलों का सफलतापूर्वक संचालन किया.
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लेखक के बारे में
By सुनील कुमार सिंह
सुनील कुमार सिंह प्रभात खबर मल्टीमीडिया में डिप्टी चीफ रिपोर्टर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों का समृद्ध अनुभव है। क्राइम और राजनीति से जुड़ी खबरों पर उनकी मजबूत पकड़ है। वे निष्पक्ष रिपोर्टिंग और गहन विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं, जिससे पाठकों को सटीक और भरोसेमंद जानकारी मिलती है।
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