क्लोज रेंज से ही मारी गयी थी गोली

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पटना/खगड़िया : मोकामा में 31 मई की रात पुलिस एनकाउंटर में मारे गये राजू सिंह व अमर कुमार उर्फ राजा को क्लोज रेंज से ही गोली मारी गयी थी. बाढ़ सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में जिन बातों का खुलासा हुआ है, वहीं बातें पीएमसीएच में हुए पोस्टमार्टम में भी कही गयी हैं. परिजनों […]

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पटना/खगड़िया : मोकामा में 31 मई की रात पुलिस एनकाउंटर में मारे गये राजू सिंह व अमर कुमार उर्फ राजा को क्लोज रेंज से ही गोली मारी गयी थी. बाढ़ सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम की रिपोर्ट में जिन बातों का खुलासा हुआ है, वहीं बातें पीएमसीएच में हुए पोस्टमार्टम में भी कही गयी हैं.

परिजनों के आग्रह पर दोनों का पोस्टमार्टम पीएमसीएच में 1 जून को दोबारा किया गया था. पीएमसीएच में हुए पोस्टमार्टम में भी दोनों को क्लोज रेंज से गोली मारे जाने की बात कही गयी है. एक को पंजरा के समीप व दूसरे को गरदन के समीप नजदीक से गोली मारी गयी थी. जहां पर गोली लगी है ,वहां की त्वचा काला पड़ गयी थी. त्वचा तभी काली पड़ती है ,जब नजदीक से गोली मारी जाती है.

इन दोनों रिपोर्ट में क्लोज रेंज से गोली मारे जाने की बात सामने आने से अब यह प्रतीत होने लगा है कि पुलिस ने फर्जी एनकाउंटर में दोनों को मार गिराया है. हालांकि पीएमसीएच में हुए पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बारे में अधिकारिक तौर पर अब तक किसी पुलिस अधिकारी ने पुष्टि नहीं की है.

पुलिस के एक आला अधिकारी का कहना है कि दोनों अस्पताल की रिपोर्ट एक है. इस रिपोर्ट व घटनास्थल के निरीक्षण के बाद पुलिस के वरीय अधिकारी इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि राजू व राजा का फर्जी तरीके से एनकाउंटर हुआ था. इसी कारण रविवार को मोकामा थानाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह सहित आधा दर्जन पुलिस अधिकारियों को थाने से हटा दिया गया.

राजू विधायक श्याम देव सिंह के समधी अशोक सिंह ( जदयू नेता) का बेटा था. घटना के दिन राजू अपने तीन साथियों अमर कुमार उर्फ राजा , बमबम कुमार व चंद्रशेखर कुमार के साथ स्कॉर्पियो से पटना में अपने एक संबंधी के यहां आ रहे थे, तभी मोकामा में तथाकथित मुठभेड़ में राजू सिंह व राजा मारे गये.

वहीं चंद्रशेखर व बमबम वहां से भाग निकले थे. पुलिस ने दावा किया था कि इनके पास से हथियार व कारतूस का जखीरा भी मिला है. घटना के दिन ही राजू के पिता अशोक सिंह ने अपने बेटे को फर्जी मुठभेड़ में मार गिराने का आरोप लगाया था. आरोप लगने के बाद ही पुलिस ने दोनों का दोबारा पोस्टमार्टम पीएमसीएच में कराया था.

– मोकामा एनकाउंटर
* बाढ़ सदर अस्पताल की रिपोर्ट से मेल खाती है पीएमसीएच की रिपोर्ट
* तथाकथित एनकाउंटर में मारे गये थे राजू सिंह व राजा
* खगड़िया से पटना आ रहे थे रिश्तेदार से मिलने

* जांच होने तक मोकामा के थानाध्यक्ष अशोक कुमार सिंह सहित आधा दर्जन पुलिस अधिकारियों को वहां से हटा दिया गया है. फोरेंसिक टीम वैज्ञानिक तरीके से जांच कर रही है. फोरेंसिक टीम की रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले से परदा हट पायेगा.
मनु महाराज, एसएसपी, पटना

* थानेदार समेत सात पुलिसकर्मी लाइन हाजिर
मोकामा : मोकामा -पटना नेशनल हाइवे पर हुए मुठभेड़ के बाद सवालों के घेरे में आये पुलिस अधिकारियों व जवानों को मोकामा थाने से चलता कर दिया गया है. एसएसपी मनु महाराज ने मोकामा के इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह सहित सात पुलिसकर्मियों को एक साथ लाइन हाजिर कर दिया है. इसके अलावा दारोगा सूर्यकांत तिवारी को मसौढ़ी व

* एएसआइ बृजकिशोर सिंह को रानियातालाब थाना भेजा गया है.
लाइन हाजिर होनेवाले पुलिसकर्मियों में मोकामा के इंस्पेक्टर अशोक कुमार सिंह, एएसआइ राज कुमार चौधरी, हवलदार महेश्वरी प्रसाद सिंह, चालक प्रदीप कुमार साह, सिपाही रवीश चंद्रा, सिपाही अभिषेक आनंद व सिपाही भूषण कुमार शामिल हैं. ये सभी पुलिसकर्मी 31 मई की रात हुए उस एनकाउंटर में शामिल थे , जिसमें दो कथित अपराधी पुलिस की गोलियों से मारे गये थे. मुठभेड़ की घटना के तुरंत बाद परिजनों ने फर्जी मुठभेड़ का आरोप लगाया था. परिस्थितिजन्य साक्ष्यों, शवों की हालत, घटनास्थल, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, पुलिसकर्मियों के बदलते बयान व बमबम मंडल की स्वीकारोक्ति के बाद पुलिस की भूमिका कटघरे में आ गयी है.

सूत्रों की माने तो कुछ अन्य पुलिसकर्मियों पर भी तबादले की कार्रवाई हो सकती है. लाइन हाजिर होनेवाले पुलिसकर्मियों को तत्काल पुलिस लाइन में योगदान देने का निर्देश दिया गया है.

* आरके झा नये थानेदार
मोकामा : रत्न किशोर झा को मोकामा का नया इंस्पेक्टर सह थानाध्यक्ष बनाया गया है. श्री झा इससे पहले पंडारक में थानाध्यक्ष थे. इंस्पेक्टर पद पर प्रोन्नत होने के बाद उनकी पहली पदस्थापना मोकामा में हुई है. उन पर थाना में व्याप्त गुटबाजी को दूर करने की जिम्मेवारी होगी.

* कार्रवाई का बढ़ सकता है दायरा
मोकामा : मुठभेड़ को लेकर उठ रहे सवालों को लेकर विवादों के घेरे में आये पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का दायरा बढ़ सकता है. लाइन हाजिर करना भले ही छोटी कार्रवाई हो पर, अब भी कड़ी कार्रवाई का विकल्प खुला हुआ है. इन सभी के मोकामा में पदस्थापित रहते सबूतों, गवाहों व अनुसंधान पर असर पड़ सकता था.

पुलिस मुख्यालय पूरे मामले की मॉनीटरिंग कर रहा है. बताया जाता है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल जांच व अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य यदि प्रतिकूल होते हैं , तो आगे भी कार्रवाई की जायेगी. वहीं, दूसरी ओर मृतक राजू सिंह के पिता जदयू नेता अशोक सिंह ने कहा कि उनको जो भी कहना था पुलिस के आलाधिकारियों को कह दिया है. पुलिस की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है.

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