रोटेशन पर ग्रामीण इलाकों में होती है बिजली की आपूर्ति

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 07 Feb 2018 5:49 AM

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जहानाबाद नगर : चप्पा-चप्पा, गली-गली हम लेकर आये हैं बिजली… स्लोगन के साथ घर-घर बिजली पहुंचाने की बात करने वाला बिजली विभाग द्वारा जिले में रोटेशन के आधार पर ग्रामीण इलाकों में बिजली की आपूर्ति की जाती है. इन इलाकों में छह घंटे बिजली की कटौती की जाती है. इसका मुख्य कारण उपभोक्ताओं द्वारा बिजली […]

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जहानाबाद नगर : चप्पा-चप्पा, गली-गली हम लेकर आये हैं बिजली… स्लोगन के साथ घर-घर बिजली पहुंचाने की बात करने वाला बिजली विभाग द्वारा जिले में रोटेशन के आधार पर ग्रामीण इलाकों में बिजली की आपूर्ति की जाती है. इन इलाकों में छह घंटे बिजली की कटौती की जाती है. इसका मुख्य कारण उपभोक्ताओं द्वारा बिजली बिल जमा नहीं किया जाना बताया जाता है. हालांकि जिले को जितनी बिजली की आवश्यकता है उसके अनुरूप जिले को 65 मेगावाट बिजली की आपूर्ति हो रही है.

ऐसे में सभी उपभोक्ताओं को 24 घंटे निर्वाध बिजली आपूर्ति किया जाना संभव है, शहरी क्षेत्र में तो उपभोक्ताओं को बिजली की निर्वाध आपूर्ति किया जाता है लेकिन ग्रामीण इलाकों में रोटेशन के आधार पर बिजली की आपूर्ति की जाती है. वहीं शहरी क्षेत्र में लोकल फॉल्ट के कारण आये दिन किसी न किसी इलाके में घंटों बिजली की आपूर्ति बाधित रहती है. इसका मुख्य कारण छोटे-मोटे फॉल्ट होना बताया जाता है. हालांकि शहरी क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था सुदृढ़ करने में विभाग जुटा हुआ है.

70 हजार हैं बिजली उपभोक्ता
जिले में करीब 70 हजार बिजली उपभोक्ता हैं. इनमें 18 हजार से अधिक बिजली उपभोक्ता शहरी क्षेत्र के हैं. जिले में करीब 13 करोड़ रुपये की बिजली की आपूर्ति प्रति माह की जाती है, लेकिन राजस्व के रूप में मात्र 3.5 करोड़ रुपये की वसूली ही हो पाती है. शहरी क्षेत्र के उपभोक्ता ही नियमित रूप से बिजली बिल जमा करते हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ता बिल जमा करने में काफी कोताही बरतते हैं. ऐसे में विभाग भी उन उपभोक्ताओं पर विशेष ध्यान नहीं देता तथा रोटेशन के आधार पर ग्रामीण इलाकों में बिजली की आपूर्ति की जाती है. बिजली बिल जमा करने के लिए विभाग द्वारा संडे को काउंटर खोला जाता है, लेकिन जिले में ऑनलाइन बिजली बिल जमा करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या काफी कम है. गिने-चुने लोग ही ऑनलाइन बिजली बिल जमा करने में विश्वास रखते हैं. अधिकांश उपभोक्ता काउंटर पर ही बिल जमा करना चाहते हैं. हेल्पलाइन नंबर पर नहीं मिलता कोई रिस्पॉन्स: विभाग द्वारा बिजली से संबंधित जानकारी के लिए तथा फॉल्ट होने पर इसकी जानकारी देने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है, लेकिन इस नंबर पर कोई रिस्पॉन्स नहीं मिलता है. नंबर पर लगातार प्रयास करने के बाद भी संपर्क नहीं हो पाता. ऐसे में लोगों को विभागीय पदाधिकारियों से संपर्क करना पड़ता है, तभी छोटे-मोटे फॉल्ट भी दूर हो पाता है.
बिजली बिल में गड़बड़ी से परेशान रहते हैं उपभोक्ता
बिजली बिल में गड़बड़ी की शिकायत बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं की रहती है. बिल ठीक कराने को लेकर उपभोक्ता आये दिन विभाग का चक्कर काटते देखे जाते हैं, लेकिन वहां उनकी सुनने वाला कोई नहीं होता है. ऐसे में कई उपभोक्ता चक्कर लगाते-लगाते थकहारकर बिजली का कनेक्शन कटाने को तैयार हो जाते हैं. बिजली बिल में सुधार होने पर उपभोक्ता बिल जमा करने में गुरेज नहीं करते, लेकिन बिल सुधार कराने में ही उनकी चप्पल घिस जाती है.
क्या कहते हैं पदाधिकारी
जिले को आवश्यकता के अनुरूप बिजली प्राप्त हो रही है. बिजली की आपूर्ति भी निर्वाध रूप से की जा रही है. हालांकि ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ता बिल जमा नहीं कर रहे हैं, जिससे विभाग को काफी परेशानी हो रही है.
अमोल कुमार, कार्यपालक अभियंता
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