बैकुंठपुर में खतरे के निशान से 80 सेमी ऊपर बह रही गंडक नदी
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 10 Jul 2024 11:11 PM
नेपाल में बारिश के कारण गंडक नदी का जल स्तर फिर से बढ़ रहा है. वाल्मीकिनगर बराज से सुबह नदी में डिस्चार्ज 1.65 लाख था. जो शाम को बढ़कर 1.80 लाख पर पहुंच गया.
गोपालगंज. नेपाल में बारिश के कारण गंडक नदी का जल स्तर फिर से बढ़ रहा है. वाल्मीकिनगर बराज से सुबह नदी में डिस्चार्ज 1.65 लाख था. जो शाम को बढ़कर 1.80 लाख पर पहुंच गया. बैकुंठपुर के टंडसपुर में गंडक नदी खतरे के निशान से 80 सेमी ऊपर पहुंच गयी है. वहीं पतहरा में भी नदी 03 सेमी नीचे रही. इससे नदी का दबाव तटबंधों पर बढ़ा है. सर्वाधिक दबाव बैकुंठपुर प्रखंड के तटबंधों पर है. तटबंधों पर बाढ़ संघर्षात्मक समिति के अध्यक्ष नवल किशोर सिंह, कार्यपालक अभियंता प्रमोद कुमार, टंडसपुर में धीरेंद्र विक्रम की टीम लगातार चौकसी में तुटे रहे. पल-पल की स्थिति का आकलन कर तैयारियां की जा रहीं. उधर, बैकुंठपुर के निचले इलाके में पानी फैला हुआ है. नेपाल में लगातार हो रही बारिश के कारण निचले इलाके के लोगों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. 43 गांवों के लोग नदी के रुख को देख रहे हैं. जैसे ही पानी का स्तर बढ़ेगा, लोग घर-बार छोड़ने की तैयारी में हैं. अभियंताओं ने कि जिले में तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित है. कहीं भी कोई दिक्कत नहीं है. विभाग लगातार स्थिति पर नजर रख रहा है. तटबंधों पर कटाव का खतरा भी बना हुआ है. निगरानी 24 घंटे रखी जा रही है. 4.5 लाख क्यूसेक पानी के क्रॉस होने के बाद भी तटबंध सुरक्षित रहा. जिले के निचले इलाके में रहने वाले 43 गांवों के लोगों की चौखट तक नदी का पानी पहुंच चुका है. गांवों को जोड़ने वाली सभी सड़कों पर नदी का पानी बह रहा है. गांव चारों तरफ से घिरा हुआ है. आने-जाने के सभी मार्ग ध्वस्त हो चुके हैं. स्कूल, आंगनबाड़ी केंद्र भी डूब गये हैं. अब नाव ही एक मात्र सहारा बची है. घरों में राशन व सब्जियों के भी दिक्कत होने लगी है. बच्चों को लोग स्कूल जान को जोखिम में डालकर पहुंचा रहे हैं. खेतों में पानी लगने के कारण पशुओं को चारा लाना भी किसानों के लिए बड़ी चुनौती है. सदर प्रखंड के कटघटरवां, हीरापाकड़, मेहंदियां, रामपुर टेंगराही, बरइपट्टी, पतहरा, सेमराही, निरंजना, धूप सागर, धर्मपुर, भगवानपुर, रामनगर, मकसुदपुर कुचायकोट में सिपाया टोला वार्ड नं 7, भसही, मांझा प्रखंड के निमुइया, माघी, मगुरहां, भैंसही एवं पुरैना सिधवलिया के बंजरिया समेत जिले के 43 गांव पानी से घिरे हैं.
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