गोपालगंज के ड्रग्स पैडलरों की अकूत संपत्ति को आर्थिक अपराध इकाई करेगी जब्त

Updated at : 17 Apr 2024 10:26 PM (IST)
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Lawrence Bishnoi

नशे के खिलाफ शुरू हुई बिहार पुलिस की मुहिम में गोपालगंज के कई ड्रग्स पैडलर गिरफ्तार किये गये हैं. इनमें महिलाएं भी शामिल है. ड्रग्स के गाेरखधंधे से मादक पदार्थ के धंधेबाजों ने अकूत संपत्ति बनायी है.

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गोविंद कुमार, गोपालगंज. नशे के खिलाफ शुरू हुई बिहार पुलिस की मुहिम में गोपालगंज के कई ड्रग्स पैडलर गिरफ्तार किये गये हैं. इनमें महिलाएं भी शामिल है. ड्रग्स के गाेरखधंधे से मादक पदार्थ के धंधेबाजों ने अकूत संपत्ति बनायी है. अब इस संपत्ति को आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) जांच कर जब्त करेगी. ड्रग्स पैडलरों की संपत्ति जांच में जरूरत पड़ी, तो इओयू की ओर से केंद्र सरकार की एजेंसी इन्फोर्समेंट डायरेक्टोरेट (इडी) को भी अनुशंसा की जाएगी. ये सबकुछ गोपालगंज पुलिस की जांच व रिपोर्ट के आधार पर होगी. पुलिस कप्तान स्वर्ण प्रभात ने बताया कि हाल के दिनों में कई ड्रग्स पैडलरों को गिरफ्तार किया गया है, जिनके पास से लाखों का चरस, गांजा, स्मैक व अन्य सामग्री मिली है. पुलिस ने इन सभी मामलों में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज जांच शुरू की, तो ड्रग्स पैडलरों के नशे के धंधे से अर्जित की गयी अकूत संपत्ति मिली. अब उस संपत्ति का विवरण थानों से मांगा गया है, इसके बाद इओयू को संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई के लिए अनुशंसा की जायेगी. करीब दर्जनभर ऐसे धंधेबाज हैं, जिनकी कुंडली पुलिस तैयार कर रही है. इधर, रविवार को मीरगंज थाने की पुलिस ने लाइन बाजार में छापेमारी कर एक महिला धंधेबाज को गिरफ्तार किया, जिसके पास से 4.5 किलोग्राम गांजा मिला है. पुलिस के अनुसार, लाइन बाजार में कन्हैया जनरल स्टोर पर छापेमारी की गयी. छापेमारी के दौरान कृष्णा गुप्ता की पत्नी दुर्गावती देवी को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से गांजा मिला. पुलिस ने मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर महिला धंधेबाज को महिला पुलिस की अभिरक्षा में न्यायालय में प्रस्तुत कर जेल भेज दिया.

ड्रग्स व गांजा तस्करों ने बदला ट्रेंड, महिला को कर रहे शामिल :

पुलिस के मुताबिक ड्रग्स पैडलर और गांजा तस्कर नशे की सामग्रियों की तस्करी के लिए अलग-अलग तरीका अपनाते रहे हैं. अब गांजा तस्करों ने तस्करी के लिए अलग ट्रेंड अपनाया है. वे अपने गिरोह में महिलाओं को शामिल कर रहे हैं. वे जब तस्करी के लिए गांजा लाते हैं, तो सामान्य परिवार की तरह ट्रॉली बैग, एयर बैग, लेडीज पर्स में गांजे का पैकेट छिपाते हैं ताकि पुलिस या नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) भी जांच करे, तो उन्हें तस्करी का शक न हो. इस कारण जब तक सटीक सूचना नहीं होती है, तो पुलिस को सफलता हाथ नहीं लगती है.

ओडिशा और त्रिपुरा का सबसे ज्यादा गांजा : पुलिस रिकार्ड के मुताबिक तस्कर गोपालगंज में सबसे ज्यादा गांजा ओडिशा और त्रिपुरा से लेकर आते हैं. ओडिशा के नक्सल ग्रस्त इलाकों में सबसे ज्यादा गांजा की तस्करी होती है. वहां के मलकानगिरी, बौध, कंधमाल, रायगड़ा, गजपति, कोरापुट समेत अन्य जिलों में गांजे का बड़ा सिंडिकेट है. वहां से तस्कर कम दामों में गांजा की खेप लाते हैं. वहां का गांजा गोपालगंज के अलावा आसपास के जिलों में खपाया जाता है.

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