शीतलहरी से कांपा शहर, एक की मौत
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :29 Dec 2016 8:17 AM (IST)
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पहाड़ों पर बर्फबारी का असर गोपालगंज और आसपास के इलाकों में दिखने लगा है. शीतलहर से शहर कांप उठा है. दिन भर चली तेज पछुआ हवाओं से गलन बढ़ गयी, लोग ठिठुरते नजर आये. गोपालगंज : बर्फीली हवाओं के कारण दिन का पारा गिरा. आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा, तो […]
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पहाड़ों पर बर्फबारी का असर गोपालगंज और आसपास के इलाकों में दिखने लगा है. शीतलहर से शहर कांप उठा है. दिन भर चली तेज पछुआ हवाओं से गलन बढ़ गयी, लोग ठिठुरते नजर आये.
गोपालगंज : बर्फीली हवाओं के कारण दिन का पारा गिरा. आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा, तो राहगीर अलाव तलाशते नजर आये. शहर के चौक-चौराहे पर अलाव की जगह चीनी मिल का बगास जल रहा है. इससे काम नहीं चल रहा है. बीते कई दिनों से मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ था. मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि माना जा रहा था सूरज के मकर राशि में प्रवेश करने के बाद मौसम तेजी से करवट लेगा. सोमवार को जब पहाड़ों पर बर्फबारी शुरू हुई, तो उसका असर यहां भी नजर आने लगा.
शाम से ही बर्फीली हवा और कोहरे छाये रहे. बुधवार की सुबह बिस्तर से उठते ही लोग ठिठुरने लगे. पछुआ की रफ्तार बता रही थी कि शीतलहर शुरू हो गयी है. मौसम के इस बदलाव से दिन का पारा अचानक लुढ़क कर 20.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया. न्यूनतम तापमान 9.9 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया. उधर, ठंड लगने से राजापुर गांव की इंदू देवी 59 की मौत हो गयी. परिजनों ने बताया कि वह बुधवार की सुबह शौच के लिए गयी थी. लौट कर चापाकल पर हाथ धो रही थी, तभी अचानक हाथ-पैर कांपने लगे. परिजन उसे दरवाजे पर आग तपाने लगे. इसी बीच उसकी मौत हो गयी. इसके पहले मंगलवार को भी ठंड से बरौली में एक युवक की मौत हो गयी थी.कितना नुकसानदायक है कोहरा : सर्दियों के मौसम में सर्वाधिक दुष्प्रभाव प्रदूषित कोहरे का पड़ता है.
कोहरे में धुएं और छोटे-छोटे अन्य प्रदूषित कणों के मौजूद होने से वह श्वसन तंत्र पर असर डालते हैं. डॉ एके तिवारी की मानें, तो कोहरे के चलते लोगों की आंखों में जलन, आंसू, नाक में खुजली, गले में खराश और खांसी जैसे लक्षण सामान्य तौर पर देखने को मिलते हैं. सर्दी बढ़ने के साथ ही सांस की नली की संवेदनशीलता तुलनात्मक रूप से बढ़ जाती है, जिससे वह सिकुड़ती है. इस कारण सास के रोगियों में विभिन्न समस्याएं बढ़ने की आशका काफी बढ़ जाती है. लक्षण नजर आने पर डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी होता है.
गरम कपड़ों के बाजारों में उमड़ी भीड़ : मौसम के करवट का असर शनिवार को गरम कपड़ों के बाजार पर भी नजर आया. खादी ग्रामोद्योग, ड्रेसलैंड, पोशाक, ऊलेन मेला, कश्मीरी मेले में ऊनी कपड़ों की खरीदारी को भारी भीड़ उमड़ी. सड़क पर लगी दुकानों पर भी भीड़ नजर आयी.
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