Gopalganj News : जदयू विधायक अमरेंद्र पांडेय व उनके सीए राहुल तिवारी की गिरफ्तारी पर कोर्ट ने लगायी रोक

Published by : GURUDUTT NATH Updated At : 28 Apr 2026 9:07 PM

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गोपालगंज. जिले के कुचायकोट के जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय, उनके बड़े भाई सतीश पांडेय तथा सीए राहुल तिवारी की तरफ से दाखिल अग्रिम जमानत याचिका पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तीन राजेंद्र पांडेय की एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट में सुनवाई हुई.

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गोपालगंज. जिले के कुचायकोट के जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय, उनके बड़े भाई सतीश पांडेय तथा सीए राहुल तिवारी की तरफ से दाखिल अग्रिम जमानत याचिका पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश तीन राजेंद्र पांडेय की एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट में सुनवाई हुई. विधायक पप्पू पांडेय की ओर से बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन मनन मिश्रा ने दलील पेश की. सीए राहुल तिवारी की तरफ से पटना हाइकोर्ट के वरीय अधिवक्ता नरेश दीक्षित, कुमार हर्षवर्धन ने पक्ष रखते हुए केस के मेरिट पर ही गंभीर सवाल उठाये. चेयरमैन मनन मिश्रा की दलील के बाद अभियोजन पक्ष से केस डायरी को पढ़ने के लिए एक मौका मांगा गया. इसपर कोर्ट ने सात मई को पुन: सुनवाई के लिए तिथि मुकर्रर करते हुए विधायक एवं सीए राहुल तिवारी की गिरफ्तारी पर कोर्ट ने तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी. सुनवाई के दौरान कोर्ट में गहमागहमी का माहौल बना रहा. विधायक के बाहुबली भाई सतीश पांडेय की अग्रिम जमानत तथा जेल में बंद भोला पांडेय एवं अन्य की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय तथा उनके बड़े भाई सतीश पांडेय की तरफ से अधिवक्ता उदय कुमार तथा शेख असगर, वरीय अधिवक्ता राजेश पाठक एवं भोला पांडेय की तरफ से अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार तिवारी ने पक्ष रखा. इसकी जानकारी देते हुए जिला लोक अभियोजक देववंश गिरि उर्फ भानु गिरि ने कोर्ट की ओर से विधायक एवं उनके सीए की गिरफ्तारी पर रोक लगायी है. गौरतलब है कि विधायक पप्पू पांडेय, उनके बड़े भाई सतीश पांडेय तथा सीए राहुल तिवारी के खिलाफ फर्जी कागजात बनाकर जमीन पर जबरन कब्जा करने के लिए भू-माफियाओं के साथ साजिश करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गयी है, यह प्राथमिकी मीरगंज थाना क्षेत्र के सेमराव गांव निवासी जितेंद्र कुमार राय ने दर्ज करायी है.

डायरी को देखने के लिए अभियोजन ने एक दिन का मांगा मौका

कोर्ट से बाहर निकलने पर मनन कुमार मिश्र ने पत्रकारों से कहा कि पूरा मामला दीवानी प्रकृति का है. किरण सिन्हा की ओर से 2024 में कोर्ट में हाकियत वाद भी दाखिल किया गया है. ऐसे में फौजदारी मुकदमे का कोई औचित्य नहीं है. कोर्ट में मनन मिश्र के साथ रविप्रकाश मणि त्रिपाठी, जदयू के मोहनीश शाही भी शामिल थे. वहीं अभियोजन पक्ष से जिला लोक अभियोजक देववंश गिरि उर्फ भानु गिरि के साथ वरीय अधिवक्ता प्रभुनाथ सिंह, रामनाथ साहू, राकेश राय, राजकमल एवं अभिषेक राय ने बहस की. उनकी तरफ से कोर्ट को कहा गया कि सर डायरी आज मिली है. एक दिन का मौका मिले ताकि पढ़ा जाये. निचली अदालत से केस का रेकॉर्ड भी आज ही आया था. ऐसी स्थिति में एक दिन का टाइम मांगा. बचाव पक्ष की तरफ से डायरी समय पर नहीं आरोप लगाये गये. तो कोर्ट ने यह अंतरिम आदेश पारित किया.

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