बीजेपी के ‘राहुल गांधी’ : लाल से हरा और अब भगवा, रुद्रनील घोष के ‘शिवपुर’ लौटने की इनसाइड स्टोरी

Published by :Mithilesh Jha
Published at :28 Apr 2026 10:25 PM (IST)
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Rudranil Ghosh BJP WB Election 2026

Rudranil Ghosh BJP WB Election 2026: बीजेपी नेता और अभिनेता रुद्रनील घोष के जीवन के अनसुने पहलू. शिवपुर सीट से चुनाव लड़ने की रणनीति, उनके डिजिटल पेंटिंग के शौक और 2026 में उनकी शादी की चर्चा पर विशेष रिपोर्ट.

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Rudranil Ghosh BJP WB Election 2026: पश्चिम बंगाल की राजनीति में रंग बदलने की कला में अगर कोई माहिर है, तो वह हैं रुद्रनील घोष. कभी वामपंथी छात्र संगठन SFI के कद्दावर नेता रहे रुद्रनील आज बीजेपी के सबसे मुखर चेहरों में एक हैं. 53 वर्षीय रुद्रनील का राजनीतिक सफर ‘लाल’ से शुरू होकर ‘हरे’ (TMC) के रास्ते अब ‘केसरिया’ (BJP) तक पहुंच चुका है.

इस बार होम ग्राउंडर बने रुद्रनील घोष

2021 में भवानीपुर से ममता बनर्जी के गढ़ में ताल ठोंकने वाले रुद्रनील इस बार अपने ‘होम ग्राउंड’ यानी हावड़ा की शिवपुर विधानसभा सीट से किस्मत आजमा रहे हैं. वह खुद को ‘शिवपुर का बेटा’ बताकर जनता का दिल जीतने की कोशिश में जुटे हैं.

SFI से बीजेपी तक : विचारधाराओं का ‘कॉकटेल’

  • छात्र राजनीति का गुरूर : हावड़ा के नरसिंह दत्त कॉलेज से उन्होंने SFI की राजनीति शुरू की थी. वह सीपीएम (CPM) के कार्ड होल्डर सदस्य भी रहे, जिस पर वह आज भी गर्व करते हैं.
  • सत्ता के साथ बदलाव : बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद वह धीरे-धीरे ममता बनर्जी के करीब आये. उन्हें सरकारी पद भी मिले. लेकिन 2021 के चुनाव से पहले उन्होंने ‘कमल’ (बीजेपी) का दामन थाम लिया.
  • मिट्टी से जुड़ाव : भवानीपुर में मिली हार के बाद भी रुद्रनील ने मैदान नहीं छोड़ा. इस बार उनका मुकाबला टीएमसी के राणा चटर्जी से है, जो पिछली बार बाली से जीते थे. रुद्रनील की टीम प्रचार कर रही है कि शिवपुर को बाहरी नहीं, अपना ‘भूमिपुत्र’ चाहिए.

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Rudranil Ghosh BJP WB Election 2026: पूर्व प्रेमिका ने बसाया घर, अब रुद्रनील की बारी?

रुद्रनील की निजी जिंदगी हमेशा चर्चा का विषय रही है. बीजेपी के भीतर कुछ लोग उन्हें मजाक में ‘बीजेपी का राहुल गांधी’ कहते हैं, क्योंकि वह अभी तक कुंवारे हैं.

  • तनुश्री कनेक्शन : 2021 के बंगाल चुनाव में रुद्रनील के साथ उनकी पूर्व प्रेमिका और अभिनेत्री तनुश्री चक्रवर्ती ने भी बीजेपी से चुनाव लड़ा था. चुनाव के बाद तनुश्री ने राजनीति छोड़ दी और विदेश में शादी कर घर बसा लिया.
  • शहनाई का मुहूर्त : तनुश्री की शादी के बाद रुद्रनील से जब उनके विवाह के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने संकेत दिया था कि वह 2026 में शादी कर सकते हैं. अब कयास लगाये जा रहे हैं कि चुनाव खत्म होते ही रुद्रनील के घर भी शहनाई बजेगी.

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पेंटिंग का शौक : मोबाइल पर उकेरते हैं कल्पनाएं

राजनीति और अभिनय के शोर-शराबे के बीच रुद्रनील के भीतर एक कलाकार आज भी जिंदा है. रुद्रनील के माता-पिता शिक्षक थे. उनके पिता सरकारी आर्ट कॉलेज से डिग्रीधारी चित्रकार थे. उन्हीं से रुद्रनील को चित्रकारी का हुनर मिला. व्यस्तता के कारण वह कैनवास पर पेंटिंग तो नहीं कर पाते, लेकिन ऐसा मोबाइल इस्तेमाल करते हैं, जिसमें डिजिटल पेन की सुविधा है. वह फुर्सत के पल मोबाइल स्क्रीन पर तस्वीरें बनाकर बिताते हैं.

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रुद्रनील के लिए साख की लड़ाई है 2026 का चुनाव

शिवपुर की गलियों में ‘घर का लड़का’ बनकर घूम रहे रुद्रनील घोष के लिए यह चुनाव साख की लड़ाई है. देखना होगा कि चुनाव के नतीजों के बाद उनके जीवन में जीत का गुलाल उड़ता है या शादी की शहनाई बजती है.

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मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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