ठंड के कहर से बचाएं अपने नौनिहालों को

Published at :13 Dec 2016 5:37 AM (IST)
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ठंड के कहर से बचाएं अपने नौनिहालों को

सभी अस्पतालों में बढ़ी कोल्ड डायरिया व निमोनिया पीड़ित बच्चों की संख्या गोपालगंज : ठंड शुरू होते ही कोल्ड डायरिया और निमोनिया के रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है. सदर अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व प्राइवेट क्लिनिकों में ऐसे रोगियाें की संख्या अधिक है़ सदर अस्पताल व पीएचसी में सामान्य दिनों में 50 से […]

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सभी अस्पतालों में बढ़ी कोल्ड डायरिया व निमोनिया पीड़ित बच्चों की संख्या

गोपालगंज : ठंड शुरू होते ही कोल्ड डायरिया और निमोनिया के रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है. सदर अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों व प्राइवेट क्लिनिकों में ऐसे रोगियाें की संख्या अधिक है़ सदर अस्पताल व पीएचसी में सामान्य दिनों में 50 से 60 तक रहने वाली रोगियों की संख्या बढ़ गयी है. शहर के अन्य निजी अस्पतालों में भी रोगियों की संख्या बढ़ गयी है. इसके अलावा सर्दी, खांसी और हल्के बुखार से पीड़ित रोगी भी अस्पताल पहुंच रहे हैं. दो माह से लेकर दो वर्ष तक के बच्चे अधिक बीमार पड़ रहे हैं. ऐसा नहीं है कि केवल बाहर निकलने वक्त ही बच्चों को ठंड लगती है. एक कमरे से दूसरे कमरे जाने के क्रम में भी अचानक ठंड लग सकती है.
हार्ट अटैक के बढ़े केस : इन दिनों सबसे बड़ा खतरा हार्ट अटैक के रूप में सामने आ रहा है. हार्ट अटैक के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी हो गयी है. अटैक आनेवाले मरीजों को ठंड में अलर्ट हो जाना चाहिए, क्योंकि ऐसे मरीजों की दवाओं में ठंड के अनुसार बदलाव आते हैं. इधर, शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ आरपी सिंह का कहना है कि शिशु को घर से बाहर निकालने के पहले गरम कपड़े से अवश्य ढक लें़ जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से परामर्श ले लेना चाहिए.
क्या कहते हैं डॉक्टर
शिशु को घर से बाहर निकालने के पहले उसे गरम कपड़ों से ढक लें, अन्यथा वे बीमार पड़ सकते हैं.
डॉ आरपी सिंह, शिशु रोग विशेषज्ञ
बच्चे के लिए क्या बचाव
बच्चे को पूरे कपड़े सुबह से देर रात तक पहनाएं
बच्चों को खाली पेट कभी नहीं रखें
बच्चों को हीटर से काफी दूर रखें
ब्लोअर का यूज बिल्कुल ना करें
निमोनिया के लक्षण
यह वायरल से होता है. बुखार आ जाता है और सांस तेज चलने लगती है. सर्दी और खांसी से बच्चा परेशान हो जाता है.
कोल्ड डायरिया के लक्षण
ठंड लगने से पतला शौच होने लगता है. आंखें धंसने लगती हैं. शरीर ढीला होने लगता है. बच्चे को शीघ्र चिकित्सक से दिखाएं.
बुजुर्ग क्या रखें ध्यान
मॉर्निंग वॉक पर तभी जाएं जब कुहासा खत्म हो जाये
बीपी और शुगर लेवल लगातार चेक करते रहें
हल्का-हल्का ही सही, लेकिन एक्सरसाइज जरूर करें
हीटर या ब्लोअर का प्रयोग करने से बचें
शरीर को गरम रखने के लिए पूरे कपड़े पहनें
खान-पान में रखें ध्यान
चाय-कॉफी का प्रयोग कम करें
विटामिन सी भरपूर मात्रा में लें- मसलन आंवला, नींबू, नारंगी और अमरूद खाएं
जिसकी तासीर गरम हो वह भोजन में प्रयोग करें- जैसे गुड़, चना, तील, ज्वार, बाजरा, मडुआ अौर रागी
भाेजन में सरसों, बथुआ, मेथी, सोया और पालक को शामिल करें
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