ट्रेस करने तक सिमटा साइबर सेल
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 29 Dec 2015 2:04 AM
गोपालगंज : साइबर अपराधी जिले में प्रतिदिन 9-10 लोगों को अपना शिकार बनाते हैं. अधिकतर मामलों में पुलिस प्राथमिकी तक दर्ज नहीं करती. प्राथमिकी दर्ज भी हो जाये, तो कार्रवाई अनुसंधान के दौरान कांड को सूत्रहीन करार दे दिया जाता है. यह गंभीर विषय है. साइबर विशेषज्ञ डॉ आरके मिश्र का मानना है कि इस […]
गोपालगंज : साइबर अपराधी जिले में प्रतिदिन 9-10 लोगों को अपना शिकार बनाते हैं. अधिकतर मामलों में पुलिस प्राथमिकी तक दर्ज नहीं करती. प्राथमिकी दर्ज भी हो जाये, तो कार्रवाई अनुसंधान के दौरान कांड को सूत्रहीन करार दे दिया जाता है.
यह गंभीर विषय है. साइबर विशेषज्ञ डॉ आरके मिश्र का मानना है कि इस तरह के अपराध को रोकने के लिए पुलिस और समाज को तैयार करना पड़ेगा. वर्ष 2008 में प्रदेश में साइबर सेल बनाने की शुरुआत हुई और वर्ष 2011 तक हर जिले में साइबर सेल बन गया, मगर इसका काम केवल शिकायत आने के बाद अपराधियों को ट्रैस करने तक का है. आगे की कार्रवाई थाने से होती है. उन्होंने इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए कुछ सुझाव भी दिये.
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