Gopalganj News: महेंद्र दास कॉलेज में करोड़ों का अनुदान घोटाला, हाई-लेवल जांच, प्राचार्य नहीं दे सकीं हिसाब!
Author : Vivek Pandey Published by : Vivek Ranjan Updated At : 14 May 2026 6:32 PM
Gopalganj News:गोपालगंज जिले के महेंद्र दास इंटर कॉलेज नेचुआ जलालपुर में हुए घोटाले की जांच तेज पढिए पूरी खबर नीचे...
Gopalganj News: (विकाश दुबे) गोपालगंज जिले के महेंद्र दास इंटर कॉलेज नेचुआ जलालपुर में हुए अनुदान घोटाले की जांच के लिए पहुंची शिक्षा विभाग के जांच टीम के समक्ष प्राचार्य निभा तिवारी ने कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं करा सकी. जांच टीम के अधिकारी एमडीएम के डीपीओ ब्रजेश कुमार पाल, डीपीओ माध्यमिक शिक्षा प्रवीण कुमार प्रभात ने एक करोड़ के अनुदान में घोटाला के संबंध में उनका साक्ष्य मांगे, प्राचार्य ने जांच टीम से बताया कि कॉलेज से संबंधित सभी अभिलेख लिपिक बिरेन्द्र रॉय के पास हैं.
जांच की कार्रवाई शुरू
किन्तु, उनकी मां की तबियत खराब होने के कारण वे उपस्थित नहीं हो सके. प्राचार्य द्वारा न तो कोई लिखित पक्ष प्रस्तुत किया गया और न ही किसी अभिलेख,साक्ष्य का अवलोकन कराया गया. अभी जांच की कार्रवाई शुरू ही हुआ था कि प्राचार्य निभा तिवारी के कथित भाई राजीव मिश्रा के द्वारा जांच के दौरान बाहर खड़ा होकर देख रहे डिग्री कॉलेज के कुछ कर्मियों को देख डांटने लगे. इस पर शिक्षक व कर्मी भड़क उठे. राजीव मिश्रा पर गंभीर आरोप लगाते हुए संस्था को बर्बाद कर देने की बात कही. शिक्षकों व कर्मियों ने जांच टीम से कहा कि जांच को सार्वजनिक रूप से किया जाये. जिससे निष्पक्षता बनी रहे. स्थिति के गरमाते देख जांच टीम वापस लौट आई.
प्राचार्य को मिला अंतिम मौका
जिससे जांच की प्रक्रिया अधूरी रह गई. जांच टीम के अधिकारी माध्यमिक शिक्षा के डीपीओ प्रवीण कुमार प्रभात ने प्राचार्य को अंतिम अवसर देते हुए 15. मई की सुबह शिक्षा विभाग में 11:00 बजे कार्यालय प्रकोष्ठ में जांच के लिए उपस्थित होने का आदेश दिया है. कॉलेज के संचालन संबंधी सभी प्रशासनिक एवं वित्तीय अभिलेख तथा अपने लिखित पक्ष के साथ उपस्थित होना सुनिश्चित करें. अन्यथा, जांच समिति को अग्रेत्तर कार्यवाही का अनुशंसा करना बाध्यकारी होगा. शिकायतकर्ताओं को भी जांच के दौरान साक्ष्य के साथ उपस्थित रहने का आदेश जारी किया है.
जांच टीम के समक्ष शिक्षकों ने खोला कच्चा चिठा
महेंद्र दास महिला कॉलेज में जांच टीम के सामने शिक्षक अमितेश कुमार श्रीवास्तव एवं अन्य शिक्षकों तथा अनिता कुमारी द्वारा वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाया गया. उस संबंध में पुख्ता साक्ष्य देते हुए घोटाले की कच्चा- चिठ्ठा खेल दिया.
डीएम के आदेश पर हो रही हाइलेबल जांच
महेंद्र दास इंटर कॉलेज के प्राचार्य अपने कथित भाई राजीव मिश्रा से सभी शिक्षकों के साथ डरा- धमका कर अनुदान की राशि लौटवाया गया है. कॉलेज में कार्यरत शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मियों के मद में सत्र 2015-17 एवं 2016-18 के लिए बिहार सरकार एवं बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा दिनांक 06 दिसंबर 2025 को महाविद्यालय के खाते में आरटीजीएस के माध्यम से एक करोड़ रुपये भेजे गये थे. उसके बाद प्राचार्य ने अपने कथित भाई के साथ कर्मियों को डरा-धमकाकर, सादे कागज पर हस्ताक्षर कराकर, केस में फंसाने तथा कॉलेज से बर्खास्त करने की धमकी देकर चेक के माध्यम से भुगतान किया गया तथा दी गयी राशि का आधा हिस्सा किसी न किसी माध्यम से वापस वसूल लिया गया. डीएम पवन कुमार सिन्हा के आदेश पर मामले की हाइलेबल जांच शुरू हो गयी है.
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By Vivek Pandey
विवेक रंजन पांडेय का जन्म और पालन-पोषण बिहार के गौरवशाली इतिहास और ज्ञान की भूमि नालंदा में हुआ. इसी पावन धरती के संस्कारों ने उन्हें समाज और व्यवस्था को गहराई से देखने का नजरिया दिया. पत्रकारिता के प्रति अपने जुनून को करियर बदलने के लिए उन्होंने पटना के आर्यभट्ट विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. पिछले 7 वर्षों से टीवी चैनल के जरिए रिपोर्टिंग फील्ड में लगातार सक्रिय हैं. Network 10 National News Channel से करियर की शुरुआत की. उसके बाद कई संस्थानों में काम किया. शिक्षा और राजनीति के साथ कृषि, महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर विशेष रूचि रखते हैं. पत्रकारिता की बारीकियों को सीखा और ग्राउंड जीरो पर रहकर जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया. वर्तमान में Prabhat Khabar के माध्यम से बिहार की खबरों को एक नया आयाम दे रहे हैं. वे बिहार की राजनीति के साथ-साथ देश की सियासी हलचलों पर भी पैनी नजर रखते हैं. अपने शानदार करियर में उन्होंने बिहार के वर्तमान मुख्यमंत्री जब वह उप मुख्यमंत्री थे तब इंटरव्यू किया. इसके साथ कैबिनेट के अधिकांश प्रमुख मंत्रियों का विशेष इंटरव्यू किया है. बिहार के शीर्ष नेताओं और नौकरशाहों को बहुत करीब से देखा, समझा और उनकी नीतियों का निष्पक्ष विश्लेषण किया. जटिल राजनीतिक घटनाक्रमों को बेहद सरल भाषा में जनता के सामने पेश किया है.
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