जनता के लिए बुलेट ट्रेन फिजूलखर्ची, बेटे की बीएमडब्लू जरूरत: मोदी
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 22 Dec 2015 7:27 PM
जनता के लिए बुलेट ट्रेन फिजूलखर्ची, बेटे की बीएमडब्लू जरूरत: मोदी लालू क्या मेट्रो ट्रेन, गंगा पर नये पुल और 6 लेन सड़कों का भी विरोध करेंगे संवाददाता पटना . भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि आज अगर घंटे भर के लिए इंटरनेट लिंक फेल हो जाए, […]
जनता के लिए बुलेट ट्रेन फिजूलखर्ची, बेटे की बीएमडब्लू जरूरत: मोदी लालू क्या मेट्रो ट्रेन, गंगा पर नये पुल और 6 लेन सड़कों का भी विरोध करेंगे संवाददाता पटना . भाजपा के वरिष्ठ नेता व पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि आज अगर घंटे भर के लिए इंटरनेट लिंक फेल हो जाए, तो लोगों के लिए बैंकिंग से लेकर रेलवे टिकट बनाना तक मुश्किल हो जाता है. जिस सूचना क्रांति (आईटी) की बदौलत जिंदगी बेहतर हुई और लाखों युवाओं को रोजगार मिला है, उसका मजाक उड़ाने के लिए कभी लालू प्रसाद ने पूछा था– ये आईटी–वाईटी क्या होता है.. आज यही लालू प्रसाद बुलेट ट्रेन का विरोध कर रहे हैं. क्या वे पटना में मेट्रो ट्रेन चलाने का भी विरोध करेंगे . श्री मोदी ने कहा कि लालू प्रसाद के एक पुत्र 20 लाख की बाइक से चलते हैं और दूसरे बेटे 1 करोड़ रुपये की कार रखते हैं. वे राजधानी और शताब्दी जैसी हाईस्पीड ट्रेनों से सफर करते हैं, लेकिन आम आदमी को पैसेंजर ट्रेन से आगे की सुविधा देने को फिजूलखर्ची बताते हैं. चुनाव के दौरान भी उन्होंने कार्यकर्ताओं से टमटम पर प्रचार करने को कहा, लेकिन खुद हेलीकाप्टर का इस्तेमाल करते रहे. वे गरीबों को बैलगाड़ी–लालटेन के युग में रखना चाहते हैं, इसलिए आईटी से लेकर बुलेट ट्रेन तक, विकास के हर आधुनिक साधन का विरोध करते हैं. श्री मोदी ने कहा कि लालू प्रसाद को बताना चाहिए कि क्या अंतरिक्ष शोध कार्यक्रम और शताब्दी–राजधानी जैसी ट्रेनों को भी बंद कर देना चाहिए . एक राजधानी ट्रेन को बंद कर दस पैसेंजर ट्रेनें चलायी जा सकती हैं, पर क्या लोगों को उसी दौर में लौटना चाहिए, जब दिल्ली पहुंचने के लिए 20–24 घंटे लगते थे . क्या 6–लेन सड़कों पर पैसा खर्च न कर सरकार को केवल पंगडंडी बनानी चाहिए तो फिर पटना में गांधी सेतु के समानान्तर गंगा पुल बनाने के लिए 5000 करोड़ रुपये की भी क्या जरूरत है . क्या लोगों को पीपा पुल और नौका से काम चलाना चाहिए . दिल्ली मेट्रो पर 175 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर और विजयवाड़ा मेट्रो पर 288 करोड़ रुपये प्रति किमी. खर्च आया, जबकि बुलेट ट्रेन पर मात्र 140 करोड़ रुपये प्रति किमी.की लागत आएगी. जापान ने भारत को केवल बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए 0.1 फीसद व्याज पर 50 साल के लिए ऋण दिया है. जापान की तकनीक श्रेष्ठता का लाभ भी मिलेगा. लालू प्रसाद बतायें कि क्या भारत को विकास की गति तेज करने वाली बुलेट ट्रेन चलाने का अवसर छोड़ देना चाहिए .
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