देश की साझीझ्रसंस्कृति को तोड़ने वाली है मोदी सरकार : कविता कृष्णन

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देश की साझी–संस्कृति को तोड़ने वाली है मोदी सरकार : कविता कृष्णनशराबबंदी लागू करने में ना–नुकूर नहीं करे नीतीश सरकार : मीना तिवारी ऐपवा की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शुरूसंवाददाता, पटना आज के राजनैतिक परिदृश्य में देश में बढ़ता सांप्रदायिक माहौल व तनाव बेहद चिंता का विषय है. आज देश में फासीवादी ताकतों […]

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देश की साझी–संस्कृति को तोड़ने वाली है मोदी सरकार : कविता कृष्णनशराबबंदी लागू करने में ना–नुकूर नहीं करे नीतीश सरकार : मीना तिवारी ऐपवा की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शुरूसंवाददाता, पटना आज के राजनैतिक परिदृश्य में देश में बढ़ता सांप्रदायिक माहौल व तनाव बेहद चिंता का विषय है. आज देश में फासीवादी ताकतों द्वारा देश की साझी–संस्कृति को तोड़ने के प्रयास किया जा रहा है और इस पर सरकारी सहमति भी है. सहिष्णुता की आड़ में असहिष्णु हिंसक वारदातों और प्रतिरोध करने वालों, अवार्ड वापस करने वाले बुद्धिजीवियों एवं संस्कृतिकर्मियों को राष्ट्रद्रोही घोषित करने जैसी कार्रवाइयों ने देश में अस्थिरता एवं भय का माहौल बनाया है. उक्त बातें शुक्रवार को अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन (ऐपवा) की राष्ट्रीय सचिव कविता कृष्णन ने कहीं. वे पटना में एपवा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में बोल रही थीं. एपवा की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की आज से पटना में बैठक शुरू हो गयी. बैठक में दिल्ली से कविता कृष्णन, आंध्रप्रदेश से नागमणि और अरुणा, पंजाब से इकबाल उदासी, उत्तरप्रदेश से विद्या रजवार व कृष्णा अधिकारी, कार्बी से प्रतिमा इगिबी व रेखा, झारखंड से गीता मंडल व ललिता, बिहार से सोहिला गुप्ता, शशि यादव, अनीता सिन्हा, सरोज चौबे, डॉ. भारती एस कुमार और मीना तिवारी एवं अन्य ऐपवा की नेतागण भाग ले रही हैं. बैठक में ऐपवा की राष्ट्रीय महासचिव मीना तिवारी ने कहा कि ऐपवा महिलाओं और जनता के बीच इन सांप्रदायिक शक्तियों के देश विरोधी साजिश को बेनकाब करेगी और प्रतिरोध की आवाज उठाने वालों के साथ अपनी आवाज बुलंद करेगी.आंदोलन को और तेज करने का निर्णय बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, गरीबों से दूर होती शिक्षा और इसके काॅरपोरेटीकरण का विरोध और उन्हें दूर करने के लिए सरकार पर दबाव बनाने आदि की चुनौती ऐपवा के सामने है. बैठक में महिलाओं के बुनियादी सवाल समान मजदूरी, सुरक्षा, सम्मान और सुरक्षित माहौल पर देशभर में चल रहे आंदोलनों को और तेज करने का निर्णय लिया गया. बैठक में ऐपवा ने मोदी सरकार को सबक सिखाने और जोर का झटका देने के लिए बिहार की जनता को बधाई दी है. बैठक में एक प्रस्ताव पारित कर बिहार सरकार से पूर्ण शराबबंदी की मांग की गयी. प्रस्ताव में कहा गया है कि यदि सरकार इसमें ना–नुकुर करती है, तो जोरदार आंदोलन चलाया जाएगा. बैठक की अध्यक्षता ऐपवा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. भारती एस कुमार और सरोज चौबे कर रही थीं.

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