जनादेश विपक्ष को परेशान करने के लिए नहीं होता : नीतीश कुमार

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जनादेश विपक्ष को परेशान करने के लिए नहीं होता : नीतीश कुमारजदयू यूपीए सरकार में भी जीएसटी के पक्ष में रही हैजनादेश के बाद काम कर रहा हूं संसद के सेंट्रल हाल भी गये सीएम ब्यूरोनयी दिल्ली : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नेशनल हेराल्ड मुद्दे पर कांग्रेस के विरोध का समर्थन किया है. उन्होंने गुरुवार […]

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जनादेश विपक्ष को परेशान करने के लिए नहीं होता : नीतीश कुमारजदयू यूपीए सरकार में भी जीएसटी के पक्ष में रही हैजनादेश के बाद काम कर रहा हूं संसद के सेंट्रल हाल भी गये सीएम ब्यूरोनयी दिल्ली : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नेशनल हेराल्ड मुद्दे पर कांग्रेस के विरोध का समर्थन किया है. उन्होंने गुरुवार को कहा कि राजनीति में बदले की भावना नहीं होनी चाहिए और विपक्ष को परेशान नहीं किया जाना चाहिए. लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के लिए काम करने का जनादेश मिलता है. यह जनादेश विपक्ष को परेशान करने के लिए नहीं है. मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार दिल्ली आये नीतीश कुमार ने गुरुवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की. इन मुलाकातों को उन्होंने शिष्टाचार भेंट बताया. पीएम से मिलने के बाद मुख्यमंत्री संसद के केंद्रीय कक्ष में पहुंचे और वह पार्टी नेताओं के साथ ही अन्य शुभचिंतकों से भी मिले. इसके बाद संसद के बाहर संवाददाताओं से नीतीश कुमार ने कहा कि जब कांग्रेस कोई बात कह रही है, तो उसका कुछ मायने होगा, अन्यथा पार्टी ऐसा क्यों कहती. वैसे मेरे पास ब्योरा नहीं है. उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थिति में कांग्रेस के मन में जो संशय है, उसे सरकार को दूर करना चाहिए.संसद में चल रहे गतिरोध के बारे में पूछे जाने पर जदयू नेता ने कहा, संसद को चलाने की प्राथमिक जिम्मेदारी सरकार की है.उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद मेरी यह पहली दिल्ली यात्रा है. जिन लोगों ने हमें समर्थन दिया है या जो हमारे प्रति अच्छा सोच रखते हैं, उन्हें धन्यवाद देने मैं आया हूं. यह पूछे जाने पर कि क्या बिहार चुनाव के बाद वह देश में भी बिहार की तरह गंठबंधन बनाने की पहल कर रहे हैं, उन्होंने कहा कि जनता ने हमें मैंडेट दिया है और हम काम कर रहे हैं. असम में गंठबंधन से संबंधित सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इस विषय में मैं किसी तरह की पहल नहीं कर रहा हूं. असम गण परिषद के नेता प्रफुल कुमार महंत से मुलाकात के विषय में भी उन्होंने कहा कि वह हमारे पुराने साथी हैं. उनसे पुराना रिश्ता है, इसलिए उनसे मुलाकात की है. प्रधानमंत्री द्वारा घोषित बिहार पैकेज के विषय में उन्होंने कहा कि इस विषय में जो प्रतिक्रिया देनी थी, वह पटना में दे चुका हूं. केंद्र सरकार ने घोषणा की है और उसे देने की प्रतिबद्धता भी जतायी है. इस विषय में हमने तब ही वित्त मंत्री को पत्र लिख कर पूछा था. वित्त मंत्री ने जवाब दिया था कि घोषित राशि को केंद्रीय मंत्रालयों और एजेंसियों द्वारा चरणबद्ध तरीके से खर्च किया जायेगा. मुझे पूरा उम्मीद है कि जो घोषणा की गयी है, उस पर अमल होगा. संसद में जीएसटी बिल के लटकने से संबंधित सवाल पर मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि जदयू जीएसटी के पक्ष में है. जब यूपीए की सरकार थी, तब भी जदयू ने जीएसटी का पक्ष लिया था और आज भी. जीएसटी पर जदयू सरकार को समर्थन करेगा. गौरतलब है कि संसद भवन स्थित प्रधानमंत्री के कार्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने के बाद मुख्यमंत्री राहुल गांधी के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात की और दोपहर का भोजन उनके आवास पर ही किया. शाम को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार के जन्मदिन की होनेवाली पार्टी में भी उन्होंने शिरकत की.

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