गया में पराली जलाने के आरोप में 21 किसानों का रजिस्टेशन रद्द

Updated at : 27 Apr 2024 11:07 PM (IST)
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गया में पराली जलाने के आरोप में 21 किसानों का रजिस्टेशन रद्द

जिले में अब तक पराली जलाने के आरोप में 21 किसानों का रजिस्टेशन रद्द किया गया है. फसल अवशेष जलाने के कारण जिन किसानों का पंजीकरण अवरूद्ध कर दिया गया है, वे अब प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित कृषि विभाग की किसी भी योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे. ना ही वे अपने गेहूं की बिक्री पैक्सों को कर सकेंगे.

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गया. जिला कृषि पदाधिकारी अजय कुमार ने फसल अवशेष (पराली) जलाने की घटना पर निगरानी रखने के लिए बैठक कर आवश्यक निर्देश दिया. जिला पदाधिकारी ने इसके लिए सख्त हिदायत दी थी. उनके निर्देश पर यह बैठक की गयी. बिना जिला प्रशासन के अनुमति पत्र (पास) के कंबाइन हार्वेस्टर मालिक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है. साथ ही बार-बार अनुरोध के बावजूद जिन किसानों द्वारा फसल अवशेष (पराली) जलाया जा रहा है, उन किसानों का पंजीकरण अवरुद्ध करते हुए पर्यावरण प्रदूषित करने के आरोप में उनके विरुद्ध भी प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया है. कार्य में लापरवाही बरतने वाले चरा कृषि समन्वयक, एक सहायक तकनीकी प्रबंधक का वेतन रोका गया है. जिन पंचायतों में फसल अवशेष जलाने की घटना प्रकाश में आती है, तो संबंधित पंचायत के कृषि कर्मियों के विरुद्ध आरोप गठित कर विभागीय कार्रवाई प्रारंभ की जायेगी. डीएओ ने कहा कि बार-बार अनुरोध करने के बावजूद कुछ किसान फसल अवशेष जलाने से बाज नहीं आ रहे हैं. फसल अवशेष जलाने से मिट्टी, मानव स्वास्थ्य एवं पर्यावरण पर बुरा प्रभाव पड़ता है. हमारी मिट्टी में पहले से ही जैविक कार्बन कम है. फसल अवशेष जलाने से जैविक कार्बन भी जलकर नष्ट हो जाते हैं. जिन खेतों में फसल अवशेष जलाया जाता है, उन खेतों में मौजूद सभी लाभदायक सूक्ष्मजीवी भी मर जाते हैं. फसल अवशेष जलाने से सांस लेने में तकलीफ, आंखो में जलन तथा नाक व गले की समस्या बढ़ती है. इस संबंध में बार-बार जागरूक करने के बावजूद कुछ किसान फसल अवशेष जला देते हैं. फसल अवशेष जलाने वाले किसानों का पंजीकरण संख्या अवरूद्ध कर आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया गया है. जिले में अब तक पराली जलाने के आरोप में 21 किसानों का रजिस्टेशन रद्द किया गया है. फसल अवशेष जलाने के कारण जिन किसानों का पंजीकरण अवरूद्ध कर दिया गया है, वे अब प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित कृषि विभाग की किसी भी योजना का लाभ नहीं ले सकेंगे. ना ही वे अपने गेहूं की बिक्री पैक्सों को कर सकेंगे. इधर शेरघाटी प्रखंड अंतर्गत ग्राम बीटी बिगहा में बिना जिला प्रशासन की अनुमति के कंबाइन हार्वेस्टर के संचालन करने के आरोप में कंबाइन हार्वेस्टर मालिक गुरुआ प्रखंड के इटवां गांव के धनुषधारी सिंह के पुत्र गया प्रसाद के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है.

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