कड़ा संघर्ष...पर अधूरा ही रह गया महेंद्र सिंह का सपना
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 28 Apr 2016 10:11 AM
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मानपुर: तिलैया-ढांढ़र सिंचाई परियोजना संघर्ष समिति के अध्यक्ष सह अधिवक्ता महेंद्र सिंह का सपना उनके अपने जीवनकाल में पूरा नहीं हो सका. श्री सिंह का निधन कैंसर के कारण बुधवार की सुबह करीब 10 बजे मानपुर के सिद्धार्थपुरी मुहल्ला स्थित निजी आवास पर हो गया. मौत की खबर मिलते ही उनके चाहनेवालों की भीड़ उमड़ […]
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मानपुर: तिलैया-ढांढ़र सिंचाई परियोजना संघर्ष समिति के अध्यक्ष सह अधिवक्ता महेंद्र सिंह का सपना उनके अपने जीवनकाल में पूरा नहीं हो सका. श्री सिंह का निधन कैंसर के कारण बुधवार की सुबह करीब 10 बजे मानपुर के सिद्धार्थपुरी मुहल्ला स्थित निजी आवास पर हो गया. मौत की खबर मिलते ही उनके चाहनेवालों की भीड़ उमड़ पड़ी. कई गण्यमान्य लोगों ने उनकी आत्मा की शांति के लिए भगवान से प्रार्थना भी की.
महेंद्र सिंह के सबसे करीब रहे मुखिया पारस सिंह ने बताया कि 1961-62 के दौरान सत्यभामा देवी नामक नेत्री ने तिलैया ढांढ़र सिंचाई परियोजना की आधारसिला रखी. इस पर केंद्र सरकार ने राज्य सरकार की सहमति पर इस परियाेजना पर करोड़ों रुपये खर्च किये. उस समय ही परियोजना को जल्द चालू कराने के लिए संघर्ष समिति का गठन किया गया. समय पर परियोजना पूरा कराने के लिए समिति का एक प्रतिनिधिमंडल 1993 में सूबे के सिंचाई मंत्री जय प्रकाश से मिला था. बिहार-झारखंड का विभाजन हाेने के बाद तिलैया ढांढ़र सिंचाई परियोजना के नाम से तिलैया हटा दिया गया. महेंद्र सिंह ने किसानों व समाजसेवियों के साथ राज्य से लेकर केंद्र तक लड़ाई लड़ी. अस्वस्थ होने के बाद भी श्री सिंह 2013-14 में केंद्रीय सिंचाई मंत्री हरीश रावत से मिले और तत्कालीन मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी पर लगातार दबाव बनाते रहे, लेकिन महेंद्र सिंह का सपना अधूरा ही रह गया और वह इस दुनिया को छोड़ गये.
अधूरे सपने को पूरा कराने का होगा प्रयास : संवेदना जताते हुए पशुपालन व मत्स्यपालन मंत्री अवधेश कुमार सिंह ने कहा कि महेंद्र सिंह जनता की समस्याओं के लेकर हमेशा संघर्ष करते रहे. भगवान उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें. वह प्रयास करेंगे कि श्री सिंह के अधूरे सपने जल्द पूरा किया जा सके. पूर्व विधायक वीरेंद्र सिंह ने कहा कि महेंद्र सिंह का असमय निधन हुआ है, जिससे लोग मर्माहत है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिल कर उनके अधूरे काम को पूरा कराने का प्रयास करेगें. जरूरत पड़ी, तो संघर्ष तेज किया जायेगा. तिलैया-ढांढ़र सिंचाई परियोजना शुरू होने पर ही उनकी आत्मा को शांति मिलेगी.
बार एसाेसिएशन ने जताया शाेक
अधिवक्ता महेंद्र सिंह के निधन पर गया बार एसाेसिएशन के पदाधिकारियाें ने शाेक जताया है. एसाेसिएशन के अध्यक्ष आेमप्रकाश, सचिव मुरारी कुमार हिमांंशु, संयुक्त सचिव संजय कुमार सिंह व विकास रंजन दफ्तुआर ने उनकी शवयात्रा में शामिल हाेकर उनके परिजनाें काे सांत्वना दिया.
कैंसर से पीड़ित थे महेंद्र बाबू
मुखिया पारस सिंह ने बताया कि महेंद्र सिंह मूल रूप से टनकुप्पा प्रखंड के बाजाबिगहा गांव के रहनेवाले थे. वे वर्तमान में मानपुर के सिद्वार्थपुरी मुहल्ले में अपने निजी मकान में रखे थे. उनके दो पुत्र व तीन पुत्रियां हैं. बड़ा लड़का सुनील कुमार नेवी में नौकरी करता है, तो छोटी बेटी नीतू कुमारी व बेटा शुुुशांक शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े हैं. श्री सिंह को मई 2015 में दांत का कैंसर हाेने की जानकारी डॉक्टरों से मिली. इसके बाद वे लगातार दिल्ली व मुंबई के बड़े अस्पतालों में इलाज कराते रहे. बीमारी के दौरान भी वे जनहित की लड़ाई लड़ते रहे.
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