फुटपाथी दुकानदारों पर प्रशासन ने दिखायी सख्ती, पर अब तक नहीं बना वेंडिंग जोन

Updated at : 29 Jul 2019 9:18 AM (IST)
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फुटपाथी दुकानदारों पर प्रशासन ने दिखायी सख्ती, पर अब तक नहीं बना वेंडिंग जोन

गया : शहर के फुटपाथी दुकानदारों को वेंडिंग जोन में लाने की योजना पिछले चार साल से कागजी प्रक्रिया में अटकी पड़ी है. इस बात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि फुटपाथी दुकानदारों के लिए वर्ष 2015-16 में नासवी द्वारा सर्वे पूरा होने के बाद भी पिछले चार साल से इस महत्वपूर्ण योजना […]

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गया : शहर के फुटपाथी दुकानदारों को वेंडिंग जोन में लाने की योजना पिछले चार साल से कागजी प्रक्रिया में अटकी पड़ी है. इस बात का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि फुटपाथी दुकानदारों के लिए वर्ष 2015-16 में नासवी द्वारा सर्वे पूरा होने के बाद भी पिछले चार साल से इस महत्वपूर्ण योजना पर सिर्फ कागजी मथापच्ची ही हुई.

हालांकि इन चार साल में नगर निगम व जिला प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के नाम पर शहर के अलग-अलग जगहों पर फुटपाथी दुकानदारों पर खूब ताकत दिखायी है, लेकिन वेंडिंग जोन के निर्माण को लेकर अधिकारियों ने वह फुर्ती नहीं दिखायी है.
क्यों जरूरी हैं वेंडिंग जोन गया में देश के दूसरे जगहों की तरह भी फुटपाथ पर फल व सब्जियां समेत दूसरी सामग्री बेचनेवाले लोगों का कब्जा है. इसके कारण सड़कों पर जहां अतिक्रमण की समस्या बढ़ी है, वहीं लाेगों को रोजाना जाम की समस्या से दो-चार होना पड़ता है. नासवी (नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ) के द्वारा वर्ष 2015 में गया में फुटपाथी दुकानदारों का सर्वे कराया गया.
शहर में अलग-अलग जगहों पर फुटपाथ पर दुकान लगानेवालों को इसके दायरे में लाना था, ताकि एक तो शहर में फुटपाथी दुकानदारों का दायरा अलग-अलग जगहों पर न होकर एक ही जगह पर रहे. साथ ही उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ भी दिलाया जा सके.
3250 फुटपाथी दुकानदार चिह्नित
नगर निगम कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार इसके तहत शहर के करीब 3250 फुटपाथी दुकानदारों को चिह्नित किया गया है. प्रदेश सरकार ने भी फुटपाथी दुकानदारों से संबंधित कानून में बदलाव करते हुए इसे पूरे प्रदेश में लागू किया.
इसके तहत सभी फुटपाथी दुकानदारों को पहचान पत्र देना है. अभी तक शहर में 404 फुटपाथी दुकानदारों को पहचान पत्र दिया जा चुका है. सभी फुटपाथी दुकानदारों का आधार कार्ड अपग्रेड भी हो रहा है. हालांकि शुरू में फुटपाथी दुकानदारों को पहचान पत्र देने के लिए एजेंसी की बात हो रही थी, लेकिन अब उनका पहचान पत्र नगर निगम ही बनाकर देगा.
कहां-कहां बनने हैं वेंडिंग जोन
भुसुंडा मोड़ से जगजीवन कॉलेज तक रोड के पश्चिम हिस्से में
गेवाल बिगहा खलिश पार्क से गांधी मैदान मोड़ से सरकारी बस स्टैंड तक सड़क के किनारे
कठोकर तालाब के पास निगम मार्केट के पीछे
सिकड़िया मोड़ से मगध मेडिकल कॉलेज-किशोरी मोहन कॉम्पलेक्स के दक्षिण हिस्से में
मिर्जा गालिब मोड़ से उत्तर नाजरेथ स्कूल के पूर्वी तरफ ओवरब्रिज तक सड़क के किनारे
काशीनाथ मोड़ चर्च के दक्षिण सड़क के किनारे
जेपीएन अस्पताल के पीछे
एनओसी का मामला
सूत्रों की मानें तो वेंडिंग जाेन के लिए जो जगह चुने गये हैं व पथ निर्माण विभाग व राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित है. उक्त दोनों विभागों को नगर निगम प्रशासन की ओर से कई बार एनओसी के लिए पत्र भेजा गया है, लेकिन अभी तक एनओसी नहीं दिया गया है.
हालांकि इस मामले में नगर निगम प्रशासन की लापरवाही भी रही. इस मामले में शहर फुटपाथ विक्रेता संघ के अध्यक्ष अमरजीत गिरि ने कहा कि अतिक्रमण के नाम पर फुटपाथी दुकानदारों के साथ दुर्व्यवहार होता रहा है. हालांकि संघ भी इस मामले में ढीला रवैया अपना रहा है.
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