डेंगू से घबराने की जरूरत नहीं डॉक्टर की सलाह

Published at :23 Sep 2016 7:08 AM (IST)
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डेंगू से घबराने की जरूरत नहीं डॉक्टर की सलाह

दरभंगा : डेंगू ने दस्तक दे दी है. इसको लेकर स्वास्थ्य महकमें में हलचल बढ गयी है. डेंगू के रोग की हुई पुष्टिवाले मरीज दिल्ली के हैं. यह रोग दूसरे एवं तीसरे स्टेज का खतरनाक बताया गया है. जिले में तीसरे स्टेज के मरीज नहीं पाये गये हैं. अभी तक जो भी मरीज यहां मिले […]

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दरभंगा : डेंगू ने दस्तक दे दी है. इसको लेकर स्वास्थ्य महकमें में हलचल बढ गयी है. डेंगू के रोग की हुई पुष्टिवाले मरीज दिल्ली के हैं. यह रोग दूसरे एवं तीसरे स्टेज का खतरनाक बताया गया है. जिले में तीसरे स्टेज के मरीज नहीं पाये गये हैं. अभी तक जो भी मरीज यहां मिले हैं वे सभी बाहरी राज्यों से आये हैं.

तीसरे स्टेज के लक्षण: डेंगू के तीसरे स्टेज के मरीजों के शरीर से खून का रिसाव होता है. पहले स्टेज के डेंगू रोग में तेज बुखार, हड्डी में दर्द, सिर दर्द आदि लक्षण रहते हैं. दूसरे स्टेज में रोगी को हैमरेजिक फीवर, खून का रिसाव, अंदर एवं बाहर होता रहता है. जबकि तीसरे स्टेज में डेंगू के रोगी शॉक में चले जाते हैं, जो काफी खतरनाक है.
एंडीज मच्छर से फैलता है रोग
डेंगू रोग एंडीज नामक मच्छर काटने से होता है. यह मच्छर कूलर, टायर, स्वच्छ तालाब आदि जगहों में पनपता है. डेंगू से प्रभावित रोगियों को ये मच्छर काटता है, यही मच्छर जब दूसरे को भी काटता है तो डेंगू रोग फैलता है.
क्या है लक्षण: दो से छह दिनों के भीतर सिर दर्द, नाक से पानी बहना, बुखार आदि लक्षण पाये जाते हैं. तीन दिनों के बाद यह लक्षण गायब हो जाते हैं. उसके बाद पुन: ये सभी लक्षण तेज हो जाते हैं. दूसरे स्टेज में डेंगू शॉक्ड सिंड्रोम में रोगी चला जाता है. बीपी कम हो जाता है. शरीर में मिनरल और तापमान में कमी आ जाती है. तीसरे स्टेज में डेंगू के मरीज में चेहरा लाल और हैमरेजिक फीवर के लक्षण पाये जाते हैं. अंगो के किसी भी भाग से रक्त का रिसाव शुरु हो जाता है. प्लेटलेट्स में कमी आती रहती है. इसमें 30 से 25 हजार से कम प्लेटलेट् पाये जाते हैं.
ये है बचाव: मच्छरदानी का उपयोग करें. यह मच्छर रात में नहीं दिन में ही काटता है. इसलिए ऐसे रोगियों को हमेशा मच्छरदानी में रखें. दिन में मोजा, फूलपैंट और फूल बांह का कपड़ा पहने. आसपास जमे पानी को दूर करें. शरीर पर मच्छर रोधक क्रीम लगायें.
उपचार: मेडिसीन विभाग के अध्यक्ष डाॅ बीके सिंह ने बताया कि इस रोग के उपचार के लिए कोई सटीक दवा नहीं है. बुखार के लिए पारासिटामौल, प्लेटलेट्स की कमी को दूर करने के लिए प्लेटलेट्स चढायें.
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