बक्सर: बिजली विभाग के जेई समेत 4 अन्य कर्मियों की बढ़ी मुश्किलें, कोर्ट ने भेजा समन

Published by :kumarsuryakant
Published at :07 May 2026 6:48 PM (IST)
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buxar News

सांकेतिक तस्वीर

Buxar News: बक्सर की एससी-एसटी कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए बिजली विभाग के पांच कर्मचारियों के खिलाफ समन जारी करने का आदेश दिया है. इन आरोपियों के खिलाफ कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता आइपीसी की धारा 323 स्वेच्छा से चोट पहुँचाना, धारा 341 गलत तरीके से रास्ता रोकना समेत और अन्य धाराओं के तहत संज्ञान लिया है.

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Buxar News: (संतोष कांत की रिपोर्ट) बक्सर जिला और अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम सह विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी बक्सर की अदालत ने एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए बिजली विभाग के पांच कर्मचारियों के खिलाफ समन जारी करने का आदेश दिया है. यह आदेश ब्रह्मपुर निवासी एक महिला द्वारा दायर ‘प्रोटेस्ट पिटिशन’ (विरोध याचिका) पर सुनवाई के बाद आया है.

पुलिस ने केस को बंद करने की सिफारिश की थी

अदालत ने मामले में प्रथम दृष्टया अपराध पाते हुए सभी आरोपियों को 27 मई 2026 को कोर्ट में पेश होने का निर्देश दिया है. मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, शिकायतकर्ता धर्मशिला कुमारी (पिता- शंभू नट, निवासी ब्रह्मपुर) ने 20 अगस्त 2023 को ब्रह्मपुर थाने में एक एफआईआर (संख्या- 23/2023) दर्ज कराई थी. हालांकि, पुलिस ने इस मामले में 2 जनवरी 2024 को फाइनल रिपोर्ट दाखिल करते हुए केस को बंद करने की सिफारिश की थी.

शिकायतकर्ता ने प्रोटेस्ट पिटिशन’ दाखिल किया

शिकायतकर्ता ने पुलिस की इस जांच पर असंतोष जताते हुए अदालत में ‘प्रोटेस्ट पिटिशन’ दाखिल की, जिसे कोर्ट ने 28 फरवरी 2025 को स्वीकार करते हुए इसे ‘कंप्लेंट केस’ के रूप में चलाने का आदेश दिया था.

​गवाहों के बयान और कोर्ट का कड़ा रुख

न्यायालय में सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता धर्मशिला कुमारी का शपथ पत्र दर्ज किया गया. इसके अलावा, मामले की पुष्टि के लिए तीन गवाहों दीपक सिंह, संजय सिंह और चंदन कुमार पांडेय के बयान भी दर्ज किए गए. केस डायरी और गवाहों के बयानों का अवलोकन करने के बाद, माननीय न्यायाधीश ने पाया कि आरोपियों के खिलाफ मामला चलाने के लिए काफी आधार मौजूद हैं.

​इन धाराओं में चलेगा मुकदमा

अदालत ने सभी पांच आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता आइपीसी की निम्नलिखित ​धारा 323 स्वेच्छा से चोट पहुँचाना, धारा 341 गलत तरीके से रास्ता रोकना, धारा 504 शांति भंग करने के इरादे से अपमान करना. धारा 506 आपराधिक धमकी देना एससी-एसटी (पीओएस) एक्ट जातिसूचक शब्दों का प्रयोग और अपमान करने से जुड़ी गंभीर धाराओं के तहत संज्ञान लिया है.

बिजली विभाग के ये कर्मी हैं नामजद

समन पाने वाले सभी आरोपी बिजली विभाग के कर्मचारी हैं, जिनमें अमित राय पिता- निर्मल कुमार राय, विभोर तिवारी पिता- स्व. सत्येन तिवारी, ऋतुराज प्रसाद पिता- भेखराज प्रसाद, वर्मा यादव पिता- स्व. गरीबा यादव, बबलू पांडेय पिता- स्व. नवांसी पांडेय) के नाम शामिल हैं. जिनमें अमित राय बिजली विभाग के जेई बताए गए हैं.

अगली कार्रवाई की तैयारी

अदालत ने आदेश की प्रति जारी करते हुए शिकायतकर्ता को निर्देशित किया है कि वह 7 दिनों के भीतर ‘प्रोसेस फी’ और शिकायत की प्रतियां कार्यालय में जमा करें, ताकि आरोपियों को कानूनी रूप से समन भेजा जा सके.इस मामले की अगली सुनवाई अब 27 मई 2026 को होगी, जहां आरोपियों को अपना पक्ष रखना होगा.

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