Bihar News: पटना में सरस्वती पूजा पर कड़ा पहरा, बिना लाइसेंस पंडाल लगाया तो खैर नहीं, विसर्जन के लिए भी बदले नियम!

Updated:
विज्ञापन

AI से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर- Strict vigil on Saraswati Puja in Patna

Bihar News: सरस्वती पूजा पर इस बार पटना में सिर्फ भक्ति और उत्सव नहीं, बल्कि हाईटेक सुरक्षा और पर्यावरण सुरक्षा का भी नया मॉडल दिखेगा. ड्रोन कैमरे से लेकर सोशल मीडिया मॉनीटरिंग तक और गंगा को बचाने के लिए कृत्रिम तालाबों में विसर्जन तक, प्रशासन ने हर मोर्चे पर कमर कस ली है.

विज्ञापन

Bihar News: सरस्वती पूजा के दौरान विधि-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. डीएम डॉ त्यागराजन एसएम और एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक कर साफ कहा कि सुरक्षा व्यवस्था तीन चरणों में सुनिश्चित की जाएगी.

आपके शहर में

विज्ञापन

पहला आयोजन से पहले, दूसरा पूजा के दौरान और तीसरा विसर्जन के समय. उनका जोर है कि हर स्तर पर समन्वय, सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ही इस त्योहार को शांतिपूर्ण और सुरक्षित बना सकती है.

तीन फेज में सुरक्षा का मजबूत खाका

डीएम और एसएसपी ने स्पष्ट किया कि सरस्वती पूजा के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी. आयोजन से पहले संवेदनशील स्थानों की पहचान, पूजा समितियों को लाइसेंस जारी करना और सभी तैयारियों की निगरानी जरूरी होगी. पूजा के दौरान भीड़ पर सीसीटीवी कैमरों से नजर रखी जाएगी और जगह-जगह यह संदेश देने वाले फ्लैक्स-बैनर लगाए जाएंगे कि हर गतिविधि कैमरे की निगरानी में है. विसर्जन के समय ड्रोन कैमरों से भी निगरानी होगी, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति पर तुरंत काबू पाया जा सके.

सोशल मीडिया और अफवाहों पर सख्त पहरा

प्रशासन ने सोशल मीडिया मॉनीटरिंग सेल को लगातार सक्रिय रखने का निर्देश दिया है. किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक सूचना पर तुरंत खंडन किया जाएगा. गुप्त सूचना तंत्र को मजबूत करने और पूर्व की घटनाओं में शामिल रहे लोगों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई के भी आदेश दिए गए हैं. क्विक रिस्पांस टीम और क्विक मेडिकल रिस्पॉन्स टीम की तैनाती आपात स्थिति से निपटने के लिए की जाएगी, ताकि हालात बिगड़ने से पहले ही नियंत्रण में आ सकें.

होटल, लॉज और हॉस्टल पर रहेगी कड़ी नजर

सरस्वती पूजा के दौरान शहर के होटल, लॉज और हॉस्टल की नियमित जांच होगी. खास तौर पर छात्रावासों में छात्रों की गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन का मानना है कि भीड़भाड़ वाले त्योहारों में असामाजिक तत्व सक्रिय हो सकते हैं, इसलिए हर संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई जरूरी है. बिना लाइसेंस के किसी भी हाल में पंडाल स्थापना या विसर्जन जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी और इसकी जिम्मेदारी संबंधित थानाध्यक्ष की व्यक्तिगत मानी जाएगी.

कृत्रिम तालाबों में ही होगा विसर्जन, गंगा रहेगी सुरक्षित

पटना नगर निगम ने गंगा नदी को प्रदूषण से बचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है. इस बार सरस्वती पूजा में मूर्तियों और पूजन सामग्री का विसर्जन केवल निर्धारित कृत्रिम तालाबों में ही होगा. पाटलिपुत्र अंचल में मिनार घाट, अजीमाबाद अंचल में भद्र घाट और मित्तन घाट, बांकीपुर अंचल में लॉ कॉलेज घाट और पटना सिटी अंचल में कंगन घाट व दमराही घाट पर कृत्रिम तालाब बनाए जा रहे हैं. नियमों के उल्लंघन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई और जुर्माने का प्रावधान रहेगा.

विसर्जन के बाद चलेगा विशेष सफाई अभियान

नगर निगम विसर्जन के बाद घाटों पर विशेष सफाई अभियान चलाएगा. घाटों की नियमित सफाई, कचरा निष्पादन, लाइटिंग और कपड़े लगाने की जिम्मेदारी तय एजेंसियों को दी गई है. साथ ही प्लास्टिक मुक्त अभियान के तहत हर घाट पर जागरूकता टीमें तैनात होंगी, जो लोगों को पॉलीथिन और प्लास्टिक के इस्तेमाल से बचने के लिए प्रेरित करेंगी.

Also Read: बिहार में अब आसमान से रखी जाएगी अपराधियों पर नजर, 25 करोड़ के हाईटेक ड्रोन से लैस होगी बिहार पुलिस

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन