बिहार में अब आसमान से रखी जाएगी अपराधियों पर नजर, 25 करोड़ के हाईटेक ड्रोन से लैस होगी बिहार पुलिस

Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 16 Jan 2026 9:04 PM

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AI से बनाई गई सांकेतिक तस्वीर

Bihar Police News: बिहार पुलिस अब आधुनिक ड्रोन तकनीक से लैस होने जा रही है. राज्य के सभी जिलों और एसटीएफ के लिए हाईटेक ड्रोन खरीदे जाएंगे. जिससे निगरानी, भीड़ नियंत्रण और अपराध पर लगाम और मजबूती से होगी.

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Bihar Police News: बिहार पुलिस जल्द ही आधुनिक तकनीक से लैस होने जा रही है. राज्य में कानून व्यवस्था और निगरानी को मजबूत करने के लिए हाई कैपेसिटी ड्रोन खरीदे जाएंगे. इस पर करीब 25 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इसकी मंजूरी केंद्र सरकार की हाई पावर कमेटी ने दे दी है.

यह जानकारी शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में एडीजी (आधुनिकीकरण) सुधांशु कुमार ने दी. उन्होंने बताया कि इस साल मार्च तक करीब 50 ड्रोन खरीदे जाएंगे.

सभी पुलिस जिलों को दिया जाएगा एक-एक ड्रोन

राज्य के सभी पुलिस जिलों को एक-एक ड्रोन दिया जाएगा. वहीं, एसटीएफ के लिए 10 बेहद उच्च क्वालिटी के ड्रोन खरीदे जाएंगे. इनका इस्तेमाल खासतौर से दियारा और दुर्गम इलाकों में निगरानी के लिए किया जाएगा. एडीजी ने बताया कि जिलों को मिलने वाले ड्रोन 45 मिनट तक लगातार उड़ान भर सकेंगे. ये ड्रोन भीड़ नियंत्रण में मदद करेंगे. साथ ही अपराध नियंत्रण और निगरानी में भी अहम भूमिका निभाएंगे.

इन ड्रोन में एएनपीआर सिस्टम यानी ऑटो नंबर प्लेट रिकॉग्निशन की सुविधा होगी. इससे सड़क पर चल रहे वाहनों की नंबर प्लेट की पहचान की जा सकेगी. संदिग्ध वाहनों पर तुरंत कार्रवाई आसान होगी. ड्रोन की खरीद केंद्र सरकार की एएसयूएमपी योजना के तहत की जाएगी. इसमें केंद्र और राज्य सरकार दोनों की हिस्सेदारी होगी.

थानों की सीसीटीवी से होगी सीधी निगरानी

एडीजी सुधांशु कुमार ने बताया कि राज्य के सभी थानों की सीसीटीवी से सर्विलांस करने की योजना है. इसके लिए थानों में सीसीटीवी कैमरे और डैशबोर्ड लगाए जाएंगे. इस योजना के तहत 112 करोड़ 46 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं.

इसके अलावा स्मार्ट पुलिसिंग से जुड़े उपकरण, थाना भवन और पुलिसकर्मियों के आवास निर्माण पर भी जोर दिया जा रहा है. इन सभी मदों में कुल 384 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं. राज्य में अलग-अलग जिलों में 11 नए थाना भवन बनाए जाएंगे. पटना के लोदीपुर में एसटीएफ का मुख्यालय भवन, बैरक और अनुमंडल स्तर के कार्यालय भी बनाए जा रहे हैं.

मार्च तक शुरू होंगे 7 नए एफएसएल

एडीजी ने बताया कि राज्य में 7 नए फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) मार्च तक शुरू हो सकते हैं. अभी पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और पूर्णिया में एफएसएल काम कर रहे हैं. इसके अलावा 34 मोबाइल एफएसएल यूनिट भी एक्टिव हैं.

नए कानूनों के तहत फॉरेंसिक जांच की अहमियत बढ़ गई है. इसी वजह से एफएसएल का विस्तार किया जा रहा है. राज्य में साइबर यूनिट भी शुरू कर दी गई है.

सचिवालय और सरकारी भवनों की सीसीटीवी से निगरानी

पटना के सभी सचिवालय भवनों और जिला स्तरीय कार्यालयों की सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी. प्रमुख भवनों और स्थानों पर डैशबोर्ड लगाए जाएंगे. वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस पर 23 करोड़ 58 लाख रुपये खर्च होने की संभावना है. हाईटेक ड्रोन और आधुनिक संसाधनों से बिहार पुलिस की ताकत और निगरानी क्षमता अब और मजबूत होने वाली है.

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अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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