रुक-रुक कर दिन भर लगता रहा जाम

Published at :31 May 2017 8:34 AM (IST)
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रुक-रुक कर दिन भर लगता रहा जाम

आरा : जाम और आरा नगर दोनों एक-दूसरे के पर्याय बन गये हैं. जाम से नगरवासियों को अब आश्चर्य तो नहीं होता है, पर परेशानी जरूर होती है. आये दिन नगर के लोग जाम को झेल रहे हैं. जाम नगर के लिए नगर के लिए दिनचर्या बन गया है. इसके बावजूद सरकार और प्रशासन द्वारा […]

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आरा : जाम और आरा नगर दोनों एक-दूसरे के पर्याय बन गये हैं. जाम से नगरवासियों को अब आश्चर्य तो नहीं होता है, पर परेशानी जरूर होती है. आये दिन नगर के लोग जाम को झेल रहे हैं.
जाम नगर के लिए नगर के लिए दिनचर्या बन गया है. इसके बावजूद सरकार और प्रशासन द्वारा इसके समाधान के लिए कोई उपाय नहीं किया जा रहा है. हालांकि जाम के कारण प्रशासनिक व सरकार के अन्य महकमे के अधिकारी भी परेशानी झेलते हैं, पर निराकरण करना मुनासिब नहीं समझते हैं. जाम की स्थिति ऐसी है कि नगर में एक किलोमीटर की दूरी तय करने में आधा से एक घंटा तक का समय लग जाता है. वाहनों की कौन कहे, पैदल चलने वालों को भी जाम से रू-ब-रू होना पड़ता है. इसे लेकर नगरवासियों में काफी आक्रोश है. जाम में फंसे लोग लाचार होकर सरकार व प्रशासन को कोसते हुए नजर आये. पूरा नगर जाम से त्रस्त है. मुख्य सड़कों की हालत जाम से बदतर है, तो अन्य सड़कें भी जाम से काफी प्रभावित हैं. इस दौरान प्रशासनिक व्यवस्था हर जगह नगण्य रही. बहुत कम जगहों पर पुलिसवाले एक-दो की संख्या में दिखे. जो जाम समाप्त कराने के लिए प्रयास कर रहे थे. पर यह महज उनका नाकाम कसरत ही साबित हो रहा था.
जाम में फंसे रहे लोग: नगर में जाम की स्थिति लगभग 10 बजे से ही शुरू हो गयी. जो देर शाम तक चलते रही. सड़कों पर गाड़ियों की लंबी कतार दिख रही थी. हर जगह लोग परेशान हो रहे थे. किसी भी सड़क पर जाम की स्थिति भयंकर थी. पैदल यात्रियों को भी चलना मुश्किल हो रहा था. सड़क पर केवल गाड़ियां ही दिखायी दे रही थीं. हर आदमी जाम से निकलना चाह रहा था, पर स्थिति ऐसी थी कि न आगे जाने का रास्ता था और न पीछे. सभी जाम में फंस कर परेशान थे. यह स्थिति लगभग सभी सड़कों की थी.
एक किलोमीटर तय करने में लग रहा था एक घंटे से अधिक : नगर में जाम से यातायात की स्थिति ऐसी है कि महज एक किलोमीटर की दूरी तय करने में एक घंटा से अधिक का समय लग रहा था. कई लोग तो अपने घर से कुछ ही दूरी पर थे, पर जाम के कारण वह घर नहीं पहुंच पा रहे थे. घर पहुंचने के लिए उन्हें काफी समय इंतजार करना पड़ रहा था.
पैदल चलनेवालों को भी हो रही है परेशानी : जाम के कारण वाहनों की कौन कहे, पैदल यात्रियों को भी काफी परेशानी होती है. सड़क दोपहिया और चारपहिया वाहनों के इस तरह भर जाता है कि थोड़ी भी जगह नहीं बचती है. जिससे होकर पैदल चलने वाले जा सके. किसी तरह पैदल यात्री कभी बायें, तो कभी दायें होकर बचते-बचाते आगे बढ़ रहे थे. पैदल यात्रियों को भी गतंव्य स्थल तक जाने में काफी समय लग रहा था.
फुटपाथ का नहीं होना भी है परेशानी का कारण : नगर में किसी भी सड़क पर फुटपाथ का निर्माण नहीं कराया गया है. इस कारण पैदल चलनेवाले भी जाम में फंस जाते हैं और उनका बुरा हाल होता है.
फुटपाथ की व्यवस्था होने पर कम-से- कम पैदल चलने वाले आसानी से जा सकते हैं. इससे सड़क की भीड़ पर थोड़ा नियंत्रण हो सकता था.
प्रशासन बना रहता है मूकदर्शक : जाम के समय प्रशासन मूकदर्शक बना रहता है. काफी कम जगहों पर ट्रैफिक पुलिसकर्मी उपलब्ध रहते हैं, पर एक-दो की संख्या में होने के कारण उनका प्रयास टांय-टांय फिस हो जाता है. नगर की ट्रैफिक व्यवस्था लगातार ध्वस्त साबित हो रही है. नगरवासी जाम से परेशान रहते हैं और प्रशासन चैन की वंशी बजाते रहता है. लोगों की परेशानी से निजात नहीं दिला कर प्रशासन अपने कर्तव्य के प्रति असंवेदनशीलता का परिचय देता है.
बाइपास सड़क बनाने की सरकार की घोषणा नहीं हो रही पूरी : नगर को जाम से निजात दिलाने के लिए सरकार के नियंताओं द्वारा हमेशा आश्वासन दिया जाता है कि बाइपास सड़क का निर्माण किया जायेगा. यह घोषणा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में पहली बार भाजपा व जदयू की सरकार के समय से ही की जा रही है. पर अब तक नगरवासियों को बाइपास सड़क की सुविधा नहीं मिल पायी है.
वहीं फोर लेन बनाने की बात हो रही है. पर वह भी अभी धरातल पर नहीं उतर पायी है. इससे नगरवासी हमेशा परेशानी का सामना कर रहे हैं.
रोहतास, कैमूर व बक्सर जिलों के लोग आरा होकर ही जाते हैं राजधानी
आरा नगर में यातायात का इतना दबाव है कि इसका निराकरण होना आवश्यक है. यह दबाव नगरवासियों पर भारी पड़ रहा है. तीन जिलों रोहतास, कैमूर व बक्सर के लोग आरा होकर ही राजधानी पटना जाते हैं. इस कारण आरा होकर प्रतिदिन लगभग दस हजार बड़े व छोटे वाहन गुजरते हैं. इससे आरा की सड़कों पर यातायात व्यवस्था चरमरा जाती है और जाम की स्थिति पैदा हो जाती है. लोगों का मानना है कि आरा की महत्व को देखते हुए बाइपास रोड का होना जरूरी है, ताकि नगरवासियों को जाम से निजात मिल सके.
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