भाइयों का जख्म देख बदला लेने की खाई कसम, रिटायर्ड सार्जेंट पर जानलेवा हमला, वारदात के बाद आरोपी ने किया सरेंडर
Published by : Preeti Dayal Updated At : 08 Apr 2026 2:47 PM
एयरफोर्स के रिटायर्ड सार्जेंट पर चाकू से हमला (सांकेतिक तस्वीर)
Bihar Crime News: बिहार के भोजपुर जिले में एयरफोर्स के रिटायर्ड सार्जेंट पर जानलेवा हमला किया गया. बताया जा रहा है कि एयरफोर्स के रिटायर्ड सार्जेंट पर चाकू से हमला किया गया. यह मामला लगभग 20 साल पुराना बताया जा रहा है.
Bihar Crime News: भोजपुर जिले के आरा शहर में 20 साल पुराने पारिवारिक विवाद ने मंगलवार की देर शाम हिंसक रूप ले लिया. टाउन थाना इलाके के शांति नगर मोहल्ले में एयरफोर्स के रिटायर्ड सार्जेंट अरविंद उपाध्याय पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया गया. हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें शहर के बाबू बाजार स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
घटना के बाद आरोपी अनिल शुक्ला उर्फ मनजी शुक्ला ने खुद थाना पहुंचकर सरेंडर कर दिया. पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है. बताया जा रहा है कि आरोपी भी हमले के दौरान घायल हुआ है, जिसका इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है.
जानिए पूरा मामला
आरोपी अनिल शुक्ला उर्फ मनजी शुक्ला ने बताया कि 20 साल पहले मेरे दादा बासुदेव शुक्ला ने शहर में मेरी दादी हीरा मानो देवी के नाम पर घर बनवाया था. चचेरा चाचा अरविंद उपाध्याय और उसके परिवार के सदस्य मेरी मां और पिता से कहते थे कि तुम लोग शहर का घर छोड़ दो और गांव वाला मकान ले लो.
अनिल शुक्ला ने बताया कि उस वक्त मैं छोटा था. मैं चार भाइयों में तीसरे नंबर पर हूं. अरविंद उपाध्याय की ओर से मकान छोड़ने का दबाव डाले जाने पर मेरे माता-पिता इसका विरोध करते थे. इसके बाद अरविंद उपाध्याय और उसके परिवार के सदस्य हम लोगों को प्रताड़ित करते थे.
आरोपी ने बताया कि मेरी मां बोलती थी कि जब मेरी सास के नाम पर मकान बना है, तो सभी जगह की प्रॉपर्टी पर परिवार के सभी सदस्यों का बराबर हक है. इसी बात को लेकर अरविंद उपाध्याय और उनके परिवार की ओर से मेरे दोनों भाई अमरनाथ शुक्ला और अरविंद शुक्ला और 80 साल के बूढ़े दादा को कमरे में बंद कर कपड़ा उतारकर उनकी कोड़ा से पिटाई की जाती थी. उस वक्त उनकी चीख कोई सुनने वाला नहीं था.
अनिल ने बताया कि मेरे पापा को घर से बाहर भेज दिया जाता था. इसके बाद मेरी मां को किचन में बंद करके रखा जाता था. उस वक्त मैं डर से कमरे के छज्जा पर चढ़ जाता था. अपने लाचार भाइयों को रोते-बिलखते देखता था, उस वक्त मेरी रूह कांप जाती थी. मेरे भाइयों की पीठ पर कोड़ा की मार से हुए गहरे निशान पर कोई मरहम लगाने तक नहीं आता था.
जख्म देख बदला लेने की खाई कसम
आरोपी अनिल ने बताया कि भाइयों के शरीर पर कोड़ा की मार से हुए जख्म को देख मैंने बदला लेने की कसम खाई थी. मैंने मन में ठान लिया था कि जब मैं बड़ा हो जाऊंगा तो, अरविंद और उसके परिवार को नहीं छोडूंगा. मैं कई महीनों से रिटायर्ड सार्जेंट की रेकी कर रहा था और अचानक मुझे अरविंद दिख गया. उसने कहा कि मुझे कोई अफसोस नहीं है, जेल ही मेरा घर है. तभी मैंने वारदात को अंजाम देने के बाद थाना जाकर सरेंडर किया है.
चाकूबाजी के आरोपी अनिल शुक्ला चार भाई हैं. अनिल से बड़े अमरनाथ शुक्ला गांव में ही रहते हैं. जबकि अरविंद और दीपू सीआईएसएफ में है. एक बहन शादीशुदा है. मां संध्या देवी घर पर रहती हैं. अनिल ने बताया कि पहले अलग-अलग राज्यों में प्राइवेट जॉब करता था, लेकिन अपनी कसम पूरी करने के लिए नौकरी छोड़कर कभी-कभी आरा आ जाता था.
देर शाम घर आए थे अरविंद
घायल रिटायर्ड सार्जेंट के जीजा अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि अरविंद देर शाम घर आया और तब से वह अपने घर में था. इसी बीच अनिल शुक्ला ने मेरे साले पर चाकू से हमला कर दिया. घायल अरविंद का इलाज कर रहे सर्जन डॉ. विकाश सिंह ने बताया कि चाकू लगने से जख्मी का खून काफी बह गया है. ऑपरेशन कर उसे अभी ऑब्जर्वेशन में रखा जाएगा.
सदर एसडीपीओ राज कुमार साह ने बताया कि एक युवक ने पुराने घरेलू विवाद में अपने पट्टीदार पर चाकू से हमला किया है. घायल की हालत गंभीर बताई जा रही है. साथ ही वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी ने खुद थाना पहुंचकर सरेंडर किया है. मामले की जांच पड़ताल जारी है.
(आरा से विशाल की रिपोर्ट)
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