जख्मी लोजपा नेता की इलाज के दौरान हुई मौत
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :04 May 2017 6:54 AM (IST)
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दुखद . महाराणा प्रताप नगर में मौत की सूचना मिलते ही लोगों की जुटी भीड़ आरा : अपराधियों के द्वारा किये गये हमले में जख्मी लोजपा के जिला सचिव सह लकड़ी व्यवसायी मुन्नू सिंह की इलाज के दौरान पटना में मौत हो गयी. बुधवार को पटना से उनका शव आरा लाया गया. मौत की खबर […]
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दुखद . महाराणा प्रताप नगर में मौत की सूचना मिलते ही लोगों की जुटी भीड़
आरा : अपराधियों के द्वारा किये गये हमले में जख्मी लोजपा के जिला सचिव सह लकड़ी व्यवसायी मुन्नू सिंह की इलाज के दौरान पटना में मौत हो गयी. बुधवार को पटना से उनका शव आरा लाया गया. मौत की खबर मिलते ही उनके आवास महाराणा प्रताप नगर में लोगों की भीड़ जुट गयी. एहतियात के तौर पर नवादा थाना पुलिस भी दलबल के साथ उनके आवास पर पहुंच गयी. महाराणा प्रताप का इलाका पुलिस छावनी में तब्दील हो गया था. लोगों में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश दिखा.
शव के आते ही महाराणा प्रताप नगर स्थित आवास पर परिजनों की चीत्कार और रोने की आवाज से पूरा माहौल गमगीन हो गया. लोग घर के बाहर निकल कर अपने चहेते नेता को देखने के लिए जुट गये. घर की महिलाएं शव के साथ लिपट कर रोने लगी. लोजपा नेता के शव का अंतिम संस्कार गांगी घाट पर किया गया. जहां बड़े बेटे गोलू ने पिता को मुखाग्नि दी. हालांकि घटना को लेकर पूरे परिवार में अपराधियों के प्रति आक्रोश दिखा.
बता दें कि हथियारबंद बाइक सवार अपराधियों ने लोजपा नेता सह लकड़ी व्यवसायी मुन्नू सिंह को गोली मार दी थी. गोली लगने से जख्मी मुन्नू सिंह को इलाज के लिए पटना में भरती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान दो मई की देर रात उनकी मौत हो गयी. बता दें कि मूल रूप से बलिगांव निवासी बबन सिंह के पुत्र मुन्नू सिंह अपने पूरे परिवार के साथ महाराणा प्रताप नगर में रहते थे. मुहल्ले के पास ही सड़क किनारे इनका मार्केट है, जिसमें लकड़ी का व्यवसाय करते थे.
बुधवार की दोपहर लोजपा नेता का शव पहुंचा आरा, जानकारी मिलते ही नवादा थाना पुलिस दलबल के साथ जुटी
लोजपा नेता को नम आंखों से दी गयी अंतिम विदाई
लोजपा नेता मुन्नू सिंह का शव उनके आवास पर आते ही लोगों की भीड़ जुट गयी. अपने चहेते नेता को देखने के लिए मुहल्ले से लेकर शहर के लोग उनके आवास पर जुट गये और उनके शव पर पुष्पांजलि अर्पित की. सभी लोगों ने नम आंखों से उनकी अंतिम विदाई दी. इस मौके पर लोजपा के जिलाध्यक्ष राजेश्वर सिंह, वार्ड पार्षद जितेंद्र शुक्ला, दिलीप सिंह, अधिवक्ता देवबलम सिंह, समाजसेवी अशोक तिवारी, अशोक सिंह, राजेंद्र सिंह सहित कई लोग मौजूद थे.
परिवार की रीढ़ थे मुन्नू सिंह
हत्या के एक मामले में मुन्नू सिंह के पिता बबन सिंह आरा मंडल कारा में सजा काट रहे है. तीन भाइयों में मुन्नू सिंह मंझले थे. पूरे परिवार की जिम्मेवारी इन्हीं के कंधों पर थी. हालांकि पूरे परिवार को समेट कर ले चलने वाले मुन्नू सिंह राजनीति के साथ- साथ लकड़ी का व्यवसाय भी करते थे, जिससे पूरे परिवार का भरण पोषण भी चलता था. हालांकि परिवार काफी दिनों से आपसी विवाद एवं वर्चस्व की लड़ाई को लेकर परेशान भी था. उनके मरने के बाद परिवार की रीढ़ ही टूट गयी है.
दो बच्चों के सिर से उठ
गया पिता का साया
लोजपा नेता मुन्नू सिंह के दो छोटे- छोटे बच्चे है. जो गोलू और मोलू बताये जाते हैं. घटना के बाद पिता के शव को देख कर दोनों शव से लिपट कर रोने लगे. बताया जा रहा है कि घटना के दिन दोनों अपने पिता के साथ मार्केट के बाहर बैठे हुए थे, तभी बाइक सवार अपराधियों ने घटना को अंजाम दिया था. हालांकि अपराधियों ने बच्चों को नहीं देखा. बुधवार को शव के साथ लिपट कर रो रहे बच्चों के आंखों में पिता की मौत का गम झलक रहा था.
पूरे परिवार में इस घटना को लेकर आक्रोश दिखा.
27 अप्रैल को अपराधियों ने दुकान पर चढ़ कर मारी थी गोली
27 अप्रैल को नकाबपोश अपराधियों ने देर शाम लोजपा के जिला सचिव व लकड़ी व्यवसायी मुन्नू सिंह को गोली मार दी थी. नवादा थाना क्षेत्र के महाराणा प्रताप नगर मोड़ के समीप नकाबपोश अपराधियों ने वारदात को अंजाम दिया था. अपराधी पांच की संख्या में थे और दो बाइक पर सवार थे. लोजपा नेता को गोली मारने के बाद अपराधी हवा में फायरिंग करते हुए भाग निकले थे. लोजपा नेता के पेट में दो गोली लगी थी.
शव पहुंचते ही पूरे परिवार में
मचा कोहराम
बुधवार की दोपहर मुन्नू सिंह का शव पटना से आरा पहुंचा. आरा के महाराणा प्रताप नगर उनके आवास पर शव पहुंचते ही पूरे परिवार में कोहराम मच गया. रोने- चिखने की आवाज सुनाई देने लगी. घर से निकल कर महिलाएं शव के साथ लिपट कर रोने लगी. आस- पास की महिलाएं भी जुट गयी और मुन्नू सिंह के परिजनों को ढाढ़स बंधाती दिखीं.
पांच के खिलाफ दर्ज है प्राथमिकी
इस घटना के बाद दूसरे दिन मुन्नू सिंह के बड़े भाई विश्वनाथ सिंह के बयान पर पांच लोगों के विरुद्ध नामजद मामला दर्ज कराया गया था. पुलिस इस मामले में अभी छानबीन कर ही रही थी कि लोजपा नेता की मौत हो गयी. घटना के बाद पुलिस पर भी दबाव बढ़ गया है. इतना ही नहीं पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. शव पहुंचने के बाद परिजनों में पुलिस के खिलाफ काफी नाराजगी दिखी.
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