तीन फुट के बदले 50 फुट खोद निकाला बालू

Published at :23 Feb 2017 12:59 AM (IST)
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तीन फुट के बदले 50 फुट खोद निकाला बालू

सख्ती. हाइकोर्ट के आदेश पर बालू के अवैध खनन की जांच के लिए पहुंचे सेंट्रल रेंज के डीआइजी अवैध बालू उत्खनन पर कोर्ट को सौंपनी है रिपोर्ट आरा/कोइलवर : उच्च न्यायालय के आदेश को लेकर सेंट्रल रेंज के डीआइजी शालीन अपनी टीम के साथ आज भोजपुर के कोइलवर और चांदी थाने के बालू घाटों पर […]

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सख्ती. हाइकोर्ट के आदेश पर बालू के अवैध खनन की जांच के लिए पहुंचे सेंट्रल रेंज के डीआइजी

अवैध बालू उत्खनन पर कोर्ट को सौंपनी है रिपोर्ट
आरा/कोइलवर : उच्च न्यायालय के आदेश को लेकर सेंट्रल रेंज के डीआइजी शालीन अपनी टीम के साथ आज भोजपुर के कोइलवर और चांदी थाने के बालू घाटों पर अवैध उत्खनन की जांच के लिए पहुंचे. इस दौरान डीआइजी शालीन कोइलवर और चांदी थाने के कुबेरचक, फरहंगपुर, खनगांव समेत अन्य घाटों का निरीक्षण किया. जांच के दौरान श्री शालीन ने प्रायः सभी घाटों को नियम विरुद्ध पाया. साथ ही घाटों पर मनमाने तरीके से हो रहे अवैध बालू उत्खनन पर अपनी नाराजगी जतायी.
सभी घाटों पर तय रकबे से अधिक क्षेत्रफल में हुई बालू निकासी पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए उन्होंने इसे संबंधित अधिकारियों की लापरवाही बतायी. घाटों पर उभरे बड़े-बड़े गड्ढों को देख कर बिफरते हुए उन्होंने कहा कि किस तरह से नदी के बेड के साथ छेड़छाड़ की गयी है, जो गड्ढे गवाही दे रहे हैं. खनन संबंधी नियमों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि तीन फुट से ज्यादा गहराई तक नदी को किसी सूरत में नहीं काटना है, लेकिन यहां तो पचासों फुट गहरी खाई बना दी गयी है. इस बात को लेकर उन्होंने जिला सहायक खनन पदाधिकारी गोपाल साह को भी जम कर डांट पिलाई.
कुबेरचक घाट पर डीआइजी से मिले ग्रामीण : जांच के क्रम में डीआइजी शालीन जब कुबेरचक घाट पर पहुंचे, तो ग्रामीणों ने उनसे मिल कर घाट को अवैध बताते हुए कार्रवाई की मांग की. उनका कहना था कि जिस कुबेरचक नाम से बालूघाट संचालित किया जा रहा है, वह इस जगह से पांच किलोमीटर दूर पश्चिम हाइवे पर है. इतना सुनते ही हैरत में पड़े श्री शालीन ने सीओ से वस्तुस्थिति की जानकारी ली और पूरे घाट को अवैध करार देने की बात कही.
पांच सौ मीटर की दूरी तय करने में डीआइजी ने लगाये पांच किमी के चक्कर : बहियारा गांव के सामने स्थित फरहंगपुर बालू घाट के बाद अगला घाट तकरीबन पांच सौ मीटर की दूरी पर था, लेकिन जांच टीम को वहां से बहियारा चांदी रूपचकिया खनगांव के रास्ते लगभग पांच किलोमीटर की दूरी नाप कर वापस खनगांव एक नंबर बालू घाट पर लाया गया, जो समझ से परे रहा.
मजदूरों को मिलने वाली सुविधाओं के बारे में भी की चर्चा : जांच के दौरान डीआइजी शालीन ने घाटों पर काम कर रहे मजदूरों से उनके हितों के बारे में बात की. मजदूरों को काम के दौरान मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं के बारे में उपस्थित कार्यरत मजदूरों से पूछा, तो मजदूरों ने ना में जवाब दिया. इस पर संबंधित अधिकारी से जवाब-तलब करते हुए पूछा कि नियम के मुताबिक अगर कार्यरत मजदूरों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं करायी जा रहीं, तो फिर इन घाटों को चलाने की मंजूरी किस नियम से दी गयी है. मालूम हो की खनन नियमों के मुताबिक कार्यस्थल पर मजदूरों को पीने का पानी, शौचालय, आरामगाह, मास्क, प्राथमिक चिकित्सा समेत अन्य मूलभूत सुविधाएं मुहैया करानी होती हैं.
कोइलवर थाने में भोजपुर, रोहतास व कैमूर के एसपी के साथ डीआइजी ने किया विचार-िवमर्श
कोइलवर थाने में घंटों चली माथापच्ची
कोइलवर व संदेश प्रखंड के पांच घाट कुबेरचक, फरहंगपुर, खनगांव, नानसागर, नारायणपुर के घाटों के निरीक्षण के उपरांत कोइलवर थाने में जांच टीम के डीआइजी शालीन ने भोजपुर, रोहतास व कैमूर के पुलिस अधीक्षक क्षत्रनील सिंह, मानवजीत सिंह ढिल्लो और हरप्रीत कौर के साथ घंटे भर विचार-विमर्श किया व वस्तुस्थिति पर चर्चा की.
क्या कहा जांच टीम के डीआइजी शालीन ने : उच्च न्यायालय के आदेश पर जांच को पहुंचे शालीन ने कहा कि उच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिका 17809/15 सुनील कुमार सिंह बनाम अन्य के आलोक में जांच की जा रही है. जांच रिपोर्ट माननीय न्यायालय को 21 मार्च को सीलबंद लिफाफे में सौंपी जायेगी.
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