विवि की प्रिंटिंग मशीन ठीक होते ही अंकपत्र छपाई शुरू

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 17 Aug 2024 9:38 PM

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टीएमबीयू के परीक्षा विभाग की प्रिंटिंग मशीन में खराब हो गयी थी. ऐसे में स्नातक पार्ट थ्री का टेबुलेशन रजिस्टर व अंक पत्र छपाई का काम बंद हो गया था.

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टीएमबीयू के परीक्षा विभाग की प्रिंटिंग मशीन में खराब हो गयी थी. ऐसे में स्नातक पार्ट थ्री का टेबुलेशन रजिस्टर व अंक पत्र छपाई का काम बंद हो गया था. इस कारण से कॉलेजों में टीआर नहीं भेजा गया था. मशीन शुक्रवार को ठीक कर ली गयी और छपाई का काम फिर से शुरू हो गया है. बताया जा रहा है कि टीएनबी कॉलेज के अंक पत्र का छपाई का काम पूरा हो गया है. परीक्षा नियंत्रक डॉ आनंद कुमार झा ने कहा कि सभी कॉलेजों के लिए टीआर तैयार करने के बाद अंक पत्र व प्रोविजनल की छपाई करायी जायेगी. उसे जल्द ही सभी कॉलेजों को भेज दिया जायेगा. बता दें कि टीआर व अंकपत्र के तैयार नहीं रहने से पीजी सत्र 2024-26 का नामांकन शेड्यूल जारी नहीं किया जा सका है.———————– इनोवेशन और स्टार्ट अप इंडिया पर दिया जोर ट्रिपल आइटी में बीटेक स्टूडेंट्स के लिए चल रहा दो दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम शनिवार को संपन्न हो गया. कार्यक्रम का उद्घाटन डीन एकेडमिक डॉ हिमाद्रि नायक, रजिस्ट्रार डॉ गौरव कुमार, कैंपस समन्वयक डॉ धीरज कुमार सिन्हा ने संयुक्त रूप से किया. डॉ नायक ने संस्थान के शैक्षणिक नियम-परिनियमों के बारे में विस्तार से प्रकाश डाला. वहीं, डॉ गौरव ने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें इनोवेशन और स्टार्ट अप इंडिया पर ध्यान देना पर बल दिया. उन्हें समाज के हित के लिए कार्य करने की जरूरत बतायी. डॉ धीरज ने संस्थान में छात्रों की सुविधा व वित्तीय सहायता के बारे में जानकारी दी. उन्होंने कहा कि विकसित भारत की दिशा में काम करने की आवश्यकता है. ——————— संस्कृत का महत्व प्राचीन कालों से ही चला आ रहा एसएम कॉलेज में शनिवार को संस्कृत विभाग की ओर से संस्कृत सप्ताह मनाया गया. कार्यक्रम में संस्कृत भाषा के महत्व पर वक्ताओं ने अपने विचार रखे. कार्यक्रम का उद्घाटन कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डाॅ मुकेश कुमार सिंह, संस्कृत विभाग की हेड डाॅ मधु कुमारी व डाॅ दीपक कुमार दिनकर ने दीप प्रज्वलित कर किया. मौके पर प्राचार्य ने कहा की संस्कृत प्राचीन भाषा है. वेद, शास्त्र, उपनिषद, गीता, रामायण, महाभारत आदि सभी भारतीय संस्कृति के ग्रंथ संस्कृत भाषा में ही लिखे गये हैं. संस्कृत को हिंदू धर्म की प्राचीनतम भाषा माना जाता है. यह संवाद और संचार की भाषा है. हेड डाॅ मधु ने कहा की संस्कृत का महत्व प्राचीन कालों से ही चला आ रहा है. पौराणिक गाथाओं में भी संस्कृत भाषा का प्रयोग होता था. संस्कृत भाषा एक विश्वव्यापी भाषा बन गयी. डाॅ दिनकर ने कहा की संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है. हिंदू धर्म में धार्मिक कार्य संस्कृत के श्लोक से ही संपन्न होते हैं. इस अवसर पर गेस्ट शिक्षक डाॅ बिनोद कुमार चौधरी की आयोग से स्थायी नियुक्ति जय प्रकाश विश्वविद्यालय छपरा में होने पर उन्हें विदाई भी दी गयी. साथ ही संस्कृत विभाग की पार्ट थ्री की छात्राओं को भी फेयरवेल दिया गया. इससे पहले विभाग की गेस्ट शिक्षिका डाॅ गुड़िया कुमारी की चार वर्षीय पुत्री यशवी वत्स ने संस्कृत भाषा में गीता पाठ करके सबको चौंका दिया. मौके पर डाॅ रीता सिंह, डाॅ मनोरमा सिंह, डाॅ सांत्वना कुमारी, डाॅ हिमांशु शेखर, डाॅ आनंद शंकर, डाॅ अजीत कुमार सोनू सहित छात्राएं आदि मौजूद थे.

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