गोड्डा स्टेशन की बदलेगी तस्वीर, बनेगा अत्याधुनिक कोचिंग डिपो

Published by : Shruti Kumari Updated At : 11 Jun 2026 1:26 PM

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गोड्डा स्टेशन परिसर में प्रस्तावित कोचिंग डिपो परियोजना से रेलवे अवसंरचना को मिलेगी मजबूती.

Godda Bhagalpur News: गोड्डा रेलवे स्टेशन को जल्द ही बड़ी सौगात मिलने वाली है. करीब 49 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक कोचिंग डिपो का निर्माण किया जायेगा. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने से ट्रेनों के रखरखाव, परिचालन क्षमता और रेल यात्रियों को मिलने वाली सुविधाओं में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है.

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भागलपुर से ललित किशोर मिश्र की रिपोर्ट:

Godda Bhagalpur News: अमृत भारत स्टेशन गोड्डा में रेलवे की परिचालन एवं अनुरक्षण आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए बहु-चरणीय योजना के तहत कोचिंग डिपो का निर्माण किया जायेगा. इस महत्वाकांक्षी परियोजना को मालदा मंडल से स्वीकृति मिल चुकी है और इसका कार्य डीआरएम की देखरेख में कराया जायेगा. परियोजना के पहले चरण पर लगभग 49 करोड़ रुपये खर्च किए जायेंगे. इसके पूरा होने के बाद गोड्डा स्टेशन की रखरखाव क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और ट्रेनों के संचालन को अधिक सुगम बनाया जा सकेगा.

रेलवे अवसंरचना को मिलेगा नया विस्तार

गोड्डा स्टेशन पर प्रस्तावित कोचिंग डिपो रेलवे के लिए एक महत्वपूर्ण अवसंरचनात्मक परियोजना मानी जा रही है. वर्तमान में कई अनुरक्षण कार्यों के लिए दूरस्थ सुविधाओं पर निर्भर रहना पड़ता है, लेकिन इस डिपो के निर्माण के बाद स्थानीय स्तर पर ही कई आवश्यक कार्य संपन्न किए जा सकेंगे. इससे समय की बचत होगी और ट्रेनों के परिचालन में लचीलापन आएगा. रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में क्षेत्रीय रेल सेवाओं को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगी.

पहले चरण में बनेगी पिट लाइन और स्टेबलिंग लाइन

परियोजना के प्रथम चरण के तहत 600 मीटर लंबी कैमटेक पिट लाइन और 600 मीटर लंबी स्टेबलिंग लाइन का निर्माण किया जाएगा. इन दोनों सुविधाओं के विकसित होने से कोचिंग स्टॉक की नियमित जांच, मरम्मत और अनुरक्षण कार्य अधिक व्यवस्थित तरीके से किए जा सकेंगे. साथ ही ट्रेनों और कोचों को सुरक्षित रूप से खड़ा करने की सुविधा भी उपलब्ध होगी. रेलवे के अनुसार इन सुविधाओं से परिचालन क्षमता में वृद्धि होगी और ट्रेन सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा.

मरम्मत कार्यों के लिए बनेगा आधुनिक शेड

कोचों की मरम्मत और अनुरक्षण कार्यों को बेहतर बनाने के लिए 60 मीटर × 15 मीटर आकार का सिक लाइन शेड भी बनाया जाएगा. इस शेड में तकनीकी कर्मियों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे रखरखाव कार्य अधिक प्रभावी ढंग से संपन्न हो सकेगा. इसके अलावा सर्विस रूम, सीडब्ल्यूएम कार्यालय, विद्युत उपकेंद्र और कंप्रेसर कक्ष जैसी आधारभूत सुविधाओं का भी निर्माण किया जाएगा. इससे डिपो संचालन को आधुनिक और व्यवस्थित स्वरूप मिलेगा.

जलापूर्ति और अन्य सुविधाओं पर भी रहेगा जोर

कोचिंग डिपो में पानी की जरूरतों को पूरा करने के लिए 50 किलोलीटर क्षमता की ऊपरी जल टंकी का निर्माण भी प्रस्तावित है. यह टंकी डिपो में अनुरक्षण और सफाई कार्यों के लिए आवश्यक जल उपलब्ध कराएगी. रेलवे ने परियोजना की योजना इस प्रकार तैयार की है कि भविष्य में बढ़ती जरूरतों के अनुसार इसका विस्तार भी किया जा सके. अधिकारियों के अनुसार यह डिपो रेलवे की दीर्घकालिक विकास योजनाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा.

रेल सेवाओं को मिलेगा नया बल

गोड्डा में कोचिंग डिपो बनने से रेलवे सेवाओं की क्षमता बढ़ेगी और ट्रेनों के रखरखाव में लगने वाला समय कम होगा. इससे यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित रेल सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी. रेलवे विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना न केवल गोड्डा बल्कि पूरे क्षेत्र के रेल नेटवर्क को मजबूती प्रदान करेगी. साथ ही रोजगार और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है. रेलवे की इस पहल को क्षेत्र के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

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