bhagalpur news. युवा पीढ़ी को राष्ट्र का इतिहास जानने की जरूरत : पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ

युवा पीढ़ी को राष्ट्र व समाज का इतिहास को जानने की जरूरत है. इतिहास कितना भी पुराना हो, उसे याद रखना चाहिए.
युवा पीढ़ी को राष्ट्र व समाज का इतिहास को जानने की जरूरत है. इतिहास कितना भी पुराना हो, उसे याद रखना चाहिए. भारत के हजारों साल की पुरानी सभ्यता व सांस्कृतिक पहचान है. इसे मिटाने का बार-बार प्रयास हुआ, लेकिन देश के महापुरुषों ने इतिहास को जाना और सच बोलने की ताकत रखी. उक्त बातें मशहूर राष्ट्रवादी चिंतक पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने रविवार को कही. मौका था भारत विकास परिषद, सत्यम शाखा, भागलपुर की ओर से टाउन हॉल में रजत जयंती समारोह पर आयोजित राष्ट्रवाद संगोष्ठी का. इससे पहले विधिवत उद्धाटन पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ एवं ट्रिपल आईटी के निदेशक प्रो मधुसूदन, भारत विकास परिषद के क्षेत्रीय संयुक्त महासचिव मुकेश कुमार एवं प्रांतीय उपाध्यक्ष डाॅ रतन कुमार संथालिया, संरक्षक डाॅ चन्द्रशेखर साह ने संयुक्त रूप से किया. महत्मा गांधी, इंदिरा गांधी, संजय गांधी व राजीव गांधी की हत्या के बारे में रखे अपने विचार इसी क्रम में पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने महात्मा गांधी, संजय गांधी, इंदिरा गांधी व राजीव गांधी की हत्या को लेकर अपने विचार रखे. इसे लेकर संदर्भ पुस्तक समेत अन्य संदर्भ की भी चर्चा की. उन्हाेंने महात्मा गांधी के बारे में भी अपने विचार रखे. भारत की सुंदरता की निशानी मां उन्होंने कहा कि मदर्स डे सिर्फ एक दिन नहीं, हर दिन हर पल है. पाश्चात्य संस्कृति में एक दिन मदर्स डे होता है. भारत की सुंदरता की निशानी मां है. छत्रपति शिवाजी की मां, विवेकानंद की मां प्रेरणास्रोत हैं. मनुष्य को हमेशा सत्य का पालन करना चाहिए. उन्हें सत्य से नहीं घबराना चाहिए. हिंदू को हिंदू बोलने में शर्म नहीं आना चाहिए. जात-पात, धर्म से ऊपर उठकर समाज और राष्ट्र के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान देना चाहिए. मनुष्य को अपनी पोशाक से नहीं अपनी कार्य श्रेष्ठता, संस्कार से पहचान बनानी चाहिए. अतिथियों का स्वागत भारत विकास परिषद, सत्यम शाखा ,भागलपुर के अध्यक्ष प्रवीण कुमार, सचिव प्रदीप जलान एवं कोषाध्यक्ष डाॅ मनीष जालान ने किया. स्वागत भाषण प्रांतीय उपाध्यक्ष डाॅ रतन कुमार संथालिया दिया. क्षेत्रीय संयुक्त महासचिव मुकेश कुमार ने भारत विकास परिषद से सभी को अवगत कराया. पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ जी का परिचय सुमित कुमार जैन ने कराया. रजत जयंती वर्ष की स्मारिका संस्कार का विमोचन पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने किया. संपादन का कार्य डाॅ पंकज टंडन एवं सह संपादक सुमित जैन ने किया. इस मौके पर अरविंद तिवारी, विकास झुनझुनवाला, रविंद्र गुप्ता, उज्जैन जैन मालू, गिरधारी केजरीवाल, नीरज भिवानीवाला, सीए पुनीत चौधरी ,लव चंद कोठारी, शंभू भगत, नरेश खेमका, ब्रह्मदेव प्रसाद साह, किशन लाल भालोटिया, संजय कुमार साह, राजेश कुमार झुनझुनवाला आदि उपस्थित थे. आयोजन में विधायक रोहित पाण्डेय, पूर्व कुलपति डाॅ पवन पोद्दार, पूर्व उप महापौर प्रीति शेखर, भाजपा के जिलाध्यक्ष संतोष कुमार, समाज सेवी लक्ष्मी नारायण डोकानिया, नवनीत ढंढानिया, अतुल ढंढानिया, रमण साह, कुंज बिहारी झुनझुनवाला, जैन समाज के महामंत्री पदम जैन, अंशु सिंह, बिनोद कुमार वैध, जगदीश चन्द्र मिश्र पप्पू आदि शामिल हुए. मैं भारत हूं नृत्य नाटिका के जरिये भारत की संस्कृति को संरक्षित करने का दिया संदेश सांस्कृतिक संयोजक श्वेता सुमन के निर्देशन में मैं भारत हूं नृत्य नाटिका की प्रस्तुति हुई. भारतीय संस्कृति का प्रतीक गौ, गंगा और गीता को बताया. यहां की प्राकृतिक संपदा गंगा, जंगल व पृथ्वी का संरक्षित करने को प्रेरित किया. साथ ही बेटियों के संरक्षण व सशक्तीकरण को प्रदर्शित किया. अक्रांताओं द्वारा भारत पर आक्रमण करने को दिखाया. इसमें मां भारती की पीड़ा देखने को मिली. आखिरी में स्वामी विवेकानंद समेत देश के क्रांतिकारी व महापुरुषों की झांकी प्रस्तुत किया गया. कलाकारों ने हर दृश्य को जीवंत कर दिया.
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