bhagalpur news. अब केवल किताबी ज्ञान नहीं, ””””ऑलराउंडर”””” बनने पर मिलेंगे अंक

Author Atul kumar
Updated:
विज्ञापन

राज्य के सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं के लिए इस बार वार्षिक मूल्यांकन काफी खास होने वाला है

विज्ञापन

राज्य के सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से आठ तक के छात्र-छात्राओं के लिए इस बार वार्षिक मूल्यांकन काफी खास होने वाला है. शिक्षा विभाग ने छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास को परखने के लिए ””””सह-शैक्षणिक गतिविधियों”””” (को-करिकुलर एक्टिविटिज) का नया खाका तैयार किया है. अब बच्चों को उनके व्यवहार, साफ-सफाई, नेतृत्व क्षमता और रचनात्मकता के आधार पर कुल 100 अंक दिये जायेंगे. ””””स्वच्छता”””” और ””””बोलने की कला”””” भी दिलायेगी मार्क्स

विभाग द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, मूल्यांकन में अब छात्र की स्कूल में उपस्थिति और समय की पाबंदी के लिए पांच अंक तय किये गये हैं. वहीं, सहपाठियों और शिक्षकों के साथ उनके व्यवहार के लिए चार अंक मिलेंगे. सबसे महत्वपूर्ण बदलाव ””””अभिव्यक्ति”””” के क्षेत्र में है, जिसमें भाषण, वाद-विवाद और तात्कालिक भाषण (एक्सटेम्पोर) के लिए सर्वाधिक 15 अंक निर्धारित किये गये हैं.

आपके शहर में

विज्ञापन

खेलकूद और सृजनात्मकता पर विशेष जोर

न केवल बौद्धिक, बल्कि शारीरिक और रचनात्मक गतिविधियों को भी मुख्यधारा में लाया गया है. खेलकूद (दौड़, कबड्डी, फुटबॉल) के लिए 10 अंक, जबकि चित्रकला और मधुबनी पेंटिंग जैसी कलात्मक योग्यताओं के लिए आठ अंक मिलेंगे. इसके अलावा, ””””कबाड़ से जुगाड़”””” यानी अनुपयोगी सामग्री से मॉडल बनाने वाले छात्र 10 अंक हासिल कर सकेंगे.

इन 12 पैमानों पर परखा जाएगा बच्चों का हुनर

गतिविधि का क्षेत्र : निर्धारित अंक

नियमितता व समयबद्धता : 05

सहयोग की प्रवृत्ति व व्यवहार : 04

वर्ग में सक्रियता (गणित/खेल/कविता) : 08

प्रश्न पूछना (क्विज) : 10

अभिव्यक्ति (भाषण/वाद-विवाद) : 15

खेल-कूद में सहभागिता : 10

साफ-सफाई (गणवेश/नाखून/हाथ धोना) : 10

गीत-गान (लोकगीत/वादन) : 10

चित्र बनाना (पेंटिंग/मिट्टी कला) : 08

नेतृत्व क्षमता (मॉनिटर/बाल संसद) : 10

सृजनात्मकता (मॉडल निर्माण) : 10

कुल योग : 100

खास बात : स्कूल में सजेंगे बच्चों के बनाये मॉडल

पत्र में स्पष्ट निर्देश दिया कि बच्चों द्वारा बनाये गये उत्कृष्ट मॉडल और कृतियों को स्कूल में सुरक्षित रखा जायेगा. उन पर संबंधित छात्र का नाम लिखकर उन्हें विद्यालय के विभिन्न कमरों में प्रदर्शित किया जायेगा, ताकि अन्य छात्र भी उनसे प्रेरित हो सकें. इसका उद्देश्य बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को बाहर निकालना और उन्हें भविष्य के लिए एक जिम्मेदार व कुशल नागरिक बनाना है. इस संबंध में राज्य शिक्षा शोध व प्रशिक्षण परिषद के निदेशक ने राज्य के सभी डीईओ को पत्र भेजा है.

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन