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Bhagalpur News: महाभारत व रामायण केवल ग्रंथ नहीं, भारत की सांस्कृतिक आत्मा है : अमी गणात्रा

Updated at : 12 Jul 2025 11:21 PM (IST)
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Bhagalpur News: महाभारत व रामायण केवल ग्रंथ नहीं, भारत की सांस्कृतिक आत्मा है : अमी गणात्रा

डीपीएस भागलपुर दीक्षापुरम की 20वीं वर्षगांठ पर लेखिका अमी गणात्रा का विद्यार्थियों से संवाद

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– डीपीएस भागलपुर दीक्षापुरम की 20वीं वर्षगांठ पर लेखिका अमी गणात्रा का विद्यार्थियों से संवाद

= महाभारत अनरावेल्ड भाग एक व दो और रामायण अनरावेल्ड जैसी बहुचर्चित पुस्तकों की लेखिका हैं अमी अणात्रा

वरीय संवाददाता, भागलपुर

डीपीएस भागलपुर के शैक्षणिक-आध्यात्मिक मंच दीक्षापुरम की 20वीं वर्षगांठ के अवसर पर शनिवार को टाउन हॉल में एक प्रेरणादायक संगोष्ठी का आयोजन किया गया. प्रसिद्ध लेखिका, योग प्रशिक्षिका एवं भारतीय ज्ञान परंपरा की विद्वान अमी गणात्रा ने विद्यार्थियों को संबोधित किया. कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रभुजी सच्चिदानंद जी महाराज थे. प्रभुजी ने कहा कि मानव जीवन का सर्वोच्च उद्देश्य आत्म-प्रबोधन है. शिक्षा उसी की ओर प्रथम कदम है. अमी गणात्रा ने भारतीय इतिहास और शास्त्र आधारित दृष्टिकोण को समकालीन समाज के समक्ष प्रस्तुत करने पर विद्यार्थियों के साथ अपना विचार साझा किये. उन्होंने कहा कि महाभारत और रामायण केवल ग्रंथ नहीं, अपितु भारत की सांस्कृतिक आत्मा है. इन्हें केवल पढ़ा नहीं, जिया जाना चाहिये. महाभारत अनरावेल्ड भाग एक व दो और रामायण अनरावेल्ड जैसी बहुचर्चित पुस्तकों की लेखिका होने के नाते उन्होंने यह स्पष्ट किया कि ये रचनाएं न तो कल्पनाएं हैं, न ही पुनर्कथन. बल्कि मूल शास्त्रों से आधारित, शोधपूर्ण प्रस्तुति हैं. आइआइएम अहमदाबाद एवं वीजेटीआई मुंबई की पूर्व छात्रा अमी ने विद्यार्थियों को भारतीय ज्ञान परंपरा, योग, संस्कृत और धर्मग्रंथों के गूढ़ अर्थों से परिचित कराया. सभी अतिथियों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया.

चैट जीपीटी आधारित शिक्षण पोर्टल का विमोचन

इस आयोजन के दौरान डीपीएस भागलपुर द्वारा विकसित एक अभिनव शिक्षण पोर्टल, चैट जीपीटी इन एजुकेशन का उद्घाटन किया गया. इसका उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता को शिक्षा के साथ जोड़ना है. प्राचार्या डॉ अरुणिमा चक्रवर्ती ने बताया कि यह मंच विद्यार्थियों को रचनात्मक सोच, आलोचनात्मक विश्लेषण और संवाद कौशल में दक्ष बनाने की दिशा में एक अग्रगामी कदम है.

द्रुपद गायन में वैदिक संगीत की झलक

कार्यक्रम का समापन द्रुपद गायन से हुआ. एकादशी के पावन अवसर पर वैदिक संगीत की दुर्लभ छटा देखने को मिली. राग मल्हार एवं राग भीमपलासी का गायन हुआ. कार्यक्रम में शहर के गणमान्य नागरिक, अभिभावक, शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे. इस दाैरान दीक्षापुरम परिसर में श्री विष्णु मंदिर के शिलान्यास की घोषणा की गयी. इसके अलावा भागलपुर के शीतला स्थान रोड के निकट अन्नपूर्णा भोजन सेवा में कृष्ण रात्रि भोजनालय की शुरुआत की गयी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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SANJIV KUMAR

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SANJIV KUMAR is a contributor at Prabhat Khabar.

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