30 नवंबर तक खुल जाएगा विक्रमशिला पुल, सीएम सम्राट ने तय की समयसीमा

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 31 May 2026 5:32 PM

विज्ञापन

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी

Vikramshila Bridge: भागलपुर पहुंचे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विक्रमशिला पुल का निरीक्षण कर बड़ा अपडेट दिया है. उन्होंने कहा कि पुल को जल्द दोबारा चालू किया जाएगा. फिलहाल टेम्पररी व्यवस्था की जाएगी और आम लोगों के लिए मुफ्त आवागमन की सुविधा भी मिलेगी.

विज्ञापन

Vikramshila Bridge: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी रविवार को भागलपुर के दौरे पर पहुंचे. यहां उन्होंने सबसे पहले विक्रमशिला पुल का निरीक्षण किया और वहां चल रहे मरम्मत काम का जायजा लिया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों को भरोसा देते हुए कहा कि इस पुल को बहुत जल्द फिर से चालू कर दिया जाएगा. उन्होंने साफ किया कि शुरुआत में इस पुल को अस्थायी रूप से खोला जाएगा, ताकि लोगों की परेशानियां कम हो सकें.

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक इस पुल पर सामान्य रूप से गाड़ियों का आवागमन दोबारा शुरू नहीं हो जाता, तब तक निजी गाड़ियों के ड्राइवरों और आम जनता को नदी के इस पार से उस पार ले जाने की पूरी व्यवस्था राज्य सरकार की तरफ से बिल्कुल मुफ्त की जाएगी. इसके लिए लोगों से कोई पैसा नहीं लिया जाएगा.

दो एजेंसियां कर चुकी हैं जांच, बदले जाएंगे पुल के तीन स्लैब

पुल की मजबूती को लेकर मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके सुपरस्ट्रक्चर की तकनीकी जांच अब तक दो अलग-अलग विशेषज्ञ एजेंसियों की तरफ से पूरी की जा चुकी है. इसके साथ ही अब एक तीसरी एजेंसी भी इस पूरे ढांचे की गहराई से जांच करने वाली है. उस तीसरी एजेंसी की फाइनल रिपोर्ट सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी. शुरुआती मरम्मत कार्य के तहत फिलहाल इस पुल के तीन मुख्य स्लैब को पूरी तरह से बदला जा रहा है. इससे पुल को तुरंत इस्तेमाल के लायक बनाया जा सकेगा.

30 नवंबर तक गाड़ियां दौड़ाने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आगे कहा कि पुल के जिन हिस्सों में इस समय बेली ब्रिज लगाया गया है, वहां पहले पूरी तरह से यह पक्का किया जाएगा कि आगे किसी दूसरे हिस्से को बदलने की कोई जरूरत तो नहीं है. जब इंजीनियर्स की टीम इससे पूरी तरह संतुष्ट हो जाएगी, तभी वहां पर निर्माण का काम पूरा किया जाएगा. इस पूरे प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए सरकार ने 30 नवंबर तक की आखिरी समय-सीमा तय कर दी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा लक्ष्य यही है कि आगामी 30 नवंबर तक हर हाल में इस पुल पर दोबारा से सभी छोटी-बड़ी गाड़ियों का परिचालन पूरी तरह शुरू करवा दिया जाए.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

विक्रमशिला पुल हादसे से लेकर अब तक का पूरा घटनाक्रम

  • भागलपुर के इस लाइफलाइन पुल को लेकर पिछले कुछ दिनों में प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर कई बड़े कदम उठाए गए हैं.
  • 3 मई को विक्रमशिला पुल का करीब 34 मीटर लंबा एक बड़ा स्लैब अचानक टूटकर गंगा नदी में समा गया था. इस बड़े हादसे के तुरंत बाद एहतियात के तौर पर पुल पर गाड़ियों की आवाजाही को पूरी तरह से बंद कर दिया गया.
  • 4 मई को बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने घटनास्थल का दौरा किया और अगले तीन महीने के भीतर इस काम को पूरा करने का दावा किया. इसी दिन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से फोन पर बात करके इस संकट से निपटने के लिए भारतीय सेना की मदद मांगी. इसके साथ ही इंजीनियर्स की एक विशेष टीम ने मौके पर जांच की और बताया कि पुल में एलिगेटर क्रेकिंग यानी गंभीर दरारें आ गई थीं.
  • 5 मई को केंद्र सरकार की बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (बीआरओ) की एक विशेष एक्सपर्ट टीम तुरंत भागलपुर पहुंची और उन्होंने दुर्घटनास्थल पर जाकर तकनीकी असेसमेंट का काम शुरू कर दिया.
  • 6 मई को बीआरओ की टीम ने अपने असेसमेंट का काम पूरा कर लिया. इसके तुरंत बाद सूबे के पथ निर्माण मंत्री कुमार शैलेंद्र ने खुद पुल का निरीक्षण किया और बीआरओ के अधिकारियों से वहां बनाए जाने वाले बेली ब्रिज की तकनीक और प्रगति के बारे में पूरी जानकारी ली.
  • 19 मई को पुल के टूटे हुए हिस्से और स्लैब के ऊपर सेना और इंजीनियर्स की मदद से पहले आधुनिक बेली ब्रिज को लॉन्च करने का काम सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया.
  • 24 मई को मरम्मत के काम को और आगे बढ़ाते हुए दूसरे बेली ब्रिज के भारी-भरकम गार्डर को भी सफलता के साथ लॉन्च कर दिया गया.
  • इसे भी पढ़ें: अयोध्या से सीतामढ़ी सिर्फ 5 घंटे, 6155 करोड़ की लागत से 2027 तक तैयार होगा राम-जानकी मार्ग
विज्ञापन
Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन