BHAGALPUR : टीएमबीयू का आधा दर्जन एमओयू, पर छात्रों को कोई लाभ नहीं

Published by :AMIT KUMAR SINH
Published at :11 May 2026 11:44 AM (IST)
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BHAGALPUR : टीएमबीयू का आधा दर्जन एमओयू, पर छात्रों को कोई लाभ नहीं

तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में मेमोरेंडम आफ अंडर स्टैंडिंग (एमओयू) करने के बाद भी कोई काम नहीं हो रहा है. टीएमबीयू ने आधा दर्जन संस्थानों के साथ एमओयू किया था. नतीजतन सारे एमओयू फाइलों में ही है.

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भागलपुर से आरफीन की रिपोर्ट :

तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में मेमोरेंडम आफ अंडर स्टैंडिंग (एमओयू) करने के बाद भी कोई काम नहीं हो रहा है. टीएमबीयू ने आधा दर्जन संस्थानों के साथ एमओयू किया था. नतीजतन सारे एमओयू फाइलों में ही है. आगे नहीं बढ़ पाया है. इस दिशा में विवि में काम होते, तो यहां के छात्र-छात्राओं को काफी लाभ मिलता.

पूर्व कुलपतियों के समय हुआ था एमओयू

विवि की पूर्व कुलपति प्रो नीलिमा गुप्ता के कार्यकाल में विवि प्रशासन ने बाॅटनिकल सर्वे आफ इंडिया , जूलाजिकल सर्वे आफ इंडिया, श्री गौशाला समिति व बिहार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी सबौर के साथ एमओयू किया था. साथ ही तत्कालीन कुलपति प्रो जवाहर लाल के कार्यकाल में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेघालय, ग्लोबल लीडर फाउंडेशन नयी दिल्ली व वीरेंद्र विवि राजशाही बांग्लादेश से एमओयू हुआ था. एमओयू के बाद से कार्य आगे नहीं बढ़ पाया.

छात्रों व शिक्षकों को मिलता शैक्षणिक लाभ

टीएमबीयू का दूसरे विश्वविद्यालयों से एमओयू करने के पीेछे उद्देश्य था कि टीएमबीयू के छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक स्तर पर लाभ मिलते. संस्थान के छात्र-शिक्षक एक दूसरे के लैब व फैकेल्टी के बारे में जानकरी अर्जित करते. बताया जा रहा है कि टीएमबीयू के छात्र किसी विषय पर शोध के लिए बीएयू के लैब का इस्तेमाल कर सकते व फैकेल्टी का भी सहयोग लेते. इस दिशा में आगे की प्रक्रिया ही नहीं बढ़ पायी. ऐसे में सवाल उठने लगे है.

किसानों को नहीं मिल पाया जैविक खाद

टीएमबीयू का एमओयू करने का उद्देश्य था कि किसानों तक कम कीमत पर जैविक खाद उपलब्ध कराना है. ताकि जैविक खेती तेजी से बढ़े. कैमिकल खाद की तुलना में वर्मी कंपोस्ट ज्यादा मारक होंगे. किसान को इससे ज्यादा लाभ मिलेगा. वर्मी कंपोस्ट को खेत में डालने के बाद लंबे समय तक मिट्टी में उर्वरा शक्ति बनी रहेगी. जबकि कैमिकल खाद का उपयोग 20 दिन के बाद दोबारा करना होता है. लेकिन धरातल पर योजना उतर नहीं पायी.

पूर्व कुलपति के जाने के बाद योजना आगे नहीं बढ़ी

विवि के एक सीनियर शिक्षक ने नाम नहीं छापने के शर्त पर कहा कि विवि की पूर्व कुलपतियों के जाने के बाद एमओयू पर आगे का काम नहीं बढ़ पायी. इसके बाद विवि में फाइल आगे नहीं बढ़ी.

नये कुलपति के आने के बाद ही होंगे काम : सीसीडीसी

विवि के सीसीडीसी प्रो एसएन पांडे ने कहा कि टीएमबीयू में नये कुलपति के आने के बाद ही इस दिशा में काम किया जायेगा. संबंधित शाखा से एमओयू की फाइल मांगा जा रहा है. फाइल आने के बाद मामले को देखा जा रहा है.

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